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निकाला शांति मार्च, लगाया जाम
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Tue, 09 Aug 2016 12:22 AM IST
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विरोध मार्च
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जनवादी किसान सभा ने भले ही शांति मार्च निकालने की घोषणा की हो लेकिन सोमवार को संगठन के कार्यकर्ता मधुबन मोड़ से तहसील तक नारेबाजी करते हुए पहुंचे। साथ ही विभिन्न मांगों को पूरा कराने के लिए तहसील मुख्यालय पर जमकर बवाल किया। दो घंटे जाम लगाने से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई थी। सूचना मिलने मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर मामला शांत कराया।
कार्यकर्ता नगर के मधुबन मोड़ से जुलूस के रूप में तहसील मुख्यालय पर नारेबाजी करते हुए पहुंचे, इसके बाद तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इसको लेकर देर तक जाम की स्थिति रही।धरना प्रदर्शन के दौरान एक बार तो भीड़ पास में स्थित आबकारी गोदाम पर भी पहुंच गई।
यहां नारेबाजी करते हुए गेट को तोड़ने की कोशिश भी की। वहां किसी के न होने पर वापस लौटे। उनकी मांगों में शामिल अवैध शराब का कारोबार बंद कराने के लिए जमकर नारेबाजी की। वहां से वापस आकर प्रदर्शनकारी तहसील पर पुन: जाम लगा दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाद में धरनारत लोगों ने 59 सूत्री मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी घोसी को सौंपा। ज्ञापन लेकर उपजिलाधिकारी घोसी एसडी सिंह ने उसे पूरा कराने का आश्वासन भी दिया।
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एसडीएम के आश्वासन पर शाम 5.40 बजे जाम समाप्त हुआ। इस मौके पर अवधेश बागी ने कहा कि अवैध शराब की बिक्री के चलते अपराध बढ़ रहा है।इसका सबसे अधिक कुप्रभाव गरीबों और दलितों पर पड़ रहा है।
यही नहीं अवैध शराब के नाम पर इनको ही ज्यादा परेशान करने के साथ जेल भेजा जा रहा है।यह सब आबकारी और पुलिस विभाग की मिलीभगत का परिणाम है। इसे तुरन्त बंद किया जाय। वृद्धा, विधवाओ,विकलांगो को कम से कम तीन हजार रुपये मासिक पेंशन दिया जाय। मनरेगा के तहत सभी गरीबों को सालभर कार्य दिया जाय।
बनियापार के दलितों का नाम बीपीएल सूची में दर्ज किया जाय।
जिन किसानों को सूखाराहत का धन नहीं मिला है उनको तुरंत सहायता दी जाय।खानपुर बुजुर्ग गांव के सरायककुलत,सराय बड़े पुरवे को लोहिया गांव घोषित किया जाय।वाराणसी- गोरखपुर मार्ग के लिये किसानों की जमीन न लिया जाय।सभी गावों को भरपूर बिजली दिया जाय।
नहरों में भरपूर पानी हर समय दिया जाय।मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन तेज करना ही एक मात्र विकल्प है। इसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। इस अवसर पर रजनीश भारती, सन्नी राव,अरविंद मूर्ति,दारा शास्त्री, सुनीता देवी, वासिम अहमद, सूर्यदेव सिंह शामिल रहे।
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कार्यकर्ता नगर के मधुबन मोड़ से जुलूस के रूप में तहसील मुख्यालय पर नारेबाजी करते हुए पहुंचे, इसके बाद तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इसको लेकर देर तक जाम की स्थिति रही।धरना प्रदर्शन के दौरान एक बार तो भीड़ पास में स्थित आबकारी गोदाम पर भी पहुंच गई।
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यहां नारेबाजी करते हुए गेट को तोड़ने की कोशिश भी की। वहां किसी के न होने पर वापस लौटे। उनकी मांगों में शामिल अवैध शराब का कारोबार बंद कराने के लिए जमकर नारेबाजी की। वहां से वापस आकर प्रदर्शनकारी तहसील पर पुन: जाम लगा दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाद में धरनारत लोगों ने 59 सूत्री मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी घोसी को सौंपा। ज्ञापन लेकर उपजिलाधिकारी घोसी एसडी सिंह ने उसे पूरा कराने का आश्वासन भी दिया।
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एसडीएम के आश्वासन पर शाम 5.40 बजे जाम समाप्त हुआ। इस मौके पर अवधेश बागी ने कहा कि अवैध शराब की बिक्री के चलते अपराध बढ़ रहा है।इसका सबसे अधिक कुप्रभाव गरीबों और दलितों पर पड़ रहा है।
यही नहीं अवैध शराब के नाम पर इनको ही ज्यादा परेशान करने के साथ जेल भेजा जा रहा है।यह सब आबकारी और पुलिस विभाग की मिलीभगत का परिणाम है। इसे तुरन्त बंद किया जाय। वृद्धा, विधवाओ,विकलांगो को कम से कम तीन हजार रुपये मासिक पेंशन दिया जाय। मनरेगा के तहत सभी गरीबों को सालभर कार्य दिया जाय।
बनियापार के दलितों का नाम बीपीएल सूची में दर्ज किया जाय।
जिन किसानों को सूखाराहत का धन नहीं मिला है उनको तुरंत सहायता दी जाय।खानपुर बुजुर्ग गांव के सरायककुलत,सराय बड़े पुरवे को लोहिया गांव घोषित किया जाय।वाराणसी- गोरखपुर मार्ग के लिये किसानों की जमीन न लिया जाय।सभी गावों को भरपूर बिजली दिया जाय।
नहरों में भरपूर पानी हर समय दिया जाय।मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन तेज करना ही एक मात्र विकल्प है। इसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। इस अवसर पर रजनीश भारती, सन्नी राव,अरविंद मूर्ति,दारा शास्त्री, सुनीता देवी, वासिम अहमद, सूर्यदेव सिंह शामिल रहे।