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परेशान किसानों के लिए उठी आवाज
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Tue, 31 Mar 2015 11:18 PM IST
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किसानों को मुआवजा सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर मंगलवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित नौ सूत्री मांगपत्र जिलाधिकारी चंद्रकांत पांडेय को सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नितियां किसान विरोधी हैं इस वजह से किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। कहा कि असामयिक बरसात और ओलावृष्टि से
किसानों की आलू, सरसों, गेहूं, चना, मटर, अरहर सहित तमाम फसलों के साथ साथ मौसमी सब्जियों को भारी नुकसान हुआ है। बेमौसम बारिश से फसल की हुई बर्बादी का सदमा लगातार किसानों की जान ले रहा है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के किसानों की उपेक्षा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि केवल सैफई के विकास के लिए 800 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई।
जबकि दैवीय आपदा से पीड़ित किसानों के लिए मात्र 200 करोड़ की राशि घोषित की गई। प्रदेश सचिव देवप्रकाश राय ने ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाधिकारी से मांग किया कि किसानों को उचित मुआवजा दिया जाय।
प्रदेश में आयी दैवीय आपदा से प्रभावित क्षेत्रों के किसानों का छह माह का विद्युत बिल माफ किया जाय। जायद की फसल हेतु बीज व खाद पर अनुदान दिया जाय। गर्मी में बिजली आपूर्ति पूरी हो।
पुलिस भर्ती प्रक्रिया की सीबीआई जांच करायी जाय तथा भर्ती प्रक्रिया पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के आधार पर की जाय। प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से सुजीत श्रीवास्तव, मुहम्मद जकरिया, सुखारीलाल, अरुण कुमार सिंह, अखिलेश गुप्ता, मोहम्मद शाहिद, प्रदुम्मन चौरसिया, आदि मौजूद रहे।
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प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नितियां किसान विरोधी हैं इस वजह से किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। कहा कि असामयिक बरसात और ओलावृष्टि से
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किसानों की आलू, सरसों, गेहूं, चना, मटर, अरहर सहित तमाम फसलों के साथ साथ मौसमी सब्जियों को भारी नुकसान हुआ है। बेमौसम बारिश से फसल की हुई बर्बादी का सदमा लगातार किसानों की जान ले रहा है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के किसानों की उपेक्षा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि केवल सैफई के विकास के लिए 800 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई।
जबकि दैवीय आपदा से पीड़ित किसानों के लिए मात्र 200 करोड़ की राशि घोषित की गई। प्रदेश सचिव देवप्रकाश राय ने ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाधिकारी से मांग किया कि किसानों को उचित मुआवजा दिया जाय।
प्रदेश में आयी दैवीय आपदा से प्रभावित क्षेत्रों के किसानों का छह माह का विद्युत बिल माफ किया जाय। जायद की फसल हेतु बीज व खाद पर अनुदान दिया जाय। गर्मी में बिजली आपूर्ति पूरी हो।
पुलिस भर्ती प्रक्रिया की सीबीआई जांच करायी जाय तथा भर्ती प्रक्रिया पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के आधार पर की जाय। प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से सुजीत श्रीवास्तव, मुहम्मद जकरिया, सुखारीलाल, अरुण कुमार सिंह, अखिलेश गुप्ता, मोहम्मद शाहिद, प्रदुम्मन चौरसिया, आदि मौजूद रहे।