{"_id":"67a3ad32638834026a0b5b53","slug":"public-works-department-will-build-roads-with-10-quintals-of-plastic-collected-from-villages-mau-news-c-295-1-mau1002-123761-2025-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: गांवों से इकट्ठा हुई 10 क्विंटल प्लास्टिक से सड़क बनाएगा लोक निर्माण विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: गांवों से इकट्ठा हुई 10 क्विंटल प्लास्टिक से सड़क बनाएगा लोक निर्माण विभाग
विज्ञापन
रोशन सिंह
मऊ। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में इकट्ठा हुई 10 क्विंटल प्लास्टिक से लोक निर्माण विभाग सड़क बनवाएगा। गांवों से प्लास्टिक इकट्ठा करके जनपद के दो सबसे बड़े प्लास्टिक वेस्ट प्लांट पर भेज दिया गया है। इसे रिसाईकल करके लोक निर्माण विभाग को बेचा जाएगा, जिससे सड़क बनेगी। इससे गांवों से कचरा भी साफ होगा और ग्राम पंचायतों की आमदनी भी बढ़ेगी। जिले में पहली बार इस तरह की कवायद की गई है। गांवों से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे का निस्तारण होने में कठिनाई आती है। मिट्टी में दबने के बाद सालों साल उसी अवस्था में पड़ी रहती है। यह गलती या नष्ट नहीं होती। प्लास्टिक के जलाने पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। इसी को देखते हुए ग्राम पंचायतों को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त करने और गांवों को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से स्वच्छ भारत मिशन की टीम दिसंबर 2024 से प्लास्टिक इकट्ठा कर रही है। ग्रामीणों को प्लास्टिक इधर उधर न फेंकने और इकट्ठा करके रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। अब तक नौ ब्लॉकों में अभियान चलाकर 10 क्विंटल प्लास्टिक प्लास्टिक इकट्ठा की जा चुकी है। रिसाईकल के लिए रानीपुर ब्लॉक के काझा और फतहपुर मंडाव ब्लॉक के सिधा अहिलासपुर में 16-16 लाख रुपये से प्लास्टिक वेस्ट यूनिट का निर्माण किया गया है। एक यूनिट में दो मशीनें लगाई गई हैं। पहला श्रेडिंग मशीन है, जो दबाव बनाकर प्लास्टिक का कतरन बनाकर ठोल बनाती है। दूसरी बेलिंग मशीन है जो प्लास्टिक के छोटे छोटे दाने बनाती है। इनका प्रयोग सड़क निर्माण में तारकोल के स्थान पर किया जाएगा। दाेनों को पिघलाकर गिट्टी के साथ मिलाकर सड़क की पेंटिंग होगी। इससे कम बजट में अच्छी सड़क बनेगी। इसे लोक निर्माण विभाग या ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को बेचा जाएगा, जिससे ग्राम पंचायतों को खुद का राजस्व मिलेगा। पहले भी रतनपुरा ब्लॉक में चार सड़कों का निर्माण प्लास्टिक से हुआ है, इनकी अब तक मरम्मत नहीं करानी पड़ी।
-- -- -- -- -
इनसेट -
दो भागों में बांटे गए नौ ब्लॉक
जनपद में केवल दो प्लास्टिक वेस्ट यूूनिट को दो भागों में बांटा गया है। काझा यूनिट पर रानीपुर, मुहम्मदाबाद गोहना, परदहा, कोपागंज ब्लॉक और सिधा अहिलासपुर यूनिट पर फतेहपुर मंडाव, दोहरीघाट, घोसी, बड़राव और रतनपुरा ब्लॉक के गांवों से इकट्ठा किए गये प्लास्टिक का निस्तारण होगा।
-- -- -- -- --
प्लास्टिक के प्रयोग से कम खर्च में बनेंगी मजबूत सड़कें
प्लास्टिक से बनने वाली सड़क मजबूत होंगी। पानी तारकोल के लिए नुकसानदेह होता है, जिससे बारिश में तारकोल कट जाता है। पानी लगने से सड़कें जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। प्लास्टिक का प्रयोग होने से पानी का असर सड़कों पर नहीं पड़ेगा, जिससे वो टिकाऊ रहेंगी। धूप में भी सड़क पर कोई विशेष असर नहीं आएगा, क्योंकि इनका प्रयोग गिट्टी में मिलाकर किया जाएगा। इसके अलावा सड़क में बजट कम खर्च होगा, जिससे विकास के अन्य कार्य हो सकेंगे।
विज्ञापन
-- -- -- -- --
कोट -
गांवों को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों से प्लास्टिक का कचरा इकट्ठा किया जा रहा है। अब तक 10 क्विंटल प्लास्टिक इकट्ठा करके प्लास्टिक वेस्ट यूनिट पर भेजा गया है।
- किरण वर्मा, सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी, मऊ
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
तीन साल पहले प्लास्टिक से बनी थी दो सड़क
