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मानसून सत्र में राशि मिलने पर भी नहीं बने शौचालय
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Wed, 25 Jul 2018 11:45 PM IST
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जिले के बाढ़ प्रभावित दो ब्लाकों के गांवों में 3749 शौचालय निर्माण का निर्माण15 जून तक पूरा किया जाना था। इसके लिए चार करोड़ 49 लाख 88 हजार रुपये दो माह पहले संबंधित गांवों के खातों में भेज दिए गए थे। लेकिन समय सीमा बीत जाने के बाद भी महज 40 फीसदी शौचालयों के निर्माण ही हो पाए हैं। इससे तो निर्धारित तिथि दो अक्टूबर तक जनपद को ओडीएफ घोषित किए जाने के लक्ष्य पर प्रश्नचिह्न लग गया है। ऐसे में बीस गावों के प्रधानों को नोटिस दिया गया है।
जिले के दोहरीघाट और फतेहपुर मंडाव ब्लाक के 147 गांव बाढ़ प्रभावित चिह्नित किए गए है। चूंकि मानसून के आ जाने पर इन गांवों में बाढ़ का पानी आ जाने पर शौचालयों के निर्माण का कार्य पूरा हो पाना असंभव हो जाता , इसलिए प्रशासन ने इस गांवों के चयनित 3749 लाभार्थियों को शौचालय बनवाने के लिए अप्रैल और मई महीनों में दो किश्तों में भेज दी गई थी। जिलाधिकारी स्वयं रोजाना शाम को इन शौचालयों की प्रगति की समीक्षा करते रहे।
ग्राम प्रधानों को नोटिस दी जाती रही लेकिन शौचालयों के निर्माण की प्रगति धीमी ही रही। इन गावों के लाभार्थियों के सारे शौचालय 15 जून तक हर हाल में पूरा किए जाने के डीएम की ओर से चेतावनी दी जाती रही लेकिन नीचे के अधिकारी कर्मचारी अपनी चाल से चलते रहे।
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नतीजा यह रहा कि 24 जुलाई तक इन दोनों ब्लाकों में 1489 शौचालयों का निर्माण पूरा हो सका है। उधर घाघरा नदी में बाढ़ का पानी आ चुका है। नदी का पानी और अधिक बढ़ने पर पूरे देवारा इलाके में फैल जाएगा और ऐसी परिस्थितियों में शौचालय निर्माण पूरा हो पाना संभव नहीं हो पाएगा।
इस बाबत जिला पंचायत राज अधिकारी शेषदेव पांडेय का कहना है कि लापरवाही बरतने वाले 20 ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी की गई है। जबकि जिले भर के कुल 78 प्रधानों को नोटिस जारी की जा चुकी है। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि निर्धारित तिथि दो अक्टूबर तक पूूरे जिलेे को ओडीएफ घोषित करने योग्य बनाया जा सके। सुभाष यादव
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जिले के दोहरीघाट और फतेहपुर मंडाव ब्लाक के 147 गांव बाढ़ प्रभावित चिह्नित किए गए है। चूंकि मानसून के आ जाने पर इन गांवों में बाढ़ का पानी आ जाने पर शौचालयों के निर्माण का कार्य पूरा हो पाना असंभव हो जाता , इसलिए प्रशासन ने इस गांवों के चयनित 3749 लाभार्थियों को शौचालय बनवाने के लिए अप्रैल और मई महीनों में दो किश्तों में भेज दी गई थी। जिलाधिकारी स्वयं रोजाना शाम को इन शौचालयों की प्रगति की समीक्षा करते रहे।
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ग्राम प्रधानों को नोटिस दी जाती रही लेकिन शौचालयों के निर्माण की प्रगति धीमी ही रही। इन गावों के लाभार्थियों के सारे शौचालय 15 जून तक हर हाल में पूरा किए जाने के डीएम की ओर से चेतावनी दी जाती रही लेकिन नीचे के अधिकारी कर्मचारी अपनी चाल से चलते रहे।
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नतीजा यह रहा कि 24 जुलाई तक इन दोनों ब्लाकों में 1489 शौचालयों का निर्माण पूरा हो सका है। उधर घाघरा नदी में बाढ़ का पानी आ चुका है। नदी का पानी और अधिक बढ़ने पर पूरे देवारा इलाके में फैल जाएगा और ऐसी परिस्थितियों में शौचालय निर्माण पूरा हो पाना संभव नहीं हो पाएगा।
इस बाबत जिला पंचायत राज अधिकारी शेषदेव पांडेय का कहना है कि लापरवाही बरतने वाले 20 ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी की गई है। जबकि जिले भर के कुल 78 प्रधानों को नोटिस जारी की जा चुकी है। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि निर्धारित तिथि दो अक्टूबर तक पूूरे जिलेे को ओडीएफ घोषित करने योग्य बनाया जा सके। सुभाष यादव