{"_id":"69839dcca643282735084e3b","slug":"ranveerpur-gram-panchayats-cowshed-is-getting-electricity-from-the-biogas-plant-mau-news-c-295-1-svns1028-140362-2026-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: रणवीरपुर ग्राम पंचायत की गोशाला के लिए बायोगैस प्लांट से मिल रही बिजली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: रणवीरपुर ग्राम पंचायत की गोशाला के लिए बायोगैस प्लांट से मिल रही बिजली
विज्ञापन
परदहा ब्लॉक क्षेत्र के रणवीरपुर ग्राम पंचायत की गोशाला के लिए बायोगैस प्लांट से बिजली मिल रही है। इससे ग्राम पंचायत को आमदनी हो रही है।
बुधवार को विभाग के जिला समन्वयक अंकित कुमार सिंह और एडीओ पंचायत अमरीश त्रिपाठी ने टीम के साथ पहुंचकर प्लांट का निरीक्षण किया। बायोगैस प्लांट की कार्यप्रणाली, तकनीकी क्षमता और उपयोगिता का अवलोकन किया।
15 केवीए क्षमता के जनरेटर सेट को चलाकर उसकी कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया, जो सुचारु रूप से संचालित पाया गया। प्रधान और सचिव को प्लांट का संचालन उसकी पूर्ण क्षमता के साथ नियमित रूप से किया करने का निर्देश दिया, जिससे अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके और ग्राम पंचायत की स्वयं की आय में वृद्धि हो।
अंकित कुमार सिंह ने बताया कि बायोगैस प्लांट से प्राप्त कचरे का उपयोग नेपियर घास की खेती में जैविक खाद के रूप में किया जा रहा है। उगाई गई नेपियर घास को गौशाला में संरक्षित पशुओं के लिए चारे के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जिससे पशुपालन व्यवस्था सुदृढ़ हो रही है।
विज्ञापन
प्लांट से उत्पादित गैस से विद्युत उत्पादन कर गौशाला की विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति की जा रही है, जिससे विद्युत व्यय में कमी आई है और गौशाला आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर हो रही है।
एडीओ पंचायत ने बताया कि इससे न केवल स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि ऊर्जा उत्पादन, जैविक खाद एवं चारे की उपलब्धता से ग्राम पंचायत की आय में भी वृद्धि हो रही है। इस दौरान सचिव अनुपमा सिंह, पवन कुमार, प्रधान रामनाथ यादव आदि लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
बुधवार को विभाग के जिला समन्वयक अंकित कुमार सिंह और एडीओ पंचायत अमरीश त्रिपाठी ने टीम के साथ पहुंचकर प्लांट का निरीक्षण किया। बायोगैस प्लांट की कार्यप्रणाली, तकनीकी क्षमता और उपयोगिता का अवलोकन किया।
15 केवीए क्षमता के जनरेटर सेट को चलाकर उसकी कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया, जो सुचारु रूप से संचालित पाया गया। प्रधान और सचिव को प्लांट का संचालन उसकी पूर्ण क्षमता के साथ नियमित रूप से किया करने का निर्देश दिया, जिससे अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके और ग्राम पंचायत की स्वयं की आय में वृद्धि हो।
विज्ञापन
अंकित कुमार सिंह ने बताया कि बायोगैस प्लांट से प्राप्त कचरे का उपयोग नेपियर घास की खेती में जैविक खाद के रूप में किया जा रहा है। उगाई गई नेपियर घास को गौशाला में संरक्षित पशुओं के लिए चारे के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जिससे पशुपालन व्यवस्था सुदृढ़ हो रही है।
विज्ञापन
प्लांट से उत्पादित गैस से विद्युत उत्पादन कर गौशाला की विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति की जा रही है, जिससे विद्युत व्यय में कमी आई है और गौशाला आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर हो रही है।
एडीओ पंचायत ने बताया कि इससे न केवल स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि ऊर्जा उत्पादन, जैविक खाद एवं चारे की उपलब्धता से ग्राम पंचायत की आय में भी वृद्धि हो रही है। इस दौरान सचिव अनुपमा सिंह, पवन कुमार, प्रधान रामनाथ यादव आदि लोग मौजूद थे।