{"_id":"60d3783e8ebc3e2d465473c2","slug":"the-distance-between-the-river-and-the-ring-tied-was-only-thirty-meters-mau-news-vns596524691","type":"story","status":"publish","title_hn":"नदी और रिंग बंधे की दूरी रह गयी मात्र तीस मीटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नदी और रिंग बंधे की दूरी रह गयी मात्र तीस मीटर
विज्ञापन
दोहरीघाट (मऊ)। सरयू नदी के जलस्तर 24 घंटे में मात्र पांच सेमी की कमी हुई है। जलस्तर में हुई मामूली कमी के बाद नदी पूरे दिन स्थिर रही। वही नवली गांव के समीप कटान शुरु हो गई है। इधर नवली गांव देवारा क्षेत्र भी तेजी से कटान हो रही है। इधर नदी का सारा दबाव मुक्तिधाम, श्मशान घाट, भारत माता मन्दिर पर आ गया है। मंदिर को बचाने की पूरी कवायद सिंचाई विभाग कर रहा है। सरयू नदी का जलस्तर मंगलवार को सायं चार बजे 69.71 मीटर पर था। बुधवार को सायं चार बजे पांच सेंमी से घटकर 69.66 मीटर पर आ गया।
नवली गांव के समीप नदी में कटान शुरु गई है। नदी के बैक रोलिंग करने से करीब चार विस्वा भूमि कटकर नदी की धारा में विलीन हो गयी है। गांव के जगदीश साहनी, योगेंद्र, रघुवर, राजेंद्र, महेंद्र, सुरेंद्र साहनी समेत आदि लोगों की करीब दस एकड़ भूमि पहले ही नदी की धारा में कटकर विलीन हो गयी है।
इधर नदी के बैकरोलिग करने से नवली गांव के समीप बने स्पर पर कटान का खतरा मण्डराने लगा है। नदी सीधे स्पर को नीचे कटान कर रही है। वहाँ रखे बोल्डर धीरे-धीरे नदी की धारा में विलीन होते जा रहे है। नवली गांव के समीप रिंग बंधे की दूरी अब मात्र तीस मीटर रह गयी है जबकि तीसरी बार बसाये गये। इस गांव पर एक बार फिर कटान का खतरा मण्डराने लगा है। जबकि नदी का जलस्तर घटने से थोड़ा कटान का वेग कम हुआ है, लेकिन खतरा अभी चला नहीं है।
विज्ञापन
बाढ़ खण्ड आजमगढ़ के एक्सएन दिलीप कुमार ने बताया कि नवली गांव के समीप नदी की कटान शुरु हुई है जिसे रोकने के लिये परकू पाइन विधि का भी इस्तेमाल किया गया है जबकि नदी लाला के खेत के पास कटान करते हुए ज्यादा गहरी हो गयी है। कटान पर काबू पाने के लिये प्रयास किये जा रहे है।इधर नवली गांव वालों का कहना है कि नदी कि जलस्तर जैसे बढ़ेगा बंधों पर नदी का दबाव बनेगा जो हम गांव वासियों के लिये खतरा बढ़ेगा वही नदी की धारा मोड़ने के लिये दो और ठोकर बनाने की मांग की है।
विज्ञापन
नवली गांव के समीप नदी में कटान शुरु गई है। नदी के बैक रोलिंग करने से करीब चार विस्वा भूमि कटकर नदी की धारा में विलीन हो गयी है। गांव के जगदीश साहनी, योगेंद्र, रघुवर, राजेंद्र, महेंद्र, सुरेंद्र साहनी समेत आदि लोगों की करीब दस एकड़ भूमि पहले ही नदी की धारा में कटकर विलीन हो गयी है।
विज्ञापन
इधर नदी के बैकरोलिग करने से नवली गांव के समीप बने स्पर पर कटान का खतरा मण्डराने लगा है। नदी सीधे स्पर को नीचे कटान कर रही है। वहाँ रखे बोल्डर धीरे-धीरे नदी की धारा में विलीन होते जा रहे है। नवली गांव के समीप रिंग बंधे की दूरी अब मात्र तीस मीटर रह गयी है जबकि तीसरी बार बसाये गये। इस गांव पर एक बार फिर कटान का खतरा मण्डराने लगा है। जबकि नदी का जलस्तर घटने से थोड़ा कटान का वेग कम हुआ है, लेकिन खतरा अभी चला नहीं है।
विज्ञापन
बाढ़ खण्ड आजमगढ़ के एक्सएन दिलीप कुमार ने बताया कि नवली गांव के समीप नदी की कटान शुरु हुई है जिसे रोकने के लिये परकू पाइन विधि का भी इस्तेमाल किया गया है जबकि नदी लाला के खेत के पास कटान करते हुए ज्यादा गहरी हो गयी है। कटान पर काबू पाने के लिये प्रयास किये जा रहे है।इधर नवली गांव वालों का कहना है कि नदी कि जलस्तर जैसे बढ़ेगा बंधों पर नदी का दबाव बनेगा जो हम गांव वासियों के लिये खतरा बढ़ेगा वही नदी की धारा मोड़ने के लिये दो और ठोकर बनाने की मांग की है।