{"_id":"5c9a651abdec22140559b2bd","slug":"sealed-two-factories-without-running-noc","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना एनओसी चल रहीं दो फैक्टि्रयां सील कीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना एनओसी चल रहीं दो फैक्टि्रयां सील कीं
Tue, 26 Mar 2019 11:15 PM IST
पवन सिंह
mau
mau
Published by: पवन सिंह
Updated Tue, 26 Mar 2019 11:15 PM IST
विज्ञापन
ताजोपुर औद्योगिक क्षेत्र में सील फैक्टरी।
- फोटो : mau
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेश पर मंगलवार की शाम को जिले में संचालित मेसर्स पालकी इंटर प्राइजेज और जरी उद्योग प्राइवेट लिमिटेड को सीज करने का आदेश दिया। महाप्रबंधक उद्योग राजेश रोमन ने दोनों फैैैक्टरियों को सीज कराया। दोनों फैैैक्टरियां केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नई दिल्ली से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना ही संचालित की जा रही थी।
महाप्रबंधक उद्योग राजेश रोमन ने बताया कि सीज की गई इंडस्ट्रीज में पालकी इंटर प्राइजेज के प्रोपराइटर नपा अध्यक्ष तैय्यब पालकी है, जबकि जरी उद्योग प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर प्रमोद थरड है। दोनों ने अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी होने के लिए शर्तो को पूरा नहीं किया था। इस पर बीते सितंबर 2017 में इस बाबत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जानकारी की। इस दौरान दोनों उद्योगों के प्रोपराइटरों ने लिखकर दिया था, कि उनके उद्योग बंद चल रहें है।
इसके आधार पर अब केंद्रीय नियंत्रण बोर्ड ने बीते माह छह फरवरी को पत्र जारी किया। इसमें उन्हे सीज करने आदेश था। डीएम के आदेश का अनुपालन करते हुए महाप्रबंधक उद्योग ने मंगलवार की शाम को दोनों को सीज कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन
महाप्रबंधक उद्योग राजेश रोमन ने बताया कि सीज की गई इंडस्ट्रीज में पालकी इंटर प्राइजेज के प्रोपराइटर नपा अध्यक्ष तैय्यब पालकी है, जबकि जरी उद्योग प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर प्रमोद थरड है। दोनों ने अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी होने के लिए शर्तो को पूरा नहीं किया था। इस पर बीते सितंबर 2017 में इस बाबत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जानकारी की। इस दौरान दोनों उद्योगों के प्रोपराइटरों ने लिखकर दिया था, कि उनके उद्योग बंद चल रहें है।
विज्ञापन
इसके आधार पर अब केंद्रीय नियंत्रण बोर्ड ने बीते माह छह फरवरी को पत्र जारी किया। इसमें उन्हे सीज करने आदेश था। डीएम के आदेश का अनुपालन करते हुए महाप्रबंधक उद्योग ने मंगलवार की शाम को दोनों को सीज कराया।
विज्ञापन