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तीन मामलों में 14 के विरुद्ध एफआईआरदर्ज कर विवेचना का आदेश

Wed, 04 Nov 2020 11:50 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 04 Nov 2020 11:50 PM IST
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Order for investigation by filing FIR against 14 in three cases
मऊ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद शर्मा ने सुनवाई के बाद तीन मामलों में कुल 14 लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का आदेश थाना प्रभारी सरायलखंसी को दिया है। जारी आदेश में उन्होंने कहाकि यदि विवेचना में मामला झूठा पाया जाता है तो वादीगण के विरुद्ध 182 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई करें।
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पहला मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। मामले के अनुसार गाजीपुर जनपद के कासिमाबाद थाना क्षेत्र के मुबारकपुर खेदु गांव निवासी सरवन उर्फ श्रवण पुत्र स्वर्गीय विश्वनाथ चौहान ने कोर्ट में 156 (3) सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र दिया। इसमें सरायलखंसी थाना क्षेत्र के हाजीपुर गांव निवासी हरेंद्र चौहान, सत्यदेव चौहान, कमलेश चौहान, संध्या उर्फ गुड्डी, संजू और कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया। वादी का आरोप है कि पुरानी रंजिश लेकर आतिश चौहान की तथा नाजायज संबंध बताकर ममता देवी की अलग-अलग हत्या कर उनके शव को लटका दिए तथा आत्महत्या का रूप देकर मामला रफा-दफा करा दिए। सुनवाई के बाद सीजेएम ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश प्रभारी निरीक्षक सरायलखंसी को दिया। साथ ही आदेश दिया कि विवेचना के दौरान घटना की सूचना गलत पाई जाए तो आवेदक के खिलाफ 182 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई करने के लिए संस्तुति की जाए। दूसरा मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। हाजीपुर गांव निवासी सुभाष चौहान पुत्र रूपधारी चौहान ने कोर्ट में अर्जी दिया। इसमें सत्यदेव, कमलेश ,हरिंद्र, रवि प्रकाश और धर्मेंद्र को आरोपी बनाया।
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वादी का कथन है कि अवैध संबंध को लेकर आरोपीगण उसके लडके अतीश चौहान को बार-बार जान से मारने की धमकी दे रहे थे। आरोपीगण उसके लड़के अतीश चौहान को 6 अप्रैल 20 को गले में रस्सी लगाकर मार डाले। सुनवाई के बाद सीजेएम ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का आदेश थानाध्यक्ष सरायलखंसी को दिया। साथी आदेश दिया कि विवेचना में सूचना गलत पाई जाती है तो वादी के खिलाफ धारा 182 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई करने के लिए संस्तुति की जाए। तीसरा मामला भी सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है । मामले के अनुसार बड़ागांव निवासी मनीष चौरसिया पुत्र राजेंद्र चौरसिया ने कोर्ट में अर्जी दिया। इसमें सोहन गुप्ता, प्रियंका गुप्ता, अनिल गुप्ता और सुनीता चौहान को आरोपी बनाया । वादी का कथन है कि उसका भाई प्रिंस उर्फ सालू आठ अगस्त 20 को घर से बाहर गया वापस नहीं आया। बाद में सूचना मिली की उसके भाई को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया है। सूचना पर वादी मौके पर पहुंचकर अपने भाई को लेकर जिला अस्पताल गया। जहां डाक्टरों ने बीएचयू के लिए रेफर कर दिया। बीएचयू ले जाते समय रास्ते में ही प्रिंस उर्फ सालू की मौत हो गई। सुनवाई के बाद सीजेएम ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश थाना प्रभारी सरायलखंसी को दिया। साथ ही आदेश दिया कि सूचना गलत पाई जाती है तो वादी के विरुद्ध 182 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई की संस्तुति की जाए।
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