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Mau News: मरीजों का विवरण होगा ऑनलाइन, पुराने पर्चे रखने और लाइन में लगने से मिलेगी मुक्ति
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आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत अब हर मरीज का डाटा ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। अस्पताल आने के साथ मरीज का विवरण लेकर उपचार शुरु हो जाएगा। मरीज का पूरा विवरण आभा आईडी पर दर्ज किया जाएगा।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के लागू होने के बाद चिकित्सक के परामर्श को कंप्यूटर पर आपरेटर द्वारा लिखा जाएगा। पेपरलेस उपचार के लिए यह नई शुरुआत की गई है, उपचार के लिए मरीज को पुराना पर्चा सहित अन्य कागजात साथ रखने से निजात मिलेगी।
जनपद में इसकी शुरुआत सभी सरकारी अस्पताल में होगी। जनपद से तीन स्वास्थ्यकर्मियों को लखनऊ से प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। मरीजों को अब उपचार करने के लिए अस्पतालों की लंबी कतार और ऑफलाइन पद्धति से दस्तावेजों को जमा करने और दवा लेने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा।
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आयुष्मान भारत रजिस्ट्रेशन इंडिया के तहत ऐसे लाभार्थियों को आभा एप के माध्यम से आभा आईडी बनाकर आभा एड्रेस जारी किया जाएगा। इस पर मरीज का एचपीआरए रिकार्ड यानी पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। मरीज के अस्पताल में आते ही ऑनलाइन टोकन जारी होगा।
उसी टोकन के आधार पर मरीज को संबंधित अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार मिलेगा। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के लिए जिला अस्पताल के मैनेजर रामप्रवेश यादव, महिला अस्पताल से डॉ. मिथिलेश और विरेंद्र यादव को लखनऊ में प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के लिए जिला अस्पताल, महिला अस्पताल सहित 100 बेड के टडियांव अस्पताल और सभी सीएचसी को चयनित किया गया है।
अस्पतालों में कंप्यूटर और अन्य संसाधनों की करनी होगी व्यवस्था
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला अस्पताल, महिला अस्पताल के साथ सभी सीएचसी पर कंप्यूटर सहित अन्य संसाधन लगाने होंगे, जिससे मरीज को चक्कर न लगाना पड़े। अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र पर इसकी समुचित व्यवस्था करनी होगी। सूत्रों के अनुसार शासन की तरफ से जिला अस्पताल और महिला को छोड़कर किसी स्वास्थ्य केंद्र पर यह संसाधन मौजूद नहीं है। सिर्फ जिला अस्पताल में कंप्यूटर है। आने वाले दिनों में आपरेटर की नियुक्ति के बाद ही इसकी शुरुआत हो सकेगी।
पेपरलेस उपचार के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत मरीज का ऑनलाइन पर्ची पर ही दवा लिखी जाएगी। आभा एप पर मरीज भी आनलाइन अपने उपचार का पूरा विवरण एक क्लिक में देख सकेगा। पहले चरण में प्रशिक्षण होने के बाद मानव संसाधन मिलते ही काम शुरु कर दिया जाएगा। - डॉ. सीपी आर्या, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल
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आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के लागू होने के बाद चिकित्सक के परामर्श को कंप्यूटर पर आपरेटर द्वारा लिखा जाएगा। पेपरलेस उपचार के लिए यह नई शुरुआत की गई है, उपचार के लिए मरीज को पुराना पर्चा सहित अन्य कागजात साथ रखने से निजात मिलेगी।
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जनपद में इसकी शुरुआत सभी सरकारी अस्पताल में होगी। जनपद से तीन स्वास्थ्यकर्मियों को लखनऊ से प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। मरीजों को अब उपचार करने के लिए अस्पतालों की लंबी कतार और ऑफलाइन पद्धति से दस्तावेजों को जमा करने और दवा लेने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा।
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आयुष्मान भारत रजिस्ट्रेशन इंडिया के तहत ऐसे लाभार्थियों को आभा एप के माध्यम से आभा आईडी बनाकर आभा एड्रेस जारी किया जाएगा। इस पर मरीज का एचपीआरए रिकार्ड यानी पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। मरीज के अस्पताल में आते ही ऑनलाइन टोकन जारी होगा।
उसी टोकन के आधार पर मरीज को संबंधित अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार मिलेगा। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के लिए जिला अस्पताल के मैनेजर रामप्रवेश यादव, महिला अस्पताल से डॉ. मिथिलेश और विरेंद्र यादव को लखनऊ में प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के लिए जिला अस्पताल, महिला अस्पताल सहित 100 बेड के टडियांव अस्पताल और सभी सीएचसी को चयनित किया गया है।
अस्पतालों में कंप्यूटर और अन्य संसाधनों की करनी होगी व्यवस्था
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला अस्पताल, महिला अस्पताल के साथ सभी सीएचसी पर कंप्यूटर सहित अन्य संसाधन लगाने होंगे, जिससे मरीज को चक्कर न लगाना पड़े। अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र पर इसकी समुचित व्यवस्था करनी होगी। सूत्रों के अनुसार शासन की तरफ से जिला अस्पताल और महिला को छोड़कर किसी स्वास्थ्य केंद्र पर यह संसाधन मौजूद नहीं है। सिर्फ जिला अस्पताल में कंप्यूटर है। आने वाले दिनों में आपरेटर की नियुक्ति के बाद ही इसकी शुरुआत हो सकेगी।
पेपरलेस उपचार के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत मरीज का ऑनलाइन पर्ची पर ही दवा लिखी जाएगी। आभा एप पर मरीज भी आनलाइन अपने उपचार का पूरा विवरण एक क्लिक में देख सकेगा। पहले चरण में प्रशिक्षण होने के बाद मानव संसाधन मिलते ही काम शुरु कर दिया जाएगा। - डॉ. सीपी आर्या, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल