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मड़ई जली, दो लोग झुलसे
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Sat, 30 Jan 2016 11:20 PM IST
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घोसी कोतवाली क्षेत्र के भीरा ग्राम पंचायत के बुधनारी पूरवे में चौहान बस्ती में शुक्रवार की रात में चिराग की लौ से रिहायशी मड़ई में आग लग गई। इस आगलगी में एक परिवार की सारी गृहस्थी जलकर नष्ट हो गई गृहस्वामी की मां और एक बालिका गंभीर रूप से झुलस गई। इसके साथ ही मड़ई में बंधीं दो बकरियां जल कर मर गईं। इस घटना से अग्निपीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है।
गांव के राधेश्याम पुत्र बालजीत के पास एक ही मड़ई है, उसी में उसका परिवार रहता है और सारी गृहस्थी भी उसी में रखी गई थी। राधेश्याम के परिवार के लोग शुक्रवार की शाम को भोजन करके सो गए और रोशनी के लिए जलता हुआ चिराग मड़ई में जलाकर छोड़ दिए थे।
रात लगभग 11 बजे उसी चिराग की लौ से मड़ई में अचानक आग लग गई। गहरी नींद में सो रहे परिवार वालों को शुरुआती समय में आग लगने का पता नहीं चल सका।
आग जब काफी तेज हो गई तो उसकी तपिश से परिजनों को इसकी जानकारी हुई। चीख और आग की ऊंची उठती लौ से पड़ोसियों की नींद खुल गई। पड़ोसियों ने आग में घिरे लोगों को बाहर निकाला।
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लेकिन तब तक बालजीत की पत्नी दुइजी 65 वर्ष और दुर्गा सात वर्ष पुत्री राम ध्यान गंभीर रूप से झुलस चुकी थीं। आग बुझाने के प्रयास में उसी बस्ती का पारस चौहान झुलस गया। इस आगलगी से सब कुछ जलकर नष्ट हो गया। गंभीर रूप से जली दुइजी और बालिका दुर्गा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
घटना के बाद ग्राम प्रधान राम किशुन यादव ने अग्निपीड़ित परिवार को भोजन के लिए अनाज और आर्थिक सहायता दी जबकि विधायक सुधाकर सिंह के बेटे सुजीत सिंह ने मौके पर पहुंचकर ढांढ़स बंधाया और दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की और अप्रैल में एक इंदिरा आवास आवंटित कराने का भरोसा दिया।
जबकि शनिवार को नायब तहसीलदार क्षेत्रीय लेखपाल के साथ गांव का दौरा कर आगलगी की घटना में हुई क्षति का आंकलन किया। नायब तहसीलदार ने बताया कि वे अपनी रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को देंगे।
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गांव के राधेश्याम पुत्र बालजीत के पास एक ही मड़ई है, उसी में उसका परिवार रहता है और सारी गृहस्थी भी उसी में रखी गई थी। राधेश्याम के परिवार के लोग शुक्रवार की शाम को भोजन करके सो गए और रोशनी के लिए जलता हुआ चिराग मड़ई में जलाकर छोड़ दिए थे।
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रात लगभग 11 बजे उसी चिराग की लौ से मड़ई में अचानक आग लग गई। गहरी नींद में सो रहे परिवार वालों को शुरुआती समय में आग लगने का पता नहीं चल सका।
आग जब काफी तेज हो गई तो उसकी तपिश से परिजनों को इसकी जानकारी हुई। चीख और आग की ऊंची उठती लौ से पड़ोसियों की नींद खुल गई। पड़ोसियों ने आग में घिरे लोगों को बाहर निकाला।
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लेकिन तब तक बालजीत की पत्नी दुइजी 65 वर्ष और दुर्गा सात वर्ष पुत्री राम ध्यान गंभीर रूप से झुलस चुकी थीं। आग बुझाने के प्रयास में उसी बस्ती का पारस चौहान झुलस गया। इस आगलगी से सब कुछ जलकर नष्ट हो गया। गंभीर रूप से जली दुइजी और बालिका दुर्गा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
घटना के बाद ग्राम प्रधान राम किशुन यादव ने अग्निपीड़ित परिवार को भोजन के लिए अनाज और आर्थिक सहायता दी जबकि विधायक सुधाकर सिंह के बेटे सुजीत सिंह ने मौके पर पहुंचकर ढांढ़स बंधाया और दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की और अप्रैल में एक इंदिरा आवास आवंटित कराने का भरोसा दिया।
जबकि शनिवार को नायब तहसीलदार क्षेत्रीय लेखपाल के साथ गांव का दौरा कर आगलगी की घटना में हुई क्षति का आंकलन किया। नायब तहसीलदार ने बताया कि वे अपनी रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को देंगे।