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मधुबन क्षेत्र में कई रूटों पर नहीं हो रहा रोडवेज बसों का संचालन
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मऊ। मधुबन क्षेत्र के ग्रामीण रूटों पर रोडवेज की बसों का समुचित संचालन नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई रूटों पर बसें नहीं चलने से लोगों को डग्गामार वाहनों से जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही है। लेकिन परिवहन निगम चालकों और परिचालकों की कमी का रोना रो रहा है।
दोहरीघाट डिपो में 52 बसों को बेड़ा है। इनमें से काफी बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। वर्तमान में डिपो में 26 चालकों और 24 परिचालकों की कमी है। डिपो से ग्रामीण रूटों के लिए महज चार बसों का संचालन वर्तमान में हो रहा है। मधुबन-परसिया और मधुबन-विंटोलिया मार्ग पर रोडवेज की बसों का संचालन नहीं होने से लोगों को प्राइवेट वाहनों का सहारा लेकर मनमाना किराया देकर यात्रा करना पड़ रहा है।
दुबारी के कौड़ीपुर निवासी शिवनाथ यादव का कहना है विंटोलिया से जिला मुख्यालय जाने के लिए रोडवेज बसों का न होना मुसीबत का सबब बन गया है। इसलिए मजबूरी में डग्गामार वाहनों से जाना पड़ता है। मधुबन निवासी सुरेंद्र शर्मा का कहना है परसिया से जिले तक जाने के लिए साधन के अभाव में घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। अधिक किराए के साथ जान जोखिम डालकर यात्रा करनी पड़ती है। दुबारी निवासी सुरेश सिंह कहना है कि रोडवेज बसों के संचालन के लिए कई बार अधिकारियों से मांग की गई, लेकिन बसों का संचालन प्रारंभ नहीं कराया गया। देवारा के हरिलालपुरवा निवासी श्याम चंद भारती और सर्वेश राजन का कहा है कि देवारा क्षेत्र हमेशा विकास से दूर रहता है, रोडवेज की बसों का संचालन न होने से काफी दिक्कत होती है।
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एआरएम दोहरीघाट महेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि डिपो में 26 चालक और 24 परिचालकों की कमी है। ग्रामीण रूटों के लिए चार बसों का संचालन वर्तमान में हो रहा है। जिन रूटों की सड़कें सही है उसी पर बसों का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीण रूटों पर जरूरत के आधार पर बसों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा।
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दोहरीघाट डिपो में 52 बसों को बेड़ा है। इनमें से काफी बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। वर्तमान में डिपो में 26 चालकों और 24 परिचालकों की कमी है। डिपो से ग्रामीण रूटों के लिए महज चार बसों का संचालन वर्तमान में हो रहा है। मधुबन-परसिया और मधुबन-विंटोलिया मार्ग पर रोडवेज की बसों का संचालन नहीं होने से लोगों को प्राइवेट वाहनों का सहारा लेकर मनमाना किराया देकर यात्रा करना पड़ रहा है।
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दुबारी के कौड़ीपुर निवासी शिवनाथ यादव का कहना है विंटोलिया से जिला मुख्यालय जाने के लिए रोडवेज बसों का न होना मुसीबत का सबब बन गया है। इसलिए मजबूरी में डग्गामार वाहनों से जाना पड़ता है। मधुबन निवासी सुरेंद्र शर्मा का कहना है परसिया से जिले तक जाने के लिए साधन के अभाव में घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। अधिक किराए के साथ जान जोखिम डालकर यात्रा करनी पड़ती है। दुबारी निवासी सुरेश सिंह कहना है कि रोडवेज बसों के संचालन के लिए कई बार अधिकारियों से मांग की गई, लेकिन बसों का संचालन प्रारंभ नहीं कराया गया। देवारा के हरिलालपुरवा निवासी श्याम चंद भारती और सर्वेश राजन का कहा है कि देवारा क्षेत्र हमेशा विकास से दूर रहता है, रोडवेज की बसों का संचालन न होने से काफी दिक्कत होती है।
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एआरएम दोहरीघाट महेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि डिपो में 26 चालक और 24 परिचालकों की कमी है। ग्रामीण रूटों के लिए चार बसों का संचालन वर्तमान में हो रहा है। जिन रूटों की सड़कें सही है उसी पर बसों का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीण रूटों पर जरूरत के आधार पर बसों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा।