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20 करोड़ का कारोबार प्रभावित
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Fri, 08 Jan 2016 11:59 PM IST
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आल इंडिया बैंक इंपलाइज एसोसिएशन के आह्वान पर भारतीय स्टेट बैंक को छोड़कर सभी बैंकों की शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा। हड़ताली बैंककर्मियों ने स्टेट बैंक तथा निजी बैंकों समेत सभी बैंक शाखाओं पर प्रदर्शन किया। बंदी से बीस करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा।
हड़ताली बैक कर्मियों ने गाजीपुर तिराहा स्थित बैंक आफ बड़ौदा के सामने सामूहिक धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर संगठन के मंत्री रामअवतार सिंह ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक प्रबंधन के अनुचित दबाव में उसके सहयोगी बैंकों के प्रबंधक औद्योगिक स्तर पर संपादित द्विपक्षीय समझौतों के बाध्यकारी प्रावधान के खिलाफ सेवा शर्ते थोपने पर आमादा हैं।
सरकार व इंडियन बैंकर्स एसोसिएशन उदासीन बने हुए हैं। विरोध व प्रतिरोध की कार्यवाहियों को अनसुना किया जा रहा है। श्रम विभाग द्वारा प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है। बैंककर्मियों के समक्ष हड़ताल के अतिरिक्त अन्य विकल्प नहीं रहा है।
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कहा कि बैंककर्मी अपने कठोर परिश्रम व बलिदान से हासिल सेवा शर्तोँ को कत्तई नहीं बेचेंगे। मांगे न माने जाने की स्थिति में आंदोलन तेज करने को बाध्य हो जाएंगे। नरेंद्र सिंह ने कहा कि सहायक स्टेट बैंकों द्वारा किए जा रहे विपक्षी समझौतों के मनमाने उल्लंघन के खिलाफ सरकार तथा आईबीए द्वारा उदासीनता बढती जा रही है।
मांगों पर अविलंब विचार नहीं किया गया तो आंदोलन ते ज करना ही एक मात्र विकल्प है। इस अवसर पर जयप्रकाश गुप्त, बालाजी मोदी, सुधीर जायसवाल, संदीप गुप्ता, जयप्रकाश गुप्त, अभिमन्यु प्रसाद, अरुण कुमार, बीपी पांडेय, सुभाष, मनीष पांडेय, तेजनाथ यादव आदि शामिल थे।
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हड़ताली बैक कर्मियों ने गाजीपुर तिराहा स्थित बैंक आफ बड़ौदा के सामने सामूहिक धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर संगठन के मंत्री रामअवतार सिंह ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक प्रबंधन के अनुचित दबाव में उसके सहयोगी बैंकों के प्रबंधक औद्योगिक स्तर पर संपादित द्विपक्षीय समझौतों के बाध्यकारी प्रावधान के खिलाफ सेवा शर्ते थोपने पर आमादा हैं।
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सरकार व इंडियन बैंकर्स एसोसिएशन उदासीन बने हुए हैं। विरोध व प्रतिरोध की कार्यवाहियों को अनसुना किया जा रहा है। श्रम विभाग द्वारा प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है। बैंककर्मियों के समक्ष हड़ताल के अतिरिक्त अन्य विकल्प नहीं रहा है।
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कहा कि बैंककर्मी अपने कठोर परिश्रम व बलिदान से हासिल सेवा शर्तोँ को कत्तई नहीं बेचेंगे। मांगे न माने जाने की स्थिति में आंदोलन तेज करने को बाध्य हो जाएंगे। नरेंद्र सिंह ने कहा कि सहायक स्टेट बैंकों द्वारा किए जा रहे विपक्षी समझौतों के मनमाने उल्लंघन के खिलाफ सरकार तथा आईबीए द्वारा उदासीनता बढती जा रही है।
मांगों पर अविलंब विचार नहीं किया गया तो आंदोलन ते ज करना ही एक मात्र विकल्प है। इस अवसर पर जयप्रकाश गुप्त, बालाजी मोदी, सुधीर जायसवाल, संदीप गुप्ता, जयप्रकाश गुप्त, अभिमन्यु प्रसाद, अरुण कुमार, बीपी पांडेय, सुभाष, मनीष पांडेय, तेजनाथ यादव आदि शामिल थे।