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Mau News: 25 साल बाद सर्वे, 60 दिन संचालन, अब कम यात्री दिखाकर बंद कर दी रोडवेज बस सेवा

Mon, 13 May 2024 01:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 13 May 2024 01:00 AM IST
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Survey after 25 years, operation for 60 days, now roadways bus service stopped showing less passengers
मऊ। कोपागंज भातकोल मार्ग पर 60 दिन चलने के बाद रोडवेज बस सेवा को कम यात्री दिखाकर बंद कर दिया गया। जबकि इस रूट पर हर 10 मिनट में ऑटो की सवारी मिलती है। इस रूट पर व्यस्तता का आकलन इसी से किया जा सकता है कि इस रूट पर 40 से अधिक ऑटो, तीन निजी बसें चलती हैं। वहीं परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस रूट पर बस के लिए डीजल का भी खर्च नहीं निकल पा रहा था।
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25 साल बाद 19 अप्रैल 2023 को इस मार्ग पर रोडवेज बस का ट्रायल हुआ। ट्रायल सफल होने के बाद 24 अप्रैल 2023 को रोडवेज बस का संचालन शुरू हुआ। ये बस सुबह नौ बजे कोपागंज-भातकोल-मुहम्मदाबाद गोहना होते हुए आजमगढ़ के लिए चलाई गई थी। लेकिन एक सप्ताह बाद खराब सड़क का हवाला देकर ड्राइवर ने जाने से मना कर दिया। क्षेत्रीय लोगों की मांग पर परिवहन निगम के अधिकारियों ने दोबारा 21 अगस्त 2023 को वीडियोग्राफी करते हुए ट्रायल किया था। फिर ट्रायल सफल होने पर दोबारा बस का संचालन शुरू हुआ। लेकिन ये बस निरंतर नहीं चल सकीं। निगम के अधिकारियों का तर्क है कि कोपागंज से भातकोल तक ही सवारियों का टोटा है। लेकिन वहां से मुहम्मदाबाद गोहना से आजमगढ़ मार्ग पर सवारियों की कमी नहीं है। सैकड़ों रोडवेज बसें इसी मार्ग से लखनऊ और कानपुर के लिए चलती हैं। ये मार्ग लखनऊ को बलिया और बिहार के कुछ जिलों को जोड़ती है। हर रोड पुराघाट से भातकोल-मुहम्मदाबाद होते हुए वाराणसी और एक बस कोपागंज से भातकोल-मुहम्मदाबाद-आजमगढ़ से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होते हुए लखनऊ जाती है। ये बसें मुहम्मदाबाद गोहना तक जाते-जाते पूरी तरह भर जाती हैं। सवाल ये है कि जब इन बसों को सवारी मिलती है तो रोडवेज ने क्यों घाटा दिखाया।
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इनसेट

निगम के अधिकारियों का दावाः सड़क संकरी

हालांकि परिवहन निगम का एक तर्क ये भी है कि कोइरियापार में सड़क काफी संकरी है, बड़ी मुश्किल से ही बस निकल पाती है। सवाल ये भी है कि दो-दो बार सर्वे और ट्रायल के समय अधिकारियों को ये खराब और संकरी सड़क क्यों नहीं दिखी।
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