मऊ। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए एक नवंबर से 45 दिन का विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान में बाल वाटिका से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए राज्य परियोजना कार्यालय हर हफ्ते जिलों को इंफोग्राफिक्स, अभिभावक कैलेंडर सहित अन्य सामग्री भेजेगा। जिले में 1208 परिषदीय विद्यालय, पांच कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, 94 सहायता प्राप्त, 56 समाज कल्याण से संबद्ध विद्यालयों में 1.80 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। बच्चों में पढ़ने की आदत डालने के लिए एक नवंबर से 45 दिवसीय रीडिंग कैंपेन शुरू होगा। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए बाल वाटिका से कक्षा आठ तक प्रति सप्ताह निर्धारित गतिविधियां कराई जाएंगी। अभियान में जिला, ब्लॉक व पंचायत स्तर पर कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं से भी सहयोग लिया जाएगा। प्रेरणा साथी भी बच्चों को घर पर ही पठन सामग्री उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे। इसके लिए क्लासवार अभियान न चला कर तीन समूहों में विभाजित कर चलाया जाएगा। समूह एक में बाल वाटिका से कक्षा 2, कक्षा 3 से 5 और कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के तीन समूह बनाए जाएंगे। इसके लिए हर हफ्ते राज्य परियोजना कार्यालय से इंफोग्राफिक्स, अभिभावक कैलेंडर आदि भेजे जाएंगे। इसके लिए पहले अपने आसपास की चीजों को पहचानना और उस पर लिखे को पढ़ने के प्रति प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका कंटेंट नियमित रूप से अभिभावकों के व्हाट्सएप नंबर पर भी भेजा जाएगा। इसके लिए शिक्षक दीक्षा, प्रेरणा पोर्टल, एनसीईआरटी, नेशनल बुक ट्रस्ट, स्टोरी वीवर, प्रथम बुक्स, रूम टू रीड क्लाउड आदि पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जाएगा। बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए एक नवंबर से 45 दिन का विशेष अभियान चलाया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।