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Mau News: 3 महीने में 1925 से ज्यादा हृदय और 2500 से अधिक बीपी के मरीज मिले
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आरोग्य मेला में मरीजों का डोमनपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार करते डॉक्टर
- फोटो : udhampur news
मऊ। जिले में बीते तीन महीने में आयोजित 12 सीएम जन आरोग्य मेले में 1925 से ज्यादा लोग हार्ट जबकि 2500 से अधिक बीपी के मरीजों को चिह्नित किए गए।
इस दौरान 2000 मरीज त्वचा रोग के सामने आए। वहीं 1000 किशोरियों में एनीमिया और एक हजार युवाओं में प्री डायबिटिक लक्षणों की पहचान हुई है। यह आंकड़ा बीते तीन महीने में आयोजित हर रविवार को जन आरोग्य मेले के हैं।
जिले में अगस्त, सितंबर और अक्तूबर में आयोजित 12 सीएम जन आरोग्य मेले के दौरान 28 हजार से ज्यादा लोगों के स्वास्थ्य की जांच हुई। मेल के दौरान सबसे ज्यादा बल्ड प्रेशर के 2500 से मरीज सामने आए, इसमें महिला मरीजों की संख्या ज्यादा रही। वहीं इसमें करीब बीस फीसदी मरीजों की उम्र 25 से 35 वर्ष के बीच रही। इसी तरह से 1925 मरीजों में हृदय रोग से जुड़ी बीमारियों का पता चला, इसमें करीब 28 फीसदी युवा रहे।
इसी क्रम में फैटीलिवर से त्रस्त दो हजार लोग पहुंचे, जबकि चर्म रोगी के मरीजों का आंकड़ा भी 1000 के करीब रहा। इस दौरान सबसे ज्यादा वायरल फीवर और पेट की बीमारियों के मरीज रहे, जिनकी संख्या करीब पांच हजार रही है।
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इस दौरान चर्म रोग और पेट दर्द और सांस के मरीजों का आंकड़ा भी अन्य आरोग्य मेले में बढ़ा मिला। डॉक्टरों ने बताया कि तीनों बीमारियों के बढ़ने का कारण प्रदूषण है।
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इस दौरान 2000 मरीज त्वचा रोग के सामने आए। वहीं 1000 किशोरियों में एनीमिया और एक हजार युवाओं में प्री डायबिटिक लक्षणों की पहचान हुई है। यह आंकड़ा बीते तीन महीने में आयोजित हर रविवार को जन आरोग्य मेले के हैं।
जिले में अगस्त, सितंबर और अक्तूबर में आयोजित 12 सीएम जन आरोग्य मेले के दौरान 28 हजार से ज्यादा लोगों के स्वास्थ्य की जांच हुई। मेल के दौरान सबसे ज्यादा बल्ड प्रेशर के 2500 से मरीज सामने आए, इसमें महिला मरीजों की संख्या ज्यादा रही। वहीं इसमें करीब बीस फीसदी मरीजों की उम्र 25 से 35 वर्ष के बीच रही। इसी तरह से 1925 मरीजों में हृदय रोग से जुड़ी बीमारियों का पता चला, इसमें करीब 28 फीसदी युवा रहे।
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इसी क्रम में फैटीलिवर से त्रस्त दो हजार लोग पहुंचे, जबकि चर्म रोगी के मरीजों का आंकड़ा भी 1000 के करीब रहा। इस दौरान सबसे ज्यादा वायरल फीवर और पेट की बीमारियों के मरीज रहे, जिनकी संख्या करीब पांच हजार रही है।
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इस दौरान चर्म रोग और पेट दर्द और सांस के मरीजों का आंकड़ा भी अन्य आरोग्य मेले में बढ़ा मिला। डॉक्टरों ने बताया कि तीनों बीमारियों के बढ़ने का कारण प्रदूषण है।