{"_id":"683ef8e6877e063ffd0a7bae","slug":"one-person-sentenced-to-4-years-in-a-fraud-case-fined-rs-14-000-the-case-is-from-the-city-kotwali-area-2025-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: जालसाजी के मामले में एक को 4 वर्ष की सजा,14 हजार रुपए अर्थदंड लगा, मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: जालसाजी के मामले में एक को 4 वर्ष की सजा,14 हजार रुपए अर्थदंड लगा, मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का
Tue, 03 Jun