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Mau News: मोहर्रम पर निकला दुलदुल और अलम का जुलूस
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घोसी नगर के बड़ागांव में मजलिस करते अकीदतमंद
घोसी नगर में बृहस्पतिवार रात मोहर्रम की दूसरी तारीख को कर्बला के शहीदों की याद में जुलूस निकाला गया। इसमें इमाम हुसैन और उनके साथियों को याद किया गया। अकीदतमंदों ने दुलदुल और अलम के साथ नौहाखानी और मातम किया।
जुलूस मदरसा हुसैनिया से रात आठ बजे शुरू हुआ। यह पारंपरिक रास्तों से होते हुए शिया इमामबाड़ा एनएच 29 पर देर रात समाप्त हुआ। जुलूस में इमाम हुसैन के प्रिय घोड़े दुलदुल को सजाकर आगे रखा गया था। इसके पीछे अलम का जुलूस और श्रद्धालु मातम करते हुए चल रहे थे।
अंजुमन सज्जादिया के लोगों ने नौहा और मातम के साथ ‘या हुसैन, या अली’ के नारे लगाए। यह जुलूस पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और उनके परिवार के कर्बला पहुंचने की याद में निकाला गया। जुलूस देर रात लगभग दो बजे शिया इमामबाड़ा पहुंचा।
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इस अवसर पर मौलाना मेहंदी हुसैनी, मौलाना जाफर हुसैन और अहमद औन मौजूद रहे। नजमुल हसन, शफीक हुसैन और जमीरुल हसन भी उपस्थित थे।
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जुलूस मदरसा हुसैनिया से रात आठ बजे शुरू हुआ। यह पारंपरिक रास्तों से होते हुए शिया इमामबाड़ा एनएच 29 पर देर रात समाप्त हुआ। जुलूस में इमाम हुसैन के प्रिय घोड़े दुलदुल को सजाकर आगे रखा गया था। इसके पीछे अलम का जुलूस और श्रद्धालु मातम करते हुए चल रहे थे।
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अंजुमन सज्जादिया के लोगों ने नौहा और मातम के साथ ‘या हुसैन, या अली’ के नारे लगाए। यह जुलूस पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और उनके परिवार के कर्बला पहुंचने की याद में निकाला गया। जुलूस देर रात लगभग दो बजे शिया इमामबाड़ा पहुंचा।
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इस अवसर पर मौलाना मेहंदी हुसैनी, मौलाना जाफर हुसैन और अहमद औन मौजूद रहे। नजमुल हसन, शफीक हुसैन और जमीरुल हसन भी उपस्थित थे।