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सरयू नदी खतरा निशान से एक मीटर ऊपर

Thu, 13 Oct 2022 12:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 13 Oct 2022 12:36 AM IST
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Saryu river one meter above danger mark
दोहरीघाट में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कस्बे में घुसा बाढ़ का पानी।संवाद - फोटो : MAU
सरयू नदी खतरा निशान से एक मीटर दस सेंटीमीटर ऊपर
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24 घंटे में नदी का जलस्तर 25 सेमी बढ़ा,
पानी के दबाव से खिसकने लगे हैं दोहरीघाट नगर की सुरक्षा के लिए रखे बोल्डर
तटवर्ती इलाकों की हजारों एकड़ फसल के नष्ट होने का बढ़ा खतरा:
संवाद न्यूज एजेंसी
दोहरीघाट/दुबारी। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहने से दो तहसील क्षेत्र के तटवर्ती इलाके के लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 25 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। जिले में खतरा निशान 69.90 मीटर है। नदी खतरा बिंदु से 1.10 मीटर ऊपर बह रही है।
नदी में बाढ़ के दबाव से दोहरीघाट नगर की सुरक्षा के लिए रखे बोल्डर खिसकने से ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। दोहरीघाट कस्बे के तीन मुहल्लों में बाढ़ का पानी घुस जाने से जहां हड़कंप मच गया है। वहीं तटवर्ती इलाकों में जलमग्न हजारों एकड़ फसल के नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की तरफ से पर्याप्त नाव की व्यवस्था न होने से लोगों को जान जोखिम में डालकर आना-जाना पड़ रहा है। सब कुछ जानकर आला अधिकारी दिशा निर्देश-जारी कर इतिश्री कर दे रहे हैं।
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सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से दोहरीघाट क्षेत्र तथा मधुबन तहसील क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों के लोग नदी के रौद्र रुप को देखकर सहम गए हैं। गौरी शंकर घाट पर नदी का जलस्तर बुधवार को 71 मीटर रहा। जबकि मंगलवार को जलस्तर 70.75 मीटर था। इस तरह बीते 24 घंटे में नदी के जलस्तर 25 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। खतरा निशान 69.90 मीटर है। नदी खतरा बिंदु से 1.10 मीटर ऊपर बह रही है। नदी के बढ़ते जलस्तर से भारत माता मंदिर, मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, हनुमान मंदिर डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला सहित ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। नदी की प्रलयंकारी लहरों के दबाव से नगर की सुरक्षा के लिए रखा बोल्डर खिसकने लगा है। वहीं तटवर्ती इलाके रामपुर धनौली, नई बाजार, नवली, बहादुरपुर, सरया, बीबीपुर, गौरीडीह, कोरौली, बेलौली, ठिकरिया महुआबारी, रसूलपुर सूरजपुर सहित विभिन्न गांवों की हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। इससे पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। नदी में बाढ़ का पानी भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी टकरा रहा है। तटवर्ती इलाके की सुरक्षा के लिए बनाया गया धनौली लोहड़ा बंधा, नवली, चिउतीडाड़, बीबीपुर बेलौली बंधे पर पानी का दबाव तेजी से बढ़ता जा रहा है। जिससे बंधों पर खतरा मंडराने लगा है।
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कस्बे में 250 मीटर तक घुसा पानी
दोहरीघाट। सरयू नदी का जलस्तर खतरा बिंदु से 1.10 मीटर ऊपर पहुंचने से जहां तटवर्ती इलाकों में नदी का पानी घुसना शुरू हो गया है। वहीं कस्बे में भी नदी के बाढ़ का पानी बड़े नाले के रास्ते 250 मीटर तक घुस जाने से लोग दहशत में हैं। संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। नदी का पानी कस्बे के तीन मुहल्लों मल्लाहटोला भगवानपूरा दलित बस्ती के सैकड़ों लोग प्रभावित हो रहे हैं।
नदी के घेरे में आ गए हैं एक दर्जन से अधिक गांव
संवाद न्यूज एजेंसी
दुबारी। सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से मधुबन तहसील के देवारा क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के घेरे में आ गए हैं। ऐसे में गांव का आसपास के अन्य गांवों से संपर्क कट गया है। गांवों के संपर्क मार्गों पर भी पानी हिलोरे ले रहा। 20 किमी एरिया की हजारों एकड़ फसल जलमग्न होने से पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। प्रशासन की तरफ से पर्याप्त नाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।

सरयू नदी का जलस्तर खतरा निशान से जैसे-जैसे ऊपर बढ़ रहा है। वैसे-वैसे तटवर्ती इलाके के लोगों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। मधुबन तहसील के हाहा नाला पर बुधवार को नदी का जलस्तर 66.68 मीटर रहा। जबकि जबकि खतरा निशान 66.31 मीटर है। नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने के चलते मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाके के हरिलाल का पुरा, नकीहवा, धुस पुरा, मनमन का पुरा, बिशुन पुरवा, विंदर का पुरा, बईरकंटा पुरा, भगत का पुरा, चौहानपुर, बरोहा, कुंवरपुरवा, पब्बर पुरा, परसिया भटोली, चक्कीमूसाडोही, हरिलाल का पुरा सहित एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। जलजमाव होने से बाजरा, धान, मक्का, गन्ना सहित तमाम हजारों एकड़ फसलों के नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। फसलों के जलमग्न होने से पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। तहसील प्रशासन की तरफ से नावों की पर्याप्त व्यवस्था न होने से लोगों को जान जोखिम में डालकर गहरे पाने से होकर आना-जाना पड़ रहा है।
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