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Mau News: 16 किलोमीटर में बनेंगे तीन अंडरपास, 60 से अधिक गांवों के लोगों को मिलेगी सहूलियत
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इंदारा-दोहरीघाट रेलमार्ग पर बहादुरपुर और गोंठा लोहारपुरा में अंडरपास निर्माण के लिए केंद्रीय रेल मंत्री ने मंजूरी दे दी है। वहीं, घोसी कस्बे के बड़ागांव में काम शुरू हो गया है।
केंद्रीय मंत्री ने अन्य दोनों स्थानों पर भी रेल अधिकारियों को रिकॉर्ड समय में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। नई लाइन बनने के बाद रेलवे ने तीनों स्थानों पर फाटक बंद कर दिए थे। इसके चलते 60 से अधिक गांवों की करीब दो लाख आबादी मुख्य मार्ग से कट गई है।
लोगों को बाजार और तहसील जाने के लिए पांच से छह किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। इन स्थानों पर अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने 10 से अधिक बार धरना-प्रदर्शन किया था। अब मांग पूरी होने की सूचना पर क्षेत्र में खुशी है।
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दोहरीघाट ब्लॉक के गोंठा लोहारपुरा और बहादुरपुर में अंग्रेजों के समय वर्ष 1901 में रेलवे फाटक बनाए गए थे। इंदारा-दोहरीघाट रेलमार्ग के गेज परिवर्तन के दौरान चार वर्ष पहले इन्हें बंद कर पटरी बिछा दी गई।
इससे ट्रैक के पूर्वी हिस्से के किसानों को गोंठा मंडी और गुड़ मंडी तक पहुंचने के लिए पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। गोंठा लोहारपुरा के पूर्व दिशा में चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल और पश्चिम दिशा में रेल पटरी है।
इनके बीच बसिया राम, लोहारपुरा, कुंवारी का पूरा, तिवारी पूरा और गड़ेरी का पूरा स्थित हैं। यहां आने-जाने के लिए रेलवे फाटक के अलावा कोई अन्य रास्ता नहीं था। ग्रामीणों का कहना है कि बीमार होने पर जहां 20 मीटर की दूरी पर एंबुलेंस पहुंच सकती थी, वहीं अब गांव पहुंचने के लिए उसे चार किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है।
वहीं, बहादुरपुर रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से आसपास के किसान कृषि कार्य के लिए रेलवे ट्रैक पार कर आने-जाने को मजबूर हैं। अनाज लाने-ले जाने के लिए भी पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
इनसेट-- -
दो किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ रही
अंडरपास निर्माण के लिए ग्रामीणों ने कई बार धरना-प्रदर्शन किया और रेलवे अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपा। इसी तरह समपार संख्या-14सी पर फाटक बंद होने से घोसी नगर पंचायत के बड़ागांव मोहल्ले सहित आसपास की कई ग्राम पंचायतों के हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से घोसी आने-जाने में करीब दो किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। खासकर बुजुर्गों, छात्रों और बीमार लोगों को अधिक दिक्कत होती है। मजबूरी में लोग रेलवे ट्रैक पार कर आवाजाही करते रहे।
सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष शमसुल हसन, पूर्व महामंत्री हरिद्वार राय, अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह और नागेंद्र राय के नेतृत्व में घोसी के लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम वाराणसी और केंद्रीय रेल राज्य मंत्री से मिलकर अंडरपास निर्माण की मांग की थी। 13 फरवरी 2024 को समपार संख्या-14सी पर अंडरपास निर्माण की स्वीकृति दी गई थी।
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केंद्रीय मंत्री ने अन्य दोनों स्थानों पर भी रेल अधिकारियों को रिकॉर्ड समय में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। नई लाइन बनने के बाद रेलवे ने तीनों स्थानों पर फाटक बंद कर दिए थे। इसके चलते 60 से अधिक गांवों की करीब दो लाख आबादी मुख्य मार्ग से कट गई है।
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लोगों को बाजार और तहसील जाने के लिए पांच से छह किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। इन स्थानों पर अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने 10 से अधिक बार धरना-प्रदर्शन किया था। अब मांग पूरी होने की सूचना पर क्षेत्र में खुशी है।
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दोहरीघाट ब्लॉक के गोंठा लोहारपुरा और बहादुरपुर में अंग्रेजों के समय वर्ष 1901 में रेलवे फाटक बनाए गए थे। इंदारा-दोहरीघाट रेलमार्ग के गेज परिवर्तन के दौरान चार वर्ष पहले इन्हें बंद कर पटरी बिछा दी गई।
इससे ट्रैक के पूर्वी हिस्से के किसानों को गोंठा मंडी और गुड़ मंडी तक पहुंचने के लिए पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। गोंठा लोहारपुरा के पूर्व दिशा में चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल और पश्चिम दिशा में रेल पटरी है।
इनके बीच बसिया राम, लोहारपुरा, कुंवारी का पूरा, तिवारी पूरा और गड़ेरी का पूरा स्थित हैं। यहां आने-जाने के लिए रेलवे फाटक के अलावा कोई अन्य रास्ता नहीं था। ग्रामीणों का कहना है कि बीमार होने पर जहां 20 मीटर की दूरी पर एंबुलेंस पहुंच सकती थी, वहीं अब गांव पहुंचने के लिए उसे चार किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है।
वहीं, बहादुरपुर रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से आसपास के किसान कृषि कार्य के लिए रेलवे ट्रैक पार कर आने-जाने को मजबूर हैं। अनाज लाने-ले जाने के लिए भी पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
इनसेट
दो किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ रही
अंडरपास निर्माण के लिए ग्रामीणों ने कई बार धरना-प्रदर्शन किया और रेलवे अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपा। इसी तरह समपार संख्या-14सी पर फाटक बंद होने से घोसी नगर पंचायत के बड़ागांव मोहल्ले सहित आसपास की कई ग्राम पंचायतों के हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से घोसी आने-जाने में करीब दो किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। खासकर बुजुर्गों, छात्रों और बीमार लोगों को अधिक दिक्कत होती है। मजबूरी में लोग रेलवे ट्रैक पार कर आवाजाही करते रहे।
सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष शमसुल हसन, पूर्व महामंत्री हरिद्वार राय, अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह और नागेंद्र राय के नेतृत्व में घोसी के लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम वाराणसी और केंद्रीय रेल राज्य मंत्री से मिलकर अंडरपास निर्माण की मांग की थी। 13 फरवरी 2024 को समपार संख्या-14सी पर अंडरपास निर्माण की स्वीकृति दी गई थी।