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फोरलेन को लेकर महिलाओं का प्रदर्शन
mau
Updated Fri, 15 Jun 2018 01:13 AM IST
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कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर अंडरब्रिज की मांग को लेकर पहुंची सरायलखंसी थाना क्षेत्र के ताजोपुर गांव स्थित मझौवां राजभर बस्ती की महिलाएं।
- फोटो : mau
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सरायलखंसी थाना क्षेत्र के ताजोपुर गांव स्थित मझौंवा राजभर बस्ती की महिलाओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। फोरलेन से बंद हो रहे रास्ते को छोड़ने को लेकर एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मझौवा राजभर बस्ती के लोगों का खेत फोरलेन सड़क के उस पार हो जा रहा है।बस्ती में आने-जाने के साथ किसानों के खेत जाने का एक मात्र रास्ता है। फोरलेन का निर्माण हो जाने पर बस्ती में आने-जाने के साथ खेती किसानी के लिए रास्ता अवरुद्ध हो जाएगा।
ताजोपुर गांव से पक्षिम सिरबंधी राजभर बस्ती है। बस्ती में करीब 150 लोगों का मकान है। गांव के आधे से ज्यादा लोगों के खेत फोरलेन के उस पार हो गया है। बस्ती के लोगों के साथ गांव के किसानों को मजबूरन आठ से दस किलोमीटर दूरी तय कर बस्ती और खेत तक जाना पड़ेगा। महिलाओं और किसानों को कृषि कार्य में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
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प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि अंडरब्रिज का निर्माण बस्ती में आने-जाने के लिए नहीं किया जाएगा तब तक फोरलेन का निर्माण पूरी तरह से बाधित कर दिया जाएगा।
इस दौरान प्रभावती देवी, भगवनिया, लालती, चनरमी, अनीता, सोनी, उमा, रीता, सुशीला, बाची, कमलावती, रामदेई, गुड़िया, रीता आदि के साथ ही काफी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं।
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प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मझौवा राजभर बस्ती के लोगों का खेत फोरलेन सड़क के उस पार हो जा रहा है।बस्ती में आने-जाने के साथ किसानों के खेत जाने का एक मात्र रास्ता है। फोरलेन का निर्माण हो जाने पर बस्ती में आने-जाने के साथ खेती किसानी के लिए रास्ता अवरुद्ध हो जाएगा।
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ताजोपुर गांव से पक्षिम सिरबंधी राजभर बस्ती है। बस्ती में करीब 150 लोगों का मकान है। गांव के आधे से ज्यादा लोगों के खेत फोरलेन के उस पार हो गया है। बस्ती के लोगों के साथ गांव के किसानों को मजबूरन आठ से दस किलोमीटर दूरी तय कर बस्ती और खेत तक जाना पड़ेगा। महिलाओं और किसानों को कृषि कार्य में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
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प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि अंडरब्रिज का निर्माण बस्ती में आने-जाने के लिए नहीं किया जाएगा तब तक फोरलेन का निर्माण पूरी तरह से बाधित कर दिया जाएगा।
इस दौरान प्रभावती देवी, भगवनिया, लालती, चनरमी, अनीता, सोनी, उमा, रीता, सुशीला, बाची, कमलावती, रामदेई, गुड़िया, रीता आदि के साथ ही काफी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं।