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बैंक खाते में जमा धन हो गया शून्य
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Fri, 06 Jan 2017 11:18 PM IST
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बैँक आफ बड़ौदा के लघु शाखा पर अपने साथ हुए अपने साथ हुए धोखाधड़ी के बाद बैंक का पासबुक दिखाते लोग।
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नगर के परदहां मिल रोड पर स्थित बैंक आफ बड़ौदा के फ्रेंचाइजी ने सैकड़ों खाताधारकों के लाखों रुपयों का वारा न्यारा कर दिया। घटना की जानकारी शुक्रवार को उस समय हुई जब एक खाताधारक रुपये निकालने लिए शाखा पहुंचा। उसे बताया गया कि उसके खाते में एक भी रुपये नहीं हैं। जबकि उसने तीन बार में 37 हजार पांच सौ रुपये अपने खाते में जमा कर चुका है। खबर लगते ही काफी संख्या में खाताधारक शाखा पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया।
नगर के बैंक आफ बड़ौदा के मेन शाखा के अंतर्गत नगर के ही नगर के ही परदहा स्पिनिंग मिल रोड पर एक लघु शाखा एक साल पहले खोली गई थी। पीएम मोदी के जनधन खाता खोलने की घोषणा के बाद नए खाता खुलवाने वालों की भारी भीड़ जब मेन ब्रांच पर होती थी तो यहां आने वाले लोगों को उस लघु शाखा की सेवाएं लेने की सलाह देकर वहीं भेज दिया जाता था। कुछ ही महीनों में सैकड़ों लोगों ने खाते खुलवाकर लाखों रुपये जमा कर दिए। विरोध प्रदर्शन करने वालों का आरोप था कि फ्रेंचाइजी आशीर्वाद गौतम उनके बैंक पास बुक पर रकम कलम से चढ़ाकर दे देता था। कई खाताधारकों की पासबुक वह काम की अधिकता का बहाना करके अपने पास रख लेता था। उनसे कहता कि रकम चढ़ाकर बाद में दे देगा।
शुक्रवार को फ्रेंचाइजी के गोलमाल की सूचना मिलते ही आनन फानन काफी संख्या में लोग जुट गए। किन्नूपुर की आशा सिंह का कहना है कि उसने सात महीने यहां पर एक हजार रुपये ये खाता खुलवाया था। बाद में तीन हजार और 33 हजार पांच सौ रुपये जमा किए। इसी प्रकार किन्नूपुर के ही जन्नू राजभर ने 25 हजार रुपये, बरसी देवी ने 15 हजार रुपये ,इंदू राजभर ने 25 हजार रुपये, परदहा गांव के मुन्ना ठाकुर , गोविंद राम ने 40 हजार रुपये ,अंगूर लाल ने 49 हजार रुपये, कविलाश ने चार हजार रुपये ,ऊषा ने चार हजार रुपये और निर्माला चौबे ने 76 हजार रुपये , अनीशा ने 40 हजार रुपये कंचन मौर्य ने ददस हजार सरस्वती ने नौ हजार रुपये और चांदनी मौर्य 14 हजार रुपये जमा करने की बात कही। इन सबके पास बैंक जमा रसीद की कापी है। कई खाताधारकों के पास बैक पासबुक भी है जिस पर जमा रकम कलम से चढ़ाई गई है। विरोध प्रदर्शन के बाद फ्रैंचाइजी भाग गया। जानकारी पाकर बैंक के प्रबंधक एनके श्रीवासतव मौके पर पहुंचे। उन्होंने खाताधारकों की बातें सुनीं। पासबुकें देखीं और आश्वासन दिया कि उनके जमा रुपये मिलेेंगे। तब जाकर खाताधारक शांत हुए। इस बाबत प्रबंधक का कहना है कि घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई हैं। जांच के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया गया है। कमेटी एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। इसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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नगर के बैंक आफ बड़ौदा के मेन शाखा के अंतर्गत नगर के ही नगर के ही परदहा स्पिनिंग मिल रोड पर एक लघु शाखा एक साल पहले खोली गई थी। पीएम मोदी के जनधन खाता खोलने की घोषणा के बाद नए खाता खुलवाने वालों की भारी भीड़ जब मेन ब्रांच पर होती थी तो यहां आने वाले लोगों को उस लघु शाखा की सेवाएं लेने की सलाह देकर वहीं भेज दिया जाता था। कुछ ही महीनों में सैकड़ों लोगों ने खाते खुलवाकर लाखों रुपये जमा कर दिए। विरोध प्रदर्शन करने वालों का आरोप था कि फ्रेंचाइजी आशीर्वाद गौतम उनके बैंक पास बुक पर रकम कलम से चढ़ाकर दे देता था। कई खाताधारकों की पासबुक वह काम की अधिकता का बहाना करके अपने पास रख लेता था। उनसे कहता कि रकम चढ़ाकर बाद में दे देगा।
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शुक्रवार को फ्रेंचाइजी के गोलमाल की सूचना मिलते ही आनन फानन काफी संख्या में लोग जुट गए। किन्नूपुर की आशा सिंह का कहना है कि उसने सात महीने यहां पर एक हजार रुपये ये खाता खुलवाया था। बाद में तीन हजार और 33 हजार पांच सौ रुपये जमा किए। इसी प्रकार किन्नूपुर के ही जन्नू राजभर ने 25 हजार रुपये, बरसी देवी ने 15 हजार रुपये ,इंदू राजभर ने 25 हजार रुपये, परदहा गांव के मुन्ना ठाकुर , गोविंद राम ने 40 हजार रुपये ,अंगूर लाल ने 49 हजार रुपये, कविलाश ने चार हजार रुपये ,ऊषा ने चार हजार रुपये और निर्माला चौबे ने 76 हजार रुपये , अनीशा ने 40 हजार रुपये कंचन मौर्य ने ददस हजार सरस्वती ने नौ हजार रुपये और चांदनी मौर्य 14 हजार रुपये जमा करने की बात कही। इन सबके पास बैंक जमा रसीद की कापी है। कई खाताधारकों के पास बैक पासबुक भी है जिस पर जमा रकम कलम से चढ़ाई गई है। विरोध प्रदर्शन के बाद फ्रैंचाइजी भाग गया। जानकारी पाकर बैंक के प्रबंधक एनके श्रीवासतव मौके पर पहुंचे। उन्होंने खाताधारकों की बातें सुनीं। पासबुकें देखीं और आश्वासन दिया कि उनके जमा रुपये मिलेेंगे। तब जाकर खाताधारक शांत हुए। इस बाबत प्रबंधक का कहना है कि घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई हैं। जांच के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया गया है। कमेटी एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। इसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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