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खतरा बिंदु से 35 सेमी ऊपर बहने से तटवर्ती इलाके के लोगों की उड़ी नींद
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दोहरीघाट। सरयू नदी का जलस्तर जैसे-जैसे खतरा बिंदु के ऊपर बढ़ता जा रहा है। वैसे-वैसे कस्बा सहित तटवर्ती इलाके के लोगों की धड़कनें बढ़ती ही जा रही है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में पांच सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी का जलस्तर खतरा बिंदु से ऊपर पहुंच जाने से बंधों पर नदी का दबाव बढ़ गया है। हजारों एकड़ फसल पानी में डूब जाने से किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। कस्बे तथा गांवों में पानी घुसने की आशंका से लोग दहशत में जी रहे है। सरयू नदी के कहर बरपाने से तटवर्ती इलाके के लोगों की नींद उड़ गई है। नदी खतरा बिंदु से 35 सेमी ऊपर हिलोरे मार रही है।
नदी के रौद्र रुप को देख तटवर्ती इलाकों में हाहाकार मचना शुरू हो गया है। रविवार को नदी का जलस्तर 70.25 मीटर रहा। शनिवार को जलस्तर 70.20 मीटर रहा। चौबीस घंटे में नदी के जलस्तर में पांच सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी का खतरा बिंदु 69.90 मीटर है। नदी के खतरा बिंदु से 35 सेमी ऊपर बहने से बंधों पर नदी का दबाव बढ़ गया है।
धनौली लोहड़ा बांध,नौली चिउतीडाड रिंग बंधा तथा बीबीपुर बेलौली बंधों पर खतरा काफी बढ़ गया है। जिससे तटवर्ती गांवों हजारों एकड़ फसल पानी में डूब गई है। कस्बे में भी नदी का पानी घुसने की आशंका से लोग भयभीत हैं। नदी के रौद्र रुप धारण करने से एक ओर जहां नगर की ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर,दुर्गा मंदिर,खाकी बाबा की कुटी, डीह बाबा का मंदिर, लोक निर्माण का डाक बंगला, हनुमान मंदिर तथा शाही मस्जिद पर खतरा मंडराने लगा है। वहीं तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नईबाजार, नवली, चिऊटीडांड, पतनई, सरया, बीबीपुर, गोधनी, ठाकुर गांव, गौरीडीह, कोरौली, बेलौली, पाऊस, महुआ बारी, ठीकरहिया, महाबारी, रसूलपुर, सूरजपुर आदि गांवो में पानी घुसने का खतरा बढ़ने से लोग दहशत में जी रहे हैं।
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उपजिलाधिकारी घोसी सीएल सोनकर ने रविवार को कटान तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। नदी के बढ़ते जल स्तर को लेकर उपजिलाधिकारी ने गौरीशंकर घाट पर बने गेज का निरीक्षण करते हुए सिचाई विभाग को कटान रोकने को लेकर व्यापक इंतजाम करने का निर्देश दिया।
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नदी के रौद्र रुप को देख तटवर्ती इलाकों में हाहाकार मचना शुरू हो गया है। रविवार को नदी का जलस्तर 70.25 मीटर रहा। शनिवार को जलस्तर 70.20 मीटर रहा। चौबीस घंटे में नदी के जलस्तर में पांच सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी का खतरा बिंदु 69.90 मीटर है। नदी के खतरा बिंदु से 35 सेमी ऊपर बहने से बंधों पर नदी का दबाव बढ़ गया है।
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धनौली लोहड़ा बांध,नौली चिउतीडाड रिंग बंधा तथा बीबीपुर बेलौली बंधों पर खतरा काफी बढ़ गया है। जिससे तटवर्ती गांवों हजारों एकड़ फसल पानी में डूब गई है। कस्बे में भी नदी का पानी घुसने की आशंका से लोग भयभीत हैं। नदी के रौद्र रुप धारण करने से एक ओर जहां नगर की ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर,दुर्गा मंदिर,खाकी बाबा की कुटी, डीह बाबा का मंदिर, लोक निर्माण का डाक बंगला, हनुमान मंदिर तथा शाही मस्जिद पर खतरा मंडराने लगा है। वहीं तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नईबाजार, नवली, चिऊटीडांड, पतनई, सरया, बीबीपुर, गोधनी, ठाकुर गांव, गौरीडीह, कोरौली, बेलौली, पाऊस, महुआ बारी, ठीकरहिया, महाबारी, रसूलपुर, सूरजपुर आदि गांवो में पानी घुसने का खतरा बढ़ने से लोग दहशत में जी रहे हैं।
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उपजिलाधिकारी घोसी सीएल सोनकर ने रविवार को कटान तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। नदी के बढ़ते जल स्तर को लेकर उपजिलाधिकारी ने गौरीशंकर घाट पर बने गेज का निरीक्षण करते हुए सिचाई विभाग को कटान रोकने को लेकर व्यापक इंतजाम करने का निर्देश दिया।