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सात गंभीर रोगों के निदान को इंद्रधनुष अभियान शुरू
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 08 Oct 2015 12:56 AM IST
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प्रदेश के 18 जिलों के साथ मऊ में लागू इंद्रधनुष अभियान की शुरुआत जिले में बुधवार से हो गई। सीएमओ डा. नंदलाल यादव ने एक केंद्र पर बच्चे को टीका लगवाकर इसका शुभारंभ किया।
केंद्र की पहल पर सात गंभीर रोगों के निदान के लिए इंद्रधनुष अभियान जिले में लागू हो गया। जिले के सभी अस्पतालों, पीएचसी सीएचसी न्यू पीएचसी और मातृशिशु कल्याण उपकेंद्रों पर एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को संबंधित टीके लगाए।
बाल विकास से जुड़ी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशाएं भी इस काम में लगी रहीं। सात अक्टूबर से 14 जनवरी तक चलने वाले इस विशेष अभियान में 71 हजार 656 गर्भवती महिलाओं, शून्य से एक वर्ष आयु वर्ग में आने वाले 61 हजार 884 शिशुओं और एक से दो वर्ष आयु वर्ग वाले 58 हजार 299 बच्चों को इन गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए टीके लगाने का लक्ष्य है। इस अभियान में 258 एएनएम, 105 सुपरवाइजर और 48 मेडिकल अफसर लगे हैं।
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इनके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशाओं और स्वयंसेवी संगठनों के कार्यकर्ताओं को लगाया गया है। इस अभियान में उन घुमंतू जातियों और समूहों पर विशेष नजर रखी जा रही है, जो समय समय पर अपना निवास स्थान बदलते रहते हैं। सीएमओ ने बताया कि मस्तिष्क ज्वर, टेटनस, काली खांसी, हेपेटाइटिस बी, डीपीटी, मीजल्स और पोलियो जैसी गंभीर बीमारियों से निजात दिलाने के लिए चार महीने का एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
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केंद्र की पहल पर सात गंभीर रोगों के निदान के लिए इंद्रधनुष अभियान जिले में लागू हो गया। जिले के सभी अस्पतालों, पीएचसी सीएचसी न्यू पीएचसी और मातृशिशु कल्याण उपकेंद्रों पर एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को संबंधित टीके लगाए।
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बाल विकास से जुड़ी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशाएं भी इस काम में लगी रहीं। सात अक्टूबर से 14 जनवरी तक चलने वाले इस विशेष अभियान में 71 हजार 656 गर्भवती महिलाओं, शून्य से एक वर्ष आयु वर्ग में आने वाले 61 हजार 884 शिशुओं और एक से दो वर्ष आयु वर्ग वाले 58 हजार 299 बच्चों को इन गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए टीके लगाने का लक्ष्य है। इस अभियान में 258 एएनएम, 105 सुपरवाइजर और 48 मेडिकल अफसर लगे हैं।
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इनके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशाओं और स्वयंसेवी संगठनों के कार्यकर्ताओं को लगाया गया है। इस अभियान में उन घुमंतू जातियों और समूहों पर विशेष नजर रखी जा रही है, जो समय समय पर अपना निवास स्थान बदलते रहते हैं। सीएमओ ने बताया कि मस्तिष्क ज्वर, टेटनस, काली खांसी, हेपेटाइटिस बी, डीपीटी, मीजल्स और पोलियो जैसी गंभीर बीमारियों से निजात दिलाने के लिए चार महीने का एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।