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आरओबी की फाइल दो साल से लटकी, हर घंटे लगता है जाम

Mon, 06 Jun 2022 11:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jun 2022 11:24 PM IST
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ROB file hanged for two years, jammed every hour
नगर की प्रमुख समस्या में शामिल बाल निकेतन रेलवे क्रासिंग की समस्या का समाधान सिर्फ कागजों पर होता दिख रहा है। जबकि इस क्रासिंग पर ओवर ब्रिज निर्माण की पत्रावली दो साल से शासन स्तर पर अटकी है। जबकि यहां ट्रेेनों के गुजरने पर हर घंटे में जाम लगता है। जिससे लोग परेशान होते हैं।
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हाईकोर्ट के आदेश पर ओवर ब्रिज निर्माण के लिए जिला प्रशासन और रेलवे के उच्चाधिकारियों की बैठक में सहमति बनी थी। ओवर ब्रिज निर्माण की जद में आने वाले भवनों को चिह्नित करके स्टीमेट तैयार किया गया। ओवर ब्रिज निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश सेतु निगम को कार्यदायी संस्था का दायित्व दिया गया। सेतु निगम के सुझाव पर ओवर ब्रिज के नक्शे में बदलाव करके संशोधित नक्शे को शासन की स्वीकृति के लिए भेजा गया। लेकिन दो साल से पत्रावली शासन में ही विचाराधीन है। उधर कोई कवायद न होने से यहां हर घंटे पर ट्रेनों के गुजरने पर जाम लगता है।
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मऊ जंक्शन से प्रतिदिन 20 से ज्यादा जोड़ी ट्रेनों का संचालन हो रहा है। ऐसे में बाल निकेतन क्रासिंग से होकर प्रतिदिन लगभग औसतन 40 ट्रेनें गुजरती हैं। इतनी बार फाटक बंद होने से तीनों तरफ रोड पर लंबा जाम लगता है। इस संबंध में रेलवे और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अपेक्षित ध्यान न देने पर समाजसेवी देवप्रकाश राय ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल किया। हाईकोर्ट ने चार जून 2018 को सुनवाई के बाद इस समस्या के समाधान के लिए रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में निर्णय लेने का आदेश जारी किया। 26 जून 2018 को तत्कालीन जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु की अध्यक्षता में समस्या के समाधान से जुड़ी कार्यदायी संस्थाओं के विभागाध्यक्षों और रेलवे के डीआरएम के साथ संयुक्त बैठक कर लगभग 95 करोड़ रुपयों का आंकलन प्रस्तावित किया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर ओवर ब्रिज निर्माण की जद में आने वाले 296 भवनों को चिह्नित कर उन्हें हटाने का नोटिस दिया गया। फ्लाई ओवर निर्माण और भवन स्वामियों को मुआवजा देने के लिए 95 करोड़ का बजट स्वीकृत करने का मांगपत्र जिला प्रशासन ने शासन को भेजा। कई चक्रों के सर्वे के बाद सेतु निगम ने फ्लाई ओवर निर्माण के लिए 104 करोड़ का स्टीमेट के साथ ड्राइंग तैयार कर प्रोजेक्ट की पत्रावली शासन को भेज दिया। तब से दो साल से यह पत्रावली शासन स्तर पर लंबित है।
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बाल निकेतन पर फ्लाई ओवर निर्माण की पत्रावली शासन में विचाराधीन है। इसे प्राथमिकता में शामिल करते हुए पिंक श्रेणी में सूचीबद्ध किया गया है। - आरएस राय, उप परियोजना प्रबंधक, राज्य सेतु निगम, आजमगढ़।
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