{"_id":"6942fe8bd07c98d8bf09bfb4","slug":"the-heaviest-fog-of-the-season-visibility-was-two-meters-and-vehicle-speed-slowed-down-mau-news-c-295-1-svns1028-137868-2025-12-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: सीजन का सबसे ज्यादा कोहरा, दो मीटर रही दृश्यता, वाहनों की रफ्तार थमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: सीजन का सबसे ज्यादा कोहरा, दो मीटर रही दृश्यता, वाहनों की रफ्तार थमी
विज्ञापन
बुधवार की सुबह कोहरे के बीच स्कूल जाते बच्चे।संवाद
मऊ। ठंड के साथ कोहरे का प्रकोप बढ़ गया है। मंगलवार की रात से पूरे जिले में घने कोहरे की चादर तन गई थी। दो मीटर रही दृश्यता होने के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई। सुबह रोडवेज बसों का परिचालन प्रभावित रहा। दोपहर 12 बजे के बाद धूप निकलने से लोगों ने राहत महसूस की।
घना कोहरा छाने के कारण तड़के दो मीटर तक साफ नहीं दिखाई दे रहा था। भोर में चलने वाली रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित रहा। रात से कोहरा पड़ना शुरू हो गया था। इससे लोग अपने घरों से देर से निकले। वहीं, वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा था। रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं, अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आर्द्रता 58 प्रतिशत रही जबकि छह किमी की प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि शीतलहर से बचने की जरूरत है। बुजुर्ग, उच्च रक्तचाप, हृदयाघात, मधुमेह, सांस के रोगी सर्तक रहें। गुनगुने पानी का सेवन करें और शरीर को गर्म कपड़ों से ढक कर रखें।
विज्ञापन
विज्ञापन
घना कोहरा छाने के कारण तड़के दो मीटर तक साफ नहीं दिखाई दे रहा था। भोर में चलने वाली रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित रहा। रात से कोहरा पड़ना शुरू हो गया था। इससे लोग अपने घरों से देर से निकले। वहीं, वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा था। रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
वहीं, अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आर्द्रता 58 प्रतिशत रही जबकि छह किमी की प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि शीतलहर से बचने की जरूरत है। बुजुर्ग, उच्च रक्तचाप, हृदयाघात, मधुमेह, सांस के रोगी सर्तक रहें। गुनगुने पानी का सेवन करें और शरीर को गर्म कपड़ों से ढक कर रखें।
विज्ञापन