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Mau News: बदला मौसम का मिजाज, रिमझिम बारिश ने बढ़ाई ठंड
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मऊ। दिसंबर की शुरुआत से ही मौसम का रुख लगातार बदल रहा है। शुरुआती दिनों में जहां कोहरे ने दस्तक दी तो वहीं पिछले दो दिन मौसम काफी गर्म रहा लेकिन बुधवार की शाम से अचानक एक बार फिर मौसम ने करवट ली और हवाओं का रुख बदलने के साथ मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया, जो बृहस्पतिवार को पूरे दिन जारी रहा। बुधवार की रात से शुरू हुई हल्की बारिश बृहस्पतिवार को पूरे दिन होती रही। मौसम के इस बदले मिजाज ने जिले में एक बार फिर से ठंड का एहसास कराया।
बृहस्पतिवार को जिले का न्यूनतम तापमान 17 डिग्री और अधिकतम 23 डिग्री रहा। आठ किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवाएं चलती रहीं। बारिश के बाद से जिले में भी बदले मौसम का असर रहा। सुबह से रुक-रुक कर कभी बूंदाबांदी तो कभी रिमझिम बारिश होती रही। इस बीच लोगों को भींगते हुए जाते देखा गया। बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित रहा। लोगों को भींगते हुए जाते देखा गया। लोगों के शरीर पर दिन भर गर्म कपड़े लदे रहे।
बूंदाबांदी से ग्रामीण सड़कों पर लोग संभल कर चलते रहे। कीचड़ और हल्के जलजमाव से दो पहिया वाहनों की रफ्तार की कम रही। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, हल्की बूंदाबांदी तथा बारिश से रबी की जिन फसलों की बुवाई हो चुकी है, जमाव हो चुका है। उनके लिए तो यह संजीवनी साबित होगी, लेकिन जो अन्नदाता अभी खेतों की भराई कर गेहूं की बुवाई की प्रतीक्षा में थे, उनको अब कुछ दिनों के लिए इंतजार और करना पड़ सकता है।
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खेतों में पानी लगने से नमी अधिक और कीचड़ होने से तैयार खेतों में भी दो से तीन दिन की देरी होगी। लोगों का कहना है कि मौसम के इस बदले मिजाज ने इस बात का भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में ठंड में इजाफा होगा। जिला कृषि अधिकारी ओमप्रकाश गुप्ता का कहना है कि सर्दी वाली बारिश से अभी फसलों पर नुकसान नहीं पड़ेगा। ज्यादा बारिश होती है तो फसलों पर असर पड़ सकता है।
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बृहस्पतिवार को जिले का न्यूनतम तापमान 17 डिग्री और अधिकतम 23 डिग्री रहा। आठ किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवाएं चलती रहीं। बारिश के बाद से जिले में भी बदले मौसम का असर रहा। सुबह से रुक-रुक कर कभी बूंदाबांदी तो कभी रिमझिम बारिश होती रही। इस बीच लोगों को भींगते हुए जाते देखा गया। बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित रहा। लोगों को भींगते हुए जाते देखा गया। लोगों के शरीर पर दिन भर गर्म कपड़े लदे रहे।
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बूंदाबांदी से ग्रामीण सड़कों पर लोग संभल कर चलते रहे। कीचड़ और हल्के जलजमाव से दो पहिया वाहनों की रफ्तार की कम रही। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, हल्की बूंदाबांदी तथा बारिश से रबी की जिन फसलों की बुवाई हो चुकी है, जमाव हो चुका है। उनके लिए तो यह संजीवनी साबित होगी, लेकिन जो अन्नदाता अभी खेतों की भराई कर गेहूं की बुवाई की प्रतीक्षा में थे, उनको अब कुछ दिनों के लिए इंतजार और करना पड़ सकता है।
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खेतों में पानी लगने से नमी अधिक और कीचड़ होने से तैयार खेतों में भी दो से तीन दिन की देरी होगी। लोगों का कहना है कि मौसम के इस बदले मिजाज ने इस बात का भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में ठंड में इजाफा होगा। जिला कृषि अधिकारी ओमप्रकाश गुप्ता का कहना है कि सर्दी वाली बारिश से अभी फसलों पर नुकसान नहीं पड़ेगा। ज्यादा बारिश होती है तो फसलों पर असर पड़ सकता है।