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या अली, हुसैन के नारों की गूंज
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Wed, 12 Oct 2016 11:16 PM IST
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घोसी के बड़ागांव शिया मोहल्ले में मोहर्रम पर ताजिया जुलूस निकालते ताजिएदार।
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मोहर्रम की नौवीं तारीख को जिले भर में ताजियादारों ने पैगंबर हजरत इमाम हुसैन की याद में मंगलवार की देर रात तक ताजिया का जुलूस निकाला। इस दौरान कई स्थानों पर ताजियादारों ने जलते आग के अंगारों पर चलकर मातम पोशी किया। साथ ही नौहाख्वानी के बीच जमकर सीनाजनी की। इस दौरान या अली या हुसैन के नारे से क्षेत्र गूंजायमान रहा। नगर क्षेत्र में छह स्थानों से नौवीं मोहर्रम का जुलूस निकाला गया। वहीं बुधवार को 10वीं मोहर्रम के जुलूस की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
नौेवीं मोहर्रम का जुलूस नगर में रौजा बाजार, क्यारी टोला, मलिकटोला, घास बाजार, गोला बाजार और शाही कटरे से निकाला गया। इन स्थानों से निकले ताजिया के जुलूस के साथ अलग-अलग ताजियादार संगठन के लोग शामिल रहे, जो नौहे और मातमी गीतों की धुनों पर सीनाजनी करते हुए चल रहे थे। जुलूस से पूर्व अंजुमन बाबुल इल्म जाफरिया मलिक टोला की ओर से इमामबाड़ा मलिक से अंजुमन से जुड़े सभी लोग एकत्र हुए और उन्होंने सबसे पहले जलते आग के लावों पर चलकर मातम किया। इसके बाद ताजियादारों का जुलूस नगर के मुख्य मार्ग की ओर बढ़ चला।
जुलूस मेें तलवार और लाठियों का करतब दिखाते हुए चलने वालों की संख्या काफी थी। रौजा बाजार के ताजिए के साथ चल रहे ताजियादारों ने लाठियों का करतब दिखाया। इस मौके पर जिले के आला अधिकारी पूरी तरह शांति व्यवस्था में लगे रहे। अधिकारियों का जमावड़ा संस्कृत पाठशाला मोड़ स्थित पुलिस चौकी में लगा हुआ था। जहां वह क्लोज सर्किट कैमरे की मदद से किए जा रहे दृश्यों पर नजर रखकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे थे।
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जुलूस निकालने से पूर्व भी अधिकारियों ने औरंगाबाद, अल्लीपुर, शाही कटरा, संस्कृत पाठशाला, घास बाजार, गोला बाजार, क्यारी टोला, रौजा बाजार, काजी टोला और मलिक टोला जैसे स्थानों का दौरा कर सुरक्षा इंतजाम का निरीक्षण किया। बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच 10वीं मुहर्रम का जुलूस निकला। घोसी संवाददाता के अनुसार घोसी नगर के बड़ागाव की प्रसिद्ध 10वीं मोहर्रम का जुलूस निकाला गया। पूरे रीति रिवाज के साथ बुधवार की शाम को राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित शिया कर्बला में आकर समाप्त हो गया। अंजुमनों द्वारा नौहाख्वानी पेश किया गया। मातम के दौरान लोगों की आंखें नम हो जा रही थी। कर्बला पहुंचने के बाद सभी ताजियों को दफन करने और शामे गरीबा के बाद कार्यक्रम समाप्त हुआ।
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नौेवीं मोहर्रम का जुलूस नगर में रौजा बाजार, क्यारी टोला, मलिकटोला, घास बाजार, गोला बाजार और शाही कटरे से निकाला गया। इन स्थानों से निकले ताजिया के जुलूस के साथ अलग-अलग ताजियादार संगठन के लोग शामिल रहे, जो नौहे और मातमी गीतों की धुनों पर सीनाजनी करते हुए चल रहे थे। जुलूस से पूर्व अंजुमन बाबुल इल्म जाफरिया मलिक टोला की ओर से इमामबाड़ा मलिक से अंजुमन से जुड़े सभी लोग एकत्र हुए और उन्होंने सबसे पहले जलते आग के लावों पर चलकर मातम किया। इसके बाद ताजियादारों का जुलूस नगर के मुख्य मार्ग की ओर बढ़ चला।
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जुलूस मेें तलवार और लाठियों का करतब दिखाते हुए चलने वालों की संख्या काफी थी। रौजा बाजार के ताजिए के साथ चल रहे ताजियादारों ने लाठियों का करतब दिखाया। इस मौके पर जिले के आला अधिकारी पूरी तरह शांति व्यवस्था में लगे रहे। अधिकारियों का जमावड़ा संस्कृत पाठशाला मोड़ स्थित पुलिस चौकी में लगा हुआ था। जहां वह क्लोज सर्किट कैमरे की मदद से किए जा रहे दृश्यों पर नजर रखकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे थे।
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जुलूस निकालने से पूर्व भी अधिकारियों ने औरंगाबाद, अल्लीपुर, शाही कटरा, संस्कृत पाठशाला, घास बाजार, गोला बाजार, क्यारी टोला, रौजा बाजार, काजी टोला और मलिक टोला जैसे स्थानों का दौरा कर सुरक्षा इंतजाम का निरीक्षण किया। बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच 10वीं मुहर्रम का जुलूस निकला। घोसी संवाददाता के अनुसार घोसी नगर के बड़ागाव की प्रसिद्ध 10वीं मोहर्रम का जुलूस निकाला गया। पूरे रीति रिवाज के साथ बुधवार की शाम को राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित शिया कर्बला में आकर समाप्त हो गया। अंजुमनों द्वारा नौहाख्वानी पेश किया गया। मातम के दौरान लोगों की आंखें नम हो जा रही थी। कर्बला पहुंचने के बाद सभी ताजियों को दफन करने और शामे गरीबा के बाद कार्यक्रम समाप्त हुआ।