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Mau News: पैसा न देने पर परिवार को फर्जी मुकदमे में फंसाया, 8 नामजद
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कोपागंज। स्थानीय थाना क्षेत्र के जुम्मनपुरा मुहल्ला निवासी जियाउर्रहमान की तहरीर व डीआईजी आजमगढ़ के निर्देश पर धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने बुधवार की शाम आठ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि सभी ने पीड़ित से बेवजह पैसों की मांग की, नहीं देने पर कूटरचित दस्तावेज के सहारे पूरे परिवार को फर्जी मुकदमे में फंसा दिया। विवेचना के बाद पूरा परिवार निर्दोष साबित हुआ।
जियाउर्रहमान द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे के अनुसार वो और इनके भाइयों से 38 साल पहले खरीदी गई जमीन को गलत बताते हुए जुम्मनपुरा निवासी अब्दुल अली, अब्दुल मलिक, माहे निकहत, अब्दुल्लाह, ताविश, शाहिद, शहर थाना कोतवाली के हट्ठीमदारी निवासी औरंगजेब और इमरान पैसों की मांग करने लगे। पैसा देने से इनकार करने पर अब्दुल अली ने साजिश के तहत कूटरचित करीके से अपने पिता अब्दुल गनी का मुत्यु प्रमाणपत्र बनवा लिया।
अब्दुल गनी की मृत्यु 29 जनवरी 1992 को हुई थी, जो नगर पंचायत कोपागंज में दर्ज है। लेकिन कूटरचित मृत्यु प्रमाण पत्र 15 मार्च 1993 का बनवाया गया। जिसका प्रयोग करके सभी ने उनके और उनके परिवार के खिलाफ कोपागंज थाना में मुकदमा दर्ज करा दिए, जिसका वादी अब्दुल अली था। इसकी विवेचना पूरी होकर फाइनल रिपोर्ट लग गई, जिसमें परिवार के द्वारा कोई अपराध न होना पाया गया है। थानाध्यक्ष रविंद्रनाथ राय ने बताया कि कूटरचित प्रमाणपत्र के आधार पर परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाने के आरोप में आठ के खिलाफ कार्रवाई की है।
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जियाउर्रहमान द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे के अनुसार वो और इनके भाइयों से 38 साल पहले खरीदी गई जमीन को गलत बताते हुए जुम्मनपुरा निवासी अब्दुल अली, अब्दुल मलिक, माहे निकहत, अब्दुल्लाह, ताविश, शाहिद, शहर थाना कोतवाली के हट्ठीमदारी निवासी औरंगजेब और इमरान पैसों की मांग करने लगे। पैसा देने से इनकार करने पर अब्दुल अली ने साजिश के तहत कूटरचित करीके से अपने पिता अब्दुल गनी का मुत्यु प्रमाणपत्र बनवा लिया।
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अब्दुल गनी की मृत्यु 29 जनवरी 1992 को हुई थी, जो नगर पंचायत कोपागंज में दर्ज है। लेकिन कूटरचित मृत्यु प्रमाण पत्र 15 मार्च 1993 का बनवाया गया। जिसका प्रयोग करके सभी ने उनके और उनके परिवार के खिलाफ कोपागंज थाना में मुकदमा दर्ज करा दिए, जिसका वादी अब्दुल अली था। इसकी विवेचना पूरी होकर फाइनल रिपोर्ट लग गई, जिसमें परिवार के द्वारा कोई अपराध न होना पाया गया है। थानाध्यक्ष रविंद्रनाथ राय ने बताया कि कूटरचित प्रमाणपत्र के आधार पर परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाने के आरोप में आठ के खिलाफ कार्रवाई की है।
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