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रोजगारसेवकों ने बीडीओ के खिलाफ किया प्रदर्शन
मऊ/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jun 2016 11:52 PM IST
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फतहपुर मंडाव ब्लाक पर मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रोजगार सेवक।
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मधुबन स्थित विकास खंड में बुधवार को रोजगार सेवकों ने खंड विकास अधिकारी मनोज वर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।रोजगार सेवक बैठक में अपने पिछले 13 माह से रुके मानदेय की मांग कर रहे थे।इसी बात को लेकर बीडीओ भड़क गए और उन्हें मीटिंग हाल से बाहर निकाल दिया।जिससे रोजगार सेवक आक्रोशित हो गए और खंड विकास कार्यालय के सामने नारेबाजी और प्रदर्शन कर जाब चार्ट की भी मांग की।कहा कि जब तक मानदेय और जॉब चार्ट नहीं मिलता तब तक हम लोग कार्य का भी बहिष्कार करेंगे।
विकास खण्ड फतेहपुर मंडाव में कुल 82 गांव हैं।जिसमें 22 गांवो को छोड़कर सभी ग्राम सभाओं में रोजगार सेवकों की तैनाती है।शासन की मंशानुसार रोजगार सेवकों का कार्य मनरेगा में मस्टर रोल जारी करना डिमांड बनाना साईट पर कार्य फीडिंग से लेकर पेमेंट फाइल पर हस्ताक्षर करके भुगतान कराना आदि होता है।बावजूद इसके पिछले मई2015 से उन्हें मानदेय के रूप में मिलने वाली 3630 रूपये की धनराशि भी नही दिया गया है।जिससे उनका परिवार भुखमरी का शिकार हो रहा है।रोजगार सेवकों का कहना था कि हम इतने कम पैसे में हम काम करते हैं बावजूद इसके पिछले एक साल से हमें मानदेय नहीं दिया जा रहा है और मनमाने तरीके से पेमेंट किया जा रहा है।
बुधवार को ब्लाक मुख्यालय में सभी कर्मचारियों अधिकारियों की बैठक थी।जैसे ही मीटिंग शुरू हुई रोजगार सेवकों ने अपना मानदेय देने की मांग की।कहा कि जिस कन्टीजेन्सी से हमें मानदेय मिलता है वह कई बार आयीं और खत्म भी हो गयी लेकिन हम लोगों को भुगतान नहीं मिला।इसी बात से नाराज बीडीओ ने सभी रोजगार सेवकों को मीटिंग हॉल से बाहर निकाल दिया।नाराज रोजगार सेवकों ने ब्लाक परिसर में ही बीडीओ और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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रोजगार सेवकों ने मनरेगा में बिना आठ प्रतिशत दिए मजदूरों की मजदूरी भुगतान नही करने का भी आरोप लगाया।सर्वेश यादव, मन्जू देवी ,चन्दा वर्मा ,सुमन कुमारी, राजीव पाण्डेय, अमीर अख्तर,प्रदीप, जैनेन्द्र ,उर्मिला, पीयूष, सजंय कुमार, इंद्रजीत, रणजीत ,ममता ,प्रतिभा मल्ल समेत दर्जनों रोजगार सेवक उपस्थित रहे।उन्होंने अपना माँग पत्र उपायुक्त श्रम व रोजगार मनरेगा को भी पत्रक भेजकर न्याय की गुहार लगायीं है।
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विकास खण्ड फतेहपुर मंडाव में कुल 82 गांव हैं।जिसमें 22 गांवो को छोड़कर सभी ग्राम सभाओं में रोजगार सेवकों की तैनाती है।शासन की मंशानुसार रोजगार सेवकों का कार्य मनरेगा में मस्टर रोल जारी करना डिमांड बनाना साईट पर कार्य फीडिंग से लेकर पेमेंट फाइल पर हस्ताक्षर करके भुगतान कराना आदि होता है।बावजूद इसके पिछले मई2015 से उन्हें मानदेय के रूप में मिलने वाली 3630 रूपये की धनराशि भी नही दिया गया है।जिससे उनका परिवार भुखमरी का शिकार हो रहा है।रोजगार सेवकों का कहना था कि हम इतने कम पैसे में हम काम करते हैं बावजूद इसके पिछले एक साल से हमें मानदेय नहीं दिया जा रहा है और मनमाने तरीके से पेमेंट किया जा रहा है।
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बुधवार को ब्लाक मुख्यालय में सभी कर्मचारियों अधिकारियों की बैठक थी।जैसे ही मीटिंग शुरू हुई रोजगार सेवकों ने अपना मानदेय देने की मांग की।कहा कि जिस कन्टीजेन्सी से हमें मानदेय मिलता है वह कई बार आयीं और खत्म भी हो गयी लेकिन हम लोगों को भुगतान नहीं मिला।इसी बात से नाराज बीडीओ ने सभी रोजगार सेवकों को मीटिंग हॉल से बाहर निकाल दिया।नाराज रोजगार सेवकों ने ब्लाक परिसर में ही बीडीओ और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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रोजगार सेवकों ने मनरेगा में बिना आठ प्रतिशत दिए मजदूरों की मजदूरी भुगतान नही करने का भी आरोप लगाया।सर्वेश यादव, मन्जू देवी ,चन्दा वर्मा ,सुमन कुमारी, राजीव पाण्डेय, अमीर अख्तर,प्रदीप, जैनेन्द्र ,उर्मिला, पीयूष, सजंय कुमार, इंद्रजीत, रणजीत ,ममता ,प्रतिभा मल्ल समेत दर्जनों रोजगार सेवक उपस्थित रहे।उन्होंने अपना माँग पत्र उपायुक्त श्रम व रोजगार मनरेगा को भी पत्रक भेजकर न्याय की गुहार लगायीं है।