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110 बीघा गेहूं की फसल जलमग्न
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Fri, 06 Jan 2017 11:18 PM IST
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नहरों की ठीक से मरम्मत और सफाई न होने का दंश अन्नदाताओं को अब अपनी गाढ़ी कमाई बर्बाद करके झेलना पड़ रहा है। दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के सरफोरा में टूटी चकउथ माईनर को तीसरे दिन भी नहीं जोड़ा जा सका। इसके पहले ही मीरपुर माइनर में अत्यधिक पानी छोड़े जाने के चलते गुलौरी में शुक्रवार को 110 बीघा के करीब गेहूं की फसल डूब गई। इससे पहले में जिले में कई बार माइनर टूटने से फसलों को नुकसान पहुंचता रहा है,शुक्रवार को हुई घटना के बाद किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
किसानों ने कड़ी मेहनत कर गेहूं की फसल की बुआई के बाद उसकी सिंचाई किया था। इसके बाद मिरपुर माईनर में संबंधित विभाग की तरफ से अधिक मात्रा में पानी छोड़ दिया गया। इससे नहर इस कदर ओवरफ्लो हुई कि गुलौरी गांव के किसान पीटू सिंह, सतीशचन्द्र, राधे यादव, रामनगीना, मोती, आदि की गेंहू की करीब 25 बीघे की फसल डूब गई। किसानों ने इसकी जानकारी तत्काल सिंचाई विभाग को दूरभाष से दी। अब तक 110 बीघे से अधिक गेहूं की फसल जलमग्न हो चुकी है। इसके बावजूद कुछ राहत नहीं मिल सकी। मजबूर किसान किसी तरह निजी व्यवस्था से खेतों से पानी निकालने में दोपहर बाद से लगे रहे । उधर सरफोरा में भी टूटी माइनर तीन दिनों से किसानों की बर्बादी का कारण बनी है। हर जगह टूट रहें माइनर से किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है।
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किसानों ने कड़ी मेहनत कर गेहूं की फसल की बुआई के बाद उसकी सिंचाई किया था। इसके बाद मिरपुर माईनर में संबंधित विभाग की तरफ से अधिक मात्रा में पानी छोड़ दिया गया। इससे नहर इस कदर ओवरफ्लो हुई कि गुलौरी गांव के किसान पीटू सिंह, सतीशचन्द्र, राधे यादव, रामनगीना, मोती, आदि की गेंहू की करीब 25 बीघे की फसल डूब गई। किसानों ने इसकी जानकारी तत्काल सिंचाई विभाग को दूरभाष से दी। अब तक 110 बीघे से अधिक गेहूं की फसल जलमग्न हो चुकी है। इसके बावजूद कुछ राहत नहीं मिल सकी। मजबूर किसान किसी तरह निजी व्यवस्था से खेतों से पानी निकालने में दोपहर बाद से लगे रहे । उधर सरफोरा में भी टूटी माइनर तीन दिनों से किसानों की बर्बादी का कारण बनी है। हर जगह टूट रहें माइनर से किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है।
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