फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   There are 45 cameras installed on the railway station platform, they remain closed for eight hours

Mau News: रेलवे स्टेशन के प्लेटफाॅर्म पर लगे हैं 45 कैमरे, आठ घंटे रहते हैं बंद

Mon, 02 Jun 2025 11:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 02 Jun 2025 11:18 PM IST
विज्ञापन
There are 45 cameras installed on the railway station platform, they remain closed for eight hours
मऊ। मऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। यूपीएस सिस्टम खराब होने के कारण बीते दो माह से सीसीटीवी कैमरे निरंतर नहीं चल रहे हैं। प्लेटफाॅर्म पर लगे 45 कैमरे 24 घंटे में 12 घंटे बंद रहते हैं। बैटरी बैकअप नहीं मिलने से कंट्रोल रूम में बिजली सप्लाई बंद हो जाती है।
विज्ञापन

यहां से रोजाना 12 हजार से अधिक यात्री आवागमन करते हैं। ऐसे में कोई भी अराजक तत्व यात्रियों की भीड़ का हिस्सा बनकर कोई भी आपराधिक घटना को अंजाम दे सकता है। कैमरा बंद होने की स्थिति में जीआरपी को घटना से संबंधित सुराग नहीं मिल पाएगा। इसको लेकर बीते दो माह में आरपीएफ और जीआरपी ने रेलवे बोर्ड को पांच बार पत्र लिखा, लेकिन अब तक इंतजाम नहीं हो पाया।
विज्ञापन

सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मऊ जंक्शन के प्लेटफाॅर्म नंबर एक और दो पर 2021 में 45 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मॉनीटरिंग के लिए आरपीएफ थाना परिसर में आधुनिक सुविधाओं से लैस कंट्रोल रूम स्थापित किया गया। लेकिन समय बीतने के साथ ही उपकरण पुराने हो गए। अब बीते दो माह से स्थिति ये है कि यूपीएस सिस्टम खराब हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बैटरी बैकअप नहीं मिलने से बिजली कटने पर कंट्रोल रूम और कैमरे की सप्लाई बंद हो जाती है। मैकेनिक आने और दोबारा ठीक करने में एक से दो घंटे लगता है। कभी कभी पूरा दिन और कभी 24 घंटे तक ठीक नहीं हो पाता है।
सोमवार की को टीम ने पड़ताल किया तो पता चला कि सुबह छह बजे से दोपहर तीन बजे तक कंट्रोल रूम में बिजली नहीं थी। टीम वहां दोपहर तीन बजे तक मौजूद थी, तब तक कंट्रोल रूम चालू नहीं हो पाया था। सुबह छह बजे से दोपहर तीन बजे तक अलग अलग रूटों पर चलने वाली 23 ट्रेनों का मऊ जंक्शन पर ठहराव हुआ। यदि इस बीच किसी यात्री का सामान चोरी हो जाए या कोई बड़ी घटना हो जाए तो, इसका कोई सुराग नहीं मिलेगा।

आरपीएफ और जीआरपी को महत्वपूर्ण तथ्य जुटाने में परेशानी उठानी पड़ेगी। वहीं इस संबंध में वाराणसी मंडल के उच्चाधिकारियों से बात की गई तो सभी कैमरे ठीक हालत में होने की बात बता रहे हैं। जबकि बीते दो माह में आरपीएफ और जीआरपी द्वारा पांच बार पत्र भेजकर कैमरे ठीक कराने की मांग की जा चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed