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Mau News: दो साल में तीन बार बदला अस्पताल का स्थान, टीम के पहुंचने से पहले बंद किया

Thu, 05 Feb 2026 12:53 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 05 Feb 2026 12:53 AM IST
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The hospital's location changed three times in two years and was closed before the team arrived.
गर्भवती महिला की मौत के मामले में समाचार प्रकाशित होने के बाद टीम के पहुंचने से पहले बुधवार को निजी अस्पताल पर ताला लटकता मिला। विभाग ने अस्पताल संचालक को चिह्नित कर उसे नोटिस देने की कवायद में जुट गया है।
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सितंबर माह के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा बिना पंजीयन के संचालित अस्पताल पर यह बीते चार माह में पहली कार्रवाई है। विभाग का दावा है कि मधुबन तहसील में जल्द ही टीम बनाकर बिना पंजीयन के संचालित अस्पतालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं यह बंद अस्पताल बीते दो साल में तीन बार अपनी जगह बदला लेकिन इसको लेकर जिम्मेदारों को कोई भनक तक नहीं हो सकी। सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही जांच शुरू कर दी गई है।
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अस्पताल संचालक को नोटिस देने की कवायद की जा रही है, साथ ही अस्पताल की जांच होगी। बताया कि अस्पताल संचालक टीम के पहुंचने से अस्पताल बंद होने की सूचना मिली है, नोटिस चस्पा किया जाएगा।
साथ ही मधुबन तहसील में बिना पंजीयन के संचालित अस्पतालों को लेकर विभाग ने दो टीमें गठित की है, विभाग द्वारा औचक छापे मारकर इन अस्पतालों पर कार्रवाई की जाएगी।
मधुबन तहसील के कटघराशंकर मोड़ के पास संचालित निजी अस्पताल में मधुबन थाना क्षेत्र के समसपुर अहिरौली निवासी गर्भवती सुमन का बीते 29 जनवरी का गलत तरीके से आपरेशन करने के बाद से स्थिति खराब हो गई थी।
लगातार ब्लीडिंग होने के चलते आनन फानन में उसे रेफर कर दिया गया था। परिजन उसे बीएचयू लेकर पहुंचे थे, लेकिन वहां भी महिला की स्थिति गंभीर देखकर चिकित्सकों ने भर्ती करने से इंकार दिया था। जहां दूसरे निजी अस्पताल में परिजनों ने भर्ती कराया था, सोमवार की रात महिला की मौत हो गई थी।
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जगह बदलकर चल रहा था अस्पताल
जिस अस्पताल में प्रसूता की मौत हुई है, वही तीन साल में तीन बार अपना स्थान बदला। चौकाने वाली बात है कि सीएमओ कार्यालय में मधुबन में पंजीकृत अस्पतालों की संख्या 10 से भी कम है, लेकिन संचालन 30 से अधिक अस्पतालों का हो रहा है। कटघराशंकर मोड़ से पहले यह अस्पताल मधुबन के बनियाबान तिराहे पर संचालित हो रहा था। जहां एक मरीज के इलाज में लापरवाही के बाद हंगामा होने पर यह अस्पताल पानी की टंकी के पास स्थानातरित हो गया था। छह माह पहले ही यह अस्पताल कटघराशंकर मोड़ पर शुरू हुआ था।

एक लापरवाही से दो घरों में पसरा मातम
मदासमसपुर निवासी सुमन राजभर की शादी 12 वर्ष पहले बलिया जिले के सिकंदरपुर निवासी जितेंद्र राजभर के साथ हुई थी। बारह साल बाद सुमन के गर्भवती होने के बाद से दोनों घरों में खुशी का माहौल था। कुछ माह पहले ही सुमन अपने मायके आई थी, बीते 29 जनवरी को महिला को निजी अस्पताल में आपरेशन के बाद उसकी बेटी के जन्म को लेकर खुशी थी, लेकिन तीन दिन बाद सुमन की मौत के बाद सुमन की मौत से यह खुशी मातम में पसर गया। मृतका चचेरा भाई अनिल ने बताया कि बहन का अंतिम संस्कार उसके ससुराल सिंकदरपुर में बुधवार को किया गया है। बताया कि बृहस्पतिवार को वह इस मामले में मधुबन थाने में तहरीर देंगे।
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