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Mau News: दिव्यांगजनों के पुनर्वास के लिए पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा चयन
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जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी शांत प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से संचालित पुनर्वास योजनाओं के लिए पात्र लाभार्थियों का चयन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि दुकान निर्माण एवं संचालन योजना के तहत पात्र लाभार्थी को दुकान निर्माण व क्रय के लिए 20,000 रुपये की धनराशि दी जाती है। इसमें 15,000 रुपये 4 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज दर पर ऋण के रूप में तथा 5,000 रुपये अनुदान के रूप में प्रदान किए जाते हैं।
दुकान संचालन के लिए खोखा, गुमटी, हाथ ठेला आदि क्रय हेतु 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की जाती है, जिसमें 7,500 रुपये 4 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज पर ऋण तथा 2,500 रुपये अनुदान के रूप में दिए जाते हैं।
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बताया कि ऐसे दिव्यांगजन, जिनकी दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो, जो प्रदेश के मूल निवासी हों, जिनकी वार्षिक आय गरीबी रेखा के लिए निर्धारित आय सीमा के दोगुने से अधिक न हो तथा जिनकी आयु 18 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम हो, वे पात्र होंगे।
ऐसे दिव्यांगजन, जो विभागीय कार्यशालाओं से प्रशिक्षित हों या आईटीआई, पॉलिटेक्निक अथवा किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से किसी व्यवसाय में प्रशिक्षण प्राप्त डिप्लोमा धारक हों और उसी क्षेत्र में व्यवसाय करना चाहते हों, उन्हें वरीयता दी जाएगी।
इच्छुक अभ्यर्थी विभागीय पोर्टल http://divyangjandukan.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन पत्र पूर्ण कर अपलोड किए गए प्रपत्रों की हार्ड कॉपी कलेक्ट्रेट कैंपस स्थित कार्यालय में जमा करनी होगी।
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उन्होंने बताया कि दुकान निर्माण एवं संचालन योजना के तहत पात्र लाभार्थी को दुकान निर्माण व क्रय के लिए 20,000 रुपये की धनराशि दी जाती है। इसमें 15,000 रुपये 4 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज दर पर ऋण के रूप में तथा 5,000 रुपये अनुदान के रूप में प्रदान किए जाते हैं।
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दुकान संचालन के लिए खोखा, गुमटी, हाथ ठेला आदि क्रय हेतु 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की जाती है, जिसमें 7,500 रुपये 4 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज पर ऋण तथा 2,500 रुपये अनुदान के रूप में दिए जाते हैं।
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बताया कि ऐसे दिव्यांगजन, जिनकी दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो, जो प्रदेश के मूल निवासी हों, जिनकी वार्षिक आय गरीबी रेखा के लिए निर्धारित आय सीमा के दोगुने से अधिक न हो तथा जिनकी आयु 18 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम हो, वे पात्र होंगे।
ऐसे दिव्यांगजन, जो विभागीय कार्यशालाओं से प्रशिक्षित हों या आईटीआई, पॉलिटेक्निक अथवा किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से किसी व्यवसाय में प्रशिक्षण प्राप्त डिप्लोमा धारक हों और उसी क्षेत्र में व्यवसाय करना चाहते हों, उन्हें वरीयता दी जाएगी।
इच्छुक अभ्यर्थी विभागीय पोर्टल http://divyangjandukan.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन पत्र पूर्ण कर अपलोड किए गए प्रपत्रों की हार्ड कॉपी कलेक्ट्रेट कैंपस स्थित कार्यालय में जमा करनी होगी।