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Mau News: मरीज बन क्लीनिक पहुंचे अधीक्षक, दस्तावेज नहीं मिलने पर किया सील
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रतनपुरा। विकासखंड मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दक्षिण में स्थित ढैचा चट्टी पर अवैध रूप से संचालित क्लीनिक को बुधवार को सीएचसी अधीक्षक ने सील कर दिया।
अधीक्षक ने दो दिन के अंदर क्लीनिक से संबंधित सभी दस्तावेज देने का निर्देश दिया। ढैचा चट्टी पर बीके भारद्वाज जो सीमावर्ती गाजीपुर जनपद की पाली ग्राम पंचायत के निवासी हैं। अवैध रूप से लालसा क्लीनिक के नाम से अपना क्लीनिक वर्षों से संचालित कर रहे थे। क्लीनिक के साथ उनका मेडिकल स्टोर भी है।
रतनपुरा सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर भैरव कुमार पांडेय बुधवार को मरीज बनकर लालसा क्लीनिक में पहुंचे, जहां मरीजों की भीड़ लगी थी। कुछ देर वास्तविकता का आकलन करने के बाद अधीक्षक ने जब डॉक्टर बीके भारद्वाज से पूछताछ कर उनकी डिग्री मांगी तो वह नहीं दिखा सके।
अधीक्षक ने उन्हें चेतावनी देते हुए दिन का का समय दिया और डिग्री न दिखाने पर लालसा क्लिनिक को सील कर दिया।
उन्होंने बताया कि अवैध रूप से संचालित क्लीनिक को लेकर शिकायत की गई थी। जिसके बाद वह स्वयं मरीज बनकर क्लीनिक पर पहुंचे थे। पूछताछ के दौरान चिकित्सक केे पास कोई दस्तावेज नहीं था। जांच के दौरान कोई पंजीकरण भी नहीं पाया गया है। सभी बिंदुओं पर जांच करने के बाद क्लीनिक को सील कर दिया गया है, दो दिन में दस्तावेज नहीं मिला तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अधीक्षक ने दो दिन के अंदर क्लीनिक से संबंधित सभी दस्तावेज देने का निर्देश दिया। ढैचा चट्टी पर बीके भारद्वाज जो सीमावर्ती गाजीपुर जनपद की पाली ग्राम पंचायत के निवासी हैं। अवैध रूप से लालसा क्लीनिक के नाम से अपना क्लीनिक वर्षों से संचालित कर रहे थे। क्लीनिक के साथ उनका मेडिकल स्टोर भी है।
रतनपुरा सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर भैरव कुमार पांडेय बुधवार को मरीज बनकर लालसा क्लीनिक में पहुंचे, जहां मरीजों की भीड़ लगी थी। कुछ देर वास्तविकता का आकलन करने के बाद अधीक्षक ने जब डॉक्टर बीके भारद्वाज से पूछताछ कर उनकी डिग्री मांगी तो वह नहीं दिखा सके।
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अधीक्षक ने उन्हें चेतावनी देते हुए दिन का का समय दिया और डिग्री न दिखाने पर लालसा क्लिनिक को सील कर दिया।
उन्होंने बताया कि अवैध रूप से संचालित क्लीनिक को लेकर शिकायत की गई थी। जिसके बाद वह स्वयं मरीज बनकर क्लीनिक पर पहुंचे थे। पूछताछ के दौरान चिकित्सक केे पास कोई दस्तावेज नहीं था। जांच के दौरान कोई पंजीकरण भी नहीं पाया गया है। सभी बिंदुओं पर जांच करने के बाद क्लीनिक को सील कर दिया गया है, दो दिन में दस्तावेज नहीं मिला तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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