फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   The village is on the city's arbitrary Kotedaron

शहर से गांव तक जारी है कोटेदारों की मनमानी

Tue, 12 Jul 2016 11:34 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
ब्यूरो, अमर उजाला Updated Tue, 12 Jul 2016 11:34 PM IST
विज्ञापन
जिले में कोटेदारों की मनमानी शहर से लेकर गांव तक व्याप्त है, इन दिनों पात्र गृहस्थी संशोधन का मामला इन कोटेदारों के भष्ट्राचार में चार चांद लगा रही है। बीते माह पात्र गृहस्थी को लेकर दर्जनों धरना प्रदर्शन और सड़क जाम की घटनाएं हुई। कोपागंज में तो कोटेदार ने एक उपभोक्ता को पीट भी दिया। लेकिन सुनवाई के नाम पर सिर्फ एफआईआर दर्ज कर लिया गया।
विज्ञापन

पिछले चार महीने से जिले में पात्र गृहस्थी सूची के लाभार्थियों का चयन  और सत्यापन का कार्य चल रहा है। लेकिन मार्च 2016 से जून अवधि तक आवंटित  गेहूं और  चावल की उठान नियमित रूप से होती रही है। लेकिन पात्र गृहस्थी  सूची के अनुसार लाभार्थियों को अनाज का वितरण कोटेदारों द्वारा नहीं किया  जा रहा है।
विज्ञापन


जनपदवासियों को हैरानी है कि आखिर इन चार महीनों में कोटेदारों  ने आवंटित खाद्यान्न तीन लाख 47 हजार 908 कुंतल अनाज सरकारी गोदामों से   उठाया। वह कहां गया? अनाज का आवंटन और उठान पात्र गृहस्थी सूची के अनुसार  किया गया है लेकिन उसका वितरण इस सूची  के अनुसार नहीं किया गया है।  कहीं-कहीं ज्यादा विराध होने पर बीपीएल सूची के अनुसार कार्डधारकों को  थोड़ा बहुत खाद्यान्न वितरित कर दिया गया है। रोजाना जिला  मुख्यालय से लेकर तहसील मुख्यालयों, जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय पर  विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। डीएम वैभव श्रीवास्तव का कहना है कि दुकानदारों द्वारा अनियमितता की शिकायतें मिलने पर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। सूची के भौतिक सत्यापन गांव गांव में खुली बैठकें कराकर किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed