डेंगू के तीन केस, हालत सुधरी
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शारदा नारायन हास्पिटल में डेंगू के तीन पाजिटिव मरीज मिले हैं। शारदा नारायन हास्पिटल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संजय सिंह का कहना है कि तीन मरीजों को डेंगू के पाजीटिव लक्षण मिले हैं, उन मरीजों का इलाज करके उन्हें घर भेज दिया गया है, कोई चिंता की बात नहीं है। जबकि मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि डेंगू का पाजीटिव मरीज नहीं मिला है। उनका का दावा है कि शहर के अलावा चिह्नित इलाकों में फागिंग कराई जा रही है। उनका कहना है कि जांच में एक लाख से प्लेटलेट्स नीचे आने पर मरीज संदेह के दायरे में आता है। जांच कर मरीज को बीएचयू रेफर कर दिया जाता है।
सूत्रों की मानें तो संक्रामक रोगों व मच्छरों की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान से लेकर विकास तथा चिकित्सा विभाग के माध्यम से लगभग 24 मदों में प्रतिवर्ष एक करोड़ से अधिक का बजट कागजी कोरम की भेंट चढ़ जाता है। कहने के लिए जिला अस्पताल सहित तीन प्राथमिक, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 36 नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। सीएचसी पीएचसी तो दूर डेंगू की जांच के लिए जिला अस्पताल में मात्र प्राथमिक जांच की ही सुविधा है। जिले के गांवों में साफ सफाई की स्थिति बदतर है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रत्येक गांवों में ग्राम प्रधान व एएनएम के संयुक्त खाते में 10 हजार रुपये की धनराशि भी भेजी जाती है। उक्त धनराशि से फागिंग व छिड़काव सहित विभिन्न काम कराना होता है, लेकिन आमतौर पर यह सिर्फ कागजों पर ही होता है।