UP: नशे के सौदागर देवर-भाभी सहित तीन लोग गिरफ्तार, 30 किलो गांजा भी बरामद; पुलिस को देख भाग रहे थे
उत्तर प्रदेश की मऊ पुलिस को इन तस्करों की तलाश काफी दिनों से थी। इन पर कई मामले भी दर्ज हैं। सटीक सूचना मिलते ही पुलिस ने देवर-भाभी को घेर लिया। कार्रवाई में एक और महिला भी गिरफ्तार हुई है।
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UP Crime News: मऊ शहर कोतवाली और एसओजी टीम ने नशे का व्यापार करने वाले देवर-भाभी की जोड़ी के साथ तीन लोगों को 30 किलो 292 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। इन लोगों की तलाश कई दिनों से चल रही थी। बरामद गांजा की कुल कीमत तीन लाख 60 हजार रुपये हैं।
इस मामले का खुलासा करते हुए सीओ सिटी अंजनी कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस टीम ने बलिया जिले के कोतवाली आनंद नगर निवासी प्रियंका श्रीवास्तव पत्नी प्रियांशु श्रीवास्तव, मिथुन सिंघा पुत्र चितरंजन निवासी गोराईमंडी उदल गुड़ी थाना उदित गुड़ी जनपद उदलगुड़ी (असम) और बसंती सिंघा पत्नी सुनील सिंघा निवासी गोरीमंडी उदित गुड़ी थाना उदित गुड़ी जनपद उदलगुड़ी (असम) को कासिम पोखरी रेलवे ट्रैक के पास से शनिवार रात 9:30 बजे गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त में मिथुन और बसंती रिश्ते में देवर और भाभी हैं, जो असम से गांजा ले आकर प्रियंका के साथ बेचा करते थे।
79 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नोटिस
स्थानीय ब्लॉक में कार्यरत 79 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सीडीपीओ ने लापरवाही पर कारण बताओ नोटिस जारी की है। कल तक सभी काम पूरा नहीं होने पर सेवा समाप्ति के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखने की चेतावनी दी है। इसके पहले कुछ आंगनबाड़ियों का मानदेय रोक दिया गया था।
सीडीपीओ घोसी राधेश्याम पाल ने शुक्रवार को कार्यालय पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि घोसी ब्लॉक में 209 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कार्यरत हैं। इनमें से 79 ऐसी हैं, जिनके द्वारा लाभार्थियों का चेहरा प्रमाणीकरण, पोषण ट्रैकर में ई-केवाईसी और फेस कैप्चर नहीं किया जा रहा है, इनकी प्रगति शून्य है।
इन्हें तीन का समय देते हुए सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है। बताया कि सभी को बुलाकर प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वो जल्द से जल्द काम पूरा कर सकें और कार्रवाई से बचाया जा सके।