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Mau News: आश्वासन के बाद भी नहीं शुरू हो सका ट्रेनों का संचालन
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मऊ। मुख्य संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण करने के 38 दिन के बाद भी इंदारा-दोहरीघाट रेलमार्ग पर ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाओं को बहाल तक नहीं किया जा सका है। जबकि गत एक अप्रैल को ट्रैक पर ट्रायल के दौरान रेलवे के आला अधिकारियों ने एक हफ्ते के अंदर ट्रेनों के संचालन का आश्वासन दिया था। ट्रेनों का संचालन न होने से जिले के तीन ब्लॉक के 100 गांवों के लोग मायूस हैं। परेशान ग्रामीणों ने रेल मंत्री को पत्र भेजकर प्रोजेक्ट को पूरा कराने की मांग की है।
35 किमी लंबे इंदारा-दोहरीघाट रेलमार्ग के लिए 165 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ। 20 अक्तूबर 2016 को तत्कालीन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने इंदारा जंक्शन पर आमान परिवर्तन की आधारशिला रखी थी। इस बीच 31 जनवरी 2018 को ही रेलवे की तरफ से रेल बस का संचालन बंद कर दिया गया था। इससे दोहरीघाट, बड़रांव, घोसी ब्लाक क्षेत्र के एक लाख आबादी को भारी असुविधा का सामना पड़ रहा था। पांच वर्ष बाद आमान परिवर्तन पूरा होने के बाद गत 31 मार्च 2023 को रेल संरक्षा आयुक्त पूर्वी जोन के साथ डीआरएम रामाश्रय पांडेय के साथ इंदारा-दोहरीघाट रेल मार्ग का निरीक्षण करने के बाद ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी देने के साथ ही दोहरीघाट रेलवे स्टेशन से ईएमयू के संचालन की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक रेल मार्ग पर ट्रेेनों का संचालन शुरू न होने से तीन ब्लाक क्षेत्र के लोगों के सपने पर ग्रहण सा लग गया है। हालत यह है कि अभी तक कोपागंज, घोसी, अमिला, दोहरीघाट सहित विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर विकास कार्य पूरा नहीं हो सका है।
ट्रायल होने के बाद भी नहीं पूरा हो सका निर्माण कार्य
घोसी। इंदारा-दोहरीघाट रेलमार्ग पर स्थित कस्बा स्थित रेलवे स्टेशन पर चल रहा निर्माण कार्य आधा अधूरा हो पाया है। नवनिर्माण के साथ आमान परिवर्तन के बाद बनी रेलवे ट्रैक का मुख्य संरक्षा अधिकारी ने निरीक्षण करके रेल संचालन की हरी झंडी तो दे दिया परंतु अभी भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। रेलवे स्टेशन पर जाने के लिए रास्ते को ठीक नहीं कराया जा सका है। यात्रियों के लिए पेयजल की व्यवस्था भी नहीं है। एकमात्र इंडिया मार्का हैंडपंप लगा है। वह भी सही से संचालित नहीं होता है। इसके साथ ही विद्युतीकरण की भी व्यवस्था नहीं हो पाई है। इस संबंध में अंसार अहमद, अनिल कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि शाम होते ही रेलवे स्टेशन अंधेरे में डूब जाता है।
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कोट
इंदारा-दोहरीघाट रेलमार्ग पर ट्रेनों के संचालन की अनुमति के लिए रेलवे बोर्ड को पत्र भेजा गया है। शीघ्र ही ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
अशोक कुमार
डीआरएम पीआरओ
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35 किमी लंबे इंदारा-दोहरीघाट रेलमार्ग के लिए 165 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ। 20 अक्तूबर 2016 को तत्कालीन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने इंदारा जंक्शन पर आमान परिवर्तन की आधारशिला रखी थी। इस बीच 31 जनवरी 2018 को ही रेलवे की तरफ से रेल बस का संचालन बंद कर दिया गया था। इससे दोहरीघाट, बड़रांव, घोसी ब्लाक क्षेत्र के एक लाख आबादी को भारी असुविधा का सामना पड़ रहा था। पांच वर्ष बाद आमान परिवर्तन पूरा होने के बाद गत 31 मार्च 2023 को रेल संरक्षा आयुक्त पूर्वी जोन के साथ डीआरएम रामाश्रय पांडेय के साथ इंदारा-दोहरीघाट रेल मार्ग का निरीक्षण करने के बाद ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी देने के साथ ही दोहरीघाट रेलवे स्टेशन से ईएमयू के संचालन की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक रेल मार्ग पर ट्रेेनों का संचालन शुरू न होने से तीन ब्लाक क्षेत्र के लोगों के सपने पर ग्रहण सा लग गया है। हालत यह है कि अभी तक कोपागंज, घोसी, अमिला, दोहरीघाट सहित विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर विकास कार्य पूरा नहीं हो सका है।
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ट्रायल होने के बाद भी नहीं पूरा हो सका निर्माण कार्य
घोसी। इंदारा-दोहरीघाट रेलमार्ग पर स्थित कस्बा स्थित रेलवे स्टेशन पर चल रहा निर्माण कार्य आधा अधूरा हो पाया है। नवनिर्माण के साथ आमान परिवर्तन के बाद बनी रेलवे ट्रैक का मुख्य संरक्षा अधिकारी ने निरीक्षण करके रेल संचालन की हरी झंडी तो दे दिया परंतु अभी भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। रेलवे स्टेशन पर जाने के लिए रास्ते को ठीक नहीं कराया जा सका है। यात्रियों के लिए पेयजल की व्यवस्था भी नहीं है। एकमात्र इंडिया मार्का हैंडपंप लगा है। वह भी सही से संचालित नहीं होता है। इसके साथ ही विद्युतीकरण की भी व्यवस्था नहीं हो पाई है। इस संबंध में अंसार अहमद, अनिल कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि शाम होते ही रेलवे स्टेशन अंधेरे में डूब जाता है।
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कोट
इंदारा-दोहरीघाट रेलमार्ग पर ट्रेनों के संचालन की अनुमति के लिए रेलवे बोर्ड को पत्र भेजा गया है। शीघ्र ही ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
अशोक कुमार
डीआरएम पीआरओ