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नन्ही निर्भया की मदद को आगे आए लोग
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मऊ। दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के एक मुहल्ले में बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले खुलेआम घुम रहें है। वहीं दरिंदगी की शिकार मासूम निर्भया की दशा में कोई सुधार नहीं है। मासूम के उपचार के लिए शुक्रवार को लोगों ने बच्ची के पिता को चंदा एकत्र करके दिया।
बताते चले बीते सात सितंबर की रात को घर के पास खेल रही सात वर्षीय मासूम के साथ कुछ मनबढ़ों ने दरिंदगी की। बच्ची लहुलूहान हाल में झाड़ियों में फेंकी मिली। इस दौरान परिवार के सदस्य बच्ची को उपचार के लिए महिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराए। इस खबर को उस दिन सिर्फ अमर उजाला ने प्रकाशित किया था। दुष्कर्म की शिकार बच्ची की दशा खराब देख डाक्टरों ने उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। जहां उपचार के बाद डाक्टरों ने उसे बुधवार को डिस्चार्ज कर दिया। इस दौरान परिवार के सदस्य बीते गुरुवार को बच्ची को घर लेकर आ गए। यहां उसका उपचार चल रहा है, लेकिन गरीब माता पिता के पास उसका समुचित उपचार कराने के लिए धन नहीं है। इस बात की जानकारी होने पर मुहल्ले के साथ अन्य लोगों ने नन्ही निर्भया की जान बचाने के लिए आगे बढ़े। इस दौरान शुक्रवार को एकत्र हुई धनराशि को पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल ने पीड़िता के परिवार को सौंपा। दूसरी तरफ मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के 13 दिन बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। हालांकि संपर्क करने पर गुरुवार को सीओ नगर राजकुमार ने दावा किया था कि आरोपी की शिनाख्त हो चुकी है। जल्द की वह पुलिस की गिरफ्त में होगा। लेकिन शुक्रवार की शाम तक आरोपी का पता नहीं चला। राजकुमार ने यह भी दावा किया था कि बच्ची के उपचार के लिए विभाग की तरफ से मदद किया जा रहा है।
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बताते चले बीते सात सितंबर की रात को घर के पास खेल रही सात वर्षीय मासूम के साथ कुछ मनबढ़ों ने दरिंदगी की। बच्ची लहुलूहान हाल में झाड़ियों में फेंकी मिली। इस दौरान परिवार के सदस्य बच्ची को उपचार के लिए महिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराए। इस खबर को उस दिन सिर्फ अमर उजाला ने प्रकाशित किया था। दुष्कर्म की शिकार बच्ची की दशा खराब देख डाक्टरों ने उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। जहां उपचार के बाद डाक्टरों ने उसे बुधवार को डिस्चार्ज कर दिया। इस दौरान परिवार के सदस्य बीते गुरुवार को बच्ची को घर लेकर आ गए। यहां उसका उपचार चल रहा है, लेकिन गरीब माता पिता के पास उसका समुचित उपचार कराने के लिए धन नहीं है। इस बात की जानकारी होने पर मुहल्ले के साथ अन्य लोगों ने नन्ही निर्भया की जान बचाने के लिए आगे बढ़े। इस दौरान शुक्रवार को एकत्र हुई धनराशि को पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल ने पीड़िता के परिवार को सौंपा। दूसरी तरफ मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के 13 दिन बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। हालांकि संपर्क करने पर गुरुवार को सीओ नगर राजकुमार ने दावा किया था कि आरोपी की शिनाख्त हो चुकी है। जल्द की वह पुलिस की गिरफ्त में होगा। लेकिन शुक्रवार की शाम तक आरोपी का पता नहीं चला। राजकुमार ने यह भी दावा किया था कि बच्ची के उपचार के लिए विभाग की तरफ से मदद किया जा रहा है।
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