जनपद में पहली बार वर्ष 2021 में तारकोल में प्लास्टिक मिलाकर दो सड़कों का निर्माण गया था, जो अब तक चल रही हैं। एक सड़क मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक का सुरहुरपुर बंदीकला संपर्क मार्ग है, जो एक किमी लंबा है। दूसरी सड़क रतनपुरा ब्लॉक में लखनऊ-बलिया मार्ग से 500 मीटर बरदहपुर संपर्क मार्ग है।
विज्ञापन
मऊ। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में इकट्ठा हुई 10 क्विंटल प्लास्टिक से लोक निर्माण विभाग सड़क बनवाएगा। गांवों से प्लास्टिक इकट्ठा करके जनपद के दो सबसे बड़े प्लास्टिक वेस्ट प्लांट पर भेज दिया गया है। इसे रिसाईकल करके लोक निर्माण विभाग को बेचा जाएगा, जिससे सड़क बनेगी। इससे गांवों से कचरा भी साफ होगा और ग्राम पंचायतों की आमदनी भी बढ़ेगी। जिले में पहली बार इस तरह की कवायद की गई है। गांवों से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे का निस्तारण होने में कठिनाई आती है। मिट्टी में दबने के बाद सालों साल उसी अवस्था में पड़ी रहती है। यह गलती या नष्ट नहीं होती। प्लास्टिक के जलाने पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। इसी को देखते हुए ग्राम पंचायतों को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त करने और गांवों को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से स्वच्छ भारत मिशन की टीम दिसंबर 2024 से प्लास्टिक इकट्ठा कर रही है। ग्रामीणों को प्लास्टिक इधर उधर न फेंकने और इकट्ठा करके रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। अब तक नौ ब्लॉकों में अभियान चलाकर 10 क्विंटल प्लास्टिक प्लास्टिक इकट्ठा की जा चुकी है। रिसाईकल के लिए रानीपुर ब्लॉक के काझा और फतहपुर मंडाव ब्लॉक के सिधा अहिलासपुर में 16-16 लाख रुपये से प्लास्टिक वेस्ट यूनिट का निर्माण किया गया है। एक यूनिट में दो मशीनें लगाई गई हैं। पहला श्रेडिंग मशीन है, जो दबाव बनाकर प्लास्टिक का कतरन बनाकर ठोल बनाती है। दूसरी बेलिंग मशीन है जो प्लास्टिक के छोटे छोटे दाने बनाती है। इनका प्रयोग सड़क निर्माण में तारकोल के स्थान पर किया जाएगा। दाेनों को पिघलाकर गिट्टी के साथ मिलाकर सड़क की पेंटिंग होगी। इससे कम बजट में अच्छी सड़क बनेगी। इसे लोक निर्माण विभाग या ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को बेचा जाएगा, जिससे ग्राम पंचायतों को खुद का राजस्व मिलेगा। पहले भी रतनपुरा ब्लॉक में चार सड़कों का निर्माण प्लास्टिक से हुआ है, इनकी अब तक मरम्मत नहीं करानी पड़ी।
इनसेट -
दो भागों में बांटे गए नौ ब्लॉक
जनपद में केवल दो प्लास्टिक वेस्ट यूूनिट को दो भागों में बांटा गया है। काझा यूनिट पर रानीपुर, मुहम्मदाबाद गोहना, परदहा, कोपागंज ब्लॉक और सिधा अहिलासपुर यूनिट पर फतेहपुर मंडाव, दोहरीघाट, घोसी, बड़राव और रतनपुरा ब्लॉक के गांवों से इकट्ठा किए गये प्लास्टिक का निस्तारण होगा।
विज्ञापन
प्लास्टिक के प्रयोग से कम खर्च में बनेंगी मजबूत सड़कें
प्लास्टिक से बनने वाली सड़क मजबूत होंगी। पानी तारकोल के लिए नुकसानदेह होता है, जिससे बारिश में तारकोल कट जाता है। पानी लगने से सड़कें जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। प्लास्टिक का प्रयोग होने से पानी का असर सड़कों पर नहीं पड़ेगा, जिससे वो टिकाऊ रहेंगी। धूप में भी सड़क पर कोई विशेष असर नहीं आएगा, क्योंकि इनका प्रयोग गिट्टी में मिलाकर किया जाएगा। इसके अलावा सड़क में बजट कम खर्च होगा, जिससे विकास के अन्य कार्य हो सकेंगे।
विज्ञापन
कोट -
गांवों को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों से प्लास्टिक का कचरा इकट्ठा किया जा रहा है। अब तक 10 क्विंटल प्लास्टिक इकट्ठा करके प्लास्टिक वेस्ट यूनिट पर भेजा गया है।
- किरण वर्मा, सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी, मऊ
तीन साल पहले प्लास्टिक से बनी थी दो सड़क
जनपद में पहली बार वर्ष 2021 में तारकोल में प्लास्टिक मिलाकर दो सड़कों का निर्माण गया था, जो अब तक चल रही हैं। एक सड़क मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक का सुरहुरपुर बंदीकला संपर्क मार्ग है, जो एक किमी लंबा है। दूसरी सड़क रतनपुरा ब्लॉक में लखनऊ-बलिया मार्ग से 500 मीटर बरदहपुर संपर्क मार्ग है।