{"_id":"5b955683867a557ecc326dca","slug":"shobhayatra-taken-from-saint-ganinath-planted-by-jaykar","type":"story","status":"publish","title_hn":"संत गणिनाथ की निकाली गई शोभायात्रा, लगाए जयकारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संत गणिनाथ की निकाली गई शोभायात्रा, लगाए जयकारे
mau
Updated Sun, 09 Sep 2018 10:51 PM IST
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शोभायात्रा में शामिल झांकी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अखिल भारतीय मध्य देशीय वैश्य सभा की ओर से सहादतपुरा मुहल्ला स्थित मद्धेशिया भवन में जन्मोत्सव का आयेेजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रभारी रामदास गुप्त ने कहा कि संत गणी नाथ एक महान समाज सुधारक थे। संचालन नगर अध्यक्ष डॉ राम गोपाल ने किया जबकि गणी नाथ की वंदना जिला मंत्री दयाशंकर गुप्त ने किया ।इसके पूर्व बैंड बाजा के साथ बाबा गणी नाथ जी की शोभायात्रा निकाली गई। जो नगर के मुख्य मार्ग से होते हुए अतिथि भवन तक गई। जिसका स्थान स्थान पर पुष्प वर्षा की गई। समारोह में निजामुद्दीन पुरा शाखा के हरिश्चन्द श्याम सुंदर , संजय गुप्ता तथा संध्या मद्धेशिया, माया गुप्त, वंदना गुप्ता ,मंजू मद्धेशिया, गीता गुप्ता समेत दर्जनों महिलाओं को सम्मानित किया गया ।इस अवसर पर हेमराज, विजय कुमार ,संजय गुप्ता ,अभिषेक गुप्ता, उमेश गुप्त, राधेकान्त गुप्त , गिरीश गुप्ता आदि मौजूद रहे। इस अवसर पर स्व.राजेन्द्र राजवती की स्मृति में राजेन्द्र सभागार का लोकार्पण उनकी धर्मपत्नी कलावती देवी ने किया। सेंट जी एन स्कूल के छात्रों व प्रिंसिपल वंदना गुप्त, नवनीत गुप्त को पुरस्कृत किया गया।
अमिला ः मद्धेशिया समाज के कुल गुरु संत गणिनाथ की जयंती रविवार को देवलास स्थित गणिनाथ मंदिर में धूम से मनाई गई। इस अवसर पर साधु संतों को अंगवस्त्रम भेंटकर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने गणिनाथ को वैश्य समाज का सतेतक बताया। उधर, इस दौरान आयोजित भंडारा में भारी संख्या में आए लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर अपने जीवन को धन्य किया।
कार्यक्रम की शुरुआत उमाशंकर गुप्त के ध्वजारोहण से हुई। इसके बाद मंदिर में विधिपूर्वक हवन पूजन हुआ। इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष उमाशंकर गुप्त ने कहा कि जनपद में महज एक मंदिर है। देवलास स्थित संतगणिनाथ के मंदिर परिसर में आयोजित जयंती समारोह पर स्वजातिय बंधु उपस्थित नहीं हो पाते हैं। जबकि हमारा कर्तव्य होता है कि संत के मंदिर में सर्वप्रथम पूजा उपरांत ही अपने क्षेत्र तथा नगर में कार्यक्रम का आयोजन संपन्न करे। जिससे संत के मंदिर का भी सम्मान बरकरार रहे।
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गिरीश चंद, धर्मचंद ने कुल गुरू संत गणिनाथ के जीवनकाल में घटित घटनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्हें वैश्य समाज का प्रमुख सचेतक बताया। कहा कि गुरूजी ने समाज को नई दिशा देने के साथ ही समग्र वैश्य समाज को एक सूत्र में पिरोकर नई पहचान भी दिया। संत गणिनाथ एक कुशल प्रशासक, संगठक, धार्मिक सेवाओ के प्रेणास्रोत रहे। उनके द्वारा बताये हुए रास्ते तथा आदर्शों पर चलने की जरुरत है। तभी हमारा समाज प्रगति कर सकता है। इसके पूर्व 11 ब्राह्मणों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। भंडारा में भारी संख्या में आए लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर गिरीश चंद गुप्त, चंद्रिका गुप्त, सतीश गुप्त, अजय कुमार गुप्त, दिनेश, प्रेमचंद, रमेशचंद, मंटू, श्रीकिशुन गुप्त, प्रदीप कुमार, संतोष, सुभाष चन्द, गुलाब, बांकेलाल, हरिद्वार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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अमिला ः मद्धेशिया समाज के कुल गुरु संत गणिनाथ की जयंती रविवार को देवलास स्थित गणिनाथ मंदिर में धूम से मनाई गई। इस अवसर पर साधु संतों को अंगवस्त्रम भेंटकर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने गणिनाथ को वैश्य समाज का सतेतक बताया। उधर, इस दौरान आयोजित भंडारा में भारी संख्या में आए लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर अपने जीवन को धन्य किया।
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कार्यक्रम की शुरुआत उमाशंकर गुप्त के ध्वजारोहण से हुई। इसके बाद मंदिर में विधिपूर्वक हवन पूजन हुआ। इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष उमाशंकर गुप्त ने कहा कि जनपद में महज एक मंदिर है। देवलास स्थित संतगणिनाथ के मंदिर परिसर में आयोजित जयंती समारोह पर स्वजातिय बंधु उपस्थित नहीं हो पाते हैं। जबकि हमारा कर्तव्य होता है कि संत के मंदिर में सर्वप्रथम पूजा उपरांत ही अपने क्षेत्र तथा नगर में कार्यक्रम का आयोजन संपन्न करे। जिससे संत के मंदिर का भी सम्मान बरकरार रहे।
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गिरीश चंद, धर्मचंद ने कुल गुरू संत गणिनाथ के जीवनकाल में घटित घटनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्हें वैश्य समाज का प्रमुख सचेतक बताया। कहा कि गुरूजी ने समाज को नई दिशा देने के साथ ही समग्र वैश्य समाज को एक सूत्र में पिरोकर नई पहचान भी दिया। संत गणिनाथ एक कुशल प्रशासक, संगठक, धार्मिक सेवाओ के प्रेणास्रोत रहे। उनके द्वारा बताये हुए रास्ते तथा आदर्शों पर चलने की जरुरत है। तभी हमारा समाज प्रगति कर सकता है। इसके पूर्व 11 ब्राह्मणों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। भंडारा में भारी संख्या में आए लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर गिरीश चंद गुप्त, चंद्रिका गुप्त, सतीश गुप्त, अजय कुमार गुप्त, दिनेश, प्रेमचंद, रमेशचंद, मंटू, श्रीकिशुन गुप्त, प्रदीप कुमार, संतोष, सुभाष चन्द, गुलाब, बांकेलाल, हरिद्वार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।