{"_id":"60df41fd8ebc3ed66739e3cd","slug":"operation-running-on-old-equipment-in-ot-mau-news-vns598273520","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओटी में पुराने उपकरण के भरोसे चल रहा आपरेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओटी में पुराने उपकरण के भरोसे चल रहा आपरेशन
विज्ञापन
मऊ जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के आपरेशन थिएटर में उपकरणों की मरम्मत समय से नहीं होने के कारण समस्या बनी रहती है। जिला अस्पताल में मौजूद दो मानिटर में एक दो वर्षों से खराब है जिसकी मरम्मत नहीं हो सकी है। महिला अस्पताल में मानिटर नहीं है। हालांकि इसके लिए बजट स्वीकृत हुआ है।
जिला अस्पताल में जहां चिकित्सकों की कमी बनी हुई है, वहीं आपरेशन थियेटर पुराने उपकरणों के भरोसे ही संचालित हो रहा है। अस्पताल सूत्रों की मानें तो यहां ओटी में दो मानीटर लगाए गए हैं। इनमें एक मॉनीटर बीते दो वर्षों से खराब पड़ा हुआ है। इसकी सिर्फ बैटरी बदली जानी है लेकिन इसे बदला नहीं जा सका है। मानिटर से आक्सीजन स्तर, ब्लड प्रेशर, सांस की मानीटरिंग की जाती है। ऐसे में मानिटर की आपरेशन में अहम भूमिका होती है। बेहोशी में प्रयुक्त होने वाली दो दो मशीनों में से एक मामूली खराबी के चलते भी यह बीते कई माह से बंद पड़ी है। इसके चलते आपरेशन को लेकर टालमटोल किया जाता है। हालांकि डेढ़ वर्ष से अधिक समय से कोरोना संक्रमण के चलते आपरेशन बेहद कम हुए हैं। इतना हीं नहीं नेत्र विभाग की ओटी की भी स्थिति ठीक नहीं हैैं। यहां माइक्रोस्कोप का यूपीसीएस बीते दो वर्षों से खराब पड़ा हुआ है। ओटी के खराब उपकरणों की मरम्मत के लिए शासन से किसी कंपनी से अनुबंध किया गया है। उपकरण खराब होने की सूचना देने पर कंपनी के कर्मचारी उसकी मरम्मत करते हैं। स्थानीय स्तर पर देखरेख में कमी के कारण खराब उपकरण समय से दुरुस्त नहीं हो पाते हैं। वहीं महिला अस्पताल में मानिटर नहीं है। हालांकि इसका बजट स्वीकृत हो गया है लेकिन धन नहीं मिला है। सौ बेड के महिला महिला अस्पताल की ओटी में वर्तमान में लगी लाइटों में आधी खराब है जिससे आधे क्षेत्र में अंधेरा रहता है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में जहां चिकित्सकों की कमी बनी हुई है, वहीं आपरेशन थियेटर पुराने उपकरणों के भरोसे ही संचालित हो रहा है। अस्पताल सूत्रों की मानें तो यहां ओटी में दो मानीटर लगाए गए हैं। इनमें एक मॉनीटर बीते दो वर्षों से खराब पड़ा हुआ है। इसकी सिर्फ बैटरी बदली जानी है लेकिन इसे बदला नहीं जा सका है। मानिटर से आक्सीजन स्तर, ब्लड प्रेशर, सांस की मानीटरिंग की जाती है। ऐसे में मानिटर की आपरेशन में अहम भूमिका होती है। बेहोशी में प्रयुक्त होने वाली दो दो मशीनों में से एक मामूली खराबी के चलते भी यह बीते कई माह से बंद पड़ी है। इसके चलते आपरेशन को लेकर टालमटोल किया जाता है। हालांकि डेढ़ वर्ष से अधिक समय से कोरोना संक्रमण के चलते आपरेशन बेहद कम हुए हैं। इतना हीं नहीं नेत्र विभाग की ओटी की भी स्थिति ठीक नहीं हैैं। यहां माइक्रोस्कोप का यूपीसीएस बीते दो वर्षों से खराब पड़ा हुआ है। ओटी के खराब उपकरणों की मरम्मत के लिए शासन से किसी कंपनी से अनुबंध किया गया है। उपकरण खराब होने की सूचना देने पर कंपनी के कर्मचारी उसकी मरम्मत करते हैं। स्थानीय स्तर पर देखरेख में कमी के कारण खराब उपकरण समय से दुरुस्त नहीं हो पाते हैं। वहीं महिला अस्पताल में मानिटर नहीं है। हालांकि इसका बजट स्वीकृत हो गया है लेकिन धन नहीं मिला है। सौ बेड के महिला महिला अस्पताल की ओटी में वर्तमान में लगी लाइटों में आधी खराब है जिससे आधे क्षेत्र में अंधेरा रहता है।
विज्ञापन