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Mau News: एक डिग्री गिरा पारा, दिनभर छाए रहे बादल, बढ़ी ठिठुरन
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मऊ। जनपद में बुधवार को एक बार फिर अधिकतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
जिले का अधिकतम तापमान जहां 19 डिग्री वहीं न्यूनतम तापमान 9 डिग्री रहा। रोज की अपेक्षा पछुआ हवाओं की गति भी लगभग 2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती रही।
सोमवार को धूप निकलने के बाद जनपद में बीते दो दिनों से सूर्य देव का दर्शन भी नहीं हुआ है। आसमान में बादलों ने डेरा डाल रखा है जिससे आने वाले दिनों में एक बार फिर बूंदाबांदी की संभावना है बढ़ने लगी है। पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली बर्फबारी का असर अब इस मैदानी क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है।
वहीं शहर क्षेत्र में मिर्जाहादीपुरा, आजमगढ़ तिराहा, गाजीपुर तिराहा, रोडवेज, ब्रह्मस्थान, भीटी, बलिया मोड़, बाल निकेतन तिराहा, चौक सहित अनेक जगहों पर जल रहे अलाव के पास बैठे रहे। गलन बढ़ने से लोग बचाव के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे है। चिकित्सक का कहना है कि ठंड से बचाव के लिए बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान देना चाहिए। बच्चों में थोड़ी सी लापरवाही से निमोनिया प्रभावित कर सकती है। बुजुर्ग ठंडे का पानी का सेवन न करें और हमेशा गर्म कपड़े पहने रहे। घर से बाहर निकलते समय कान, गला, सीना और पैर को पूरी तरह ढक ले।
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जिले का अधिकतम तापमान जहां 19 डिग्री वहीं न्यूनतम तापमान 9 डिग्री रहा। रोज की अपेक्षा पछुआ हवाओं की गति भी लगभग 2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती रही।
सोमवार को धूप निकलने के बाद जनपद में बीते दो दिनों से सूर्य देव का दर्शन भी नहीं हुआ है। आसमान में बादलों ने डेरा डाल रखा है जिससे आने वाले दिनों में एक बार फिर बूंदाबांदी की संभावना है बढ़ने लगी है। पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली बर्फबारी का असर अब इस मैदानी क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है।
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वहीं शहर क्षेत्र में मिर्जाहादीपुरा, आजमगढ़ तिराहा, गाजीपुर तिराहा, रोडवेज, ब्रह्मस्थान, भीटी, बलिया मोड़, बाल निकेतन तिराहा, चौक सहित अनेक जगहों पर जल रहे अलाव के पास बैठे रहे। गलन बढ़ने से लोग बचाव के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे है। चिकित्सक का कहना है कि ठंड से बचाव के लिए बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान देना चाहिए। बच्चों में थोड़ी सी लापरवाही से निमोनिया प्रभावित कर सकती है। बुजुर्ग ठंडे का पानी का सेवन न करें और हमेशा गर्म कपड़े पहने रहे। घर से बाहर निकलते समय कान, गला, सीना और पैर को पूरी तरह ढक ले।
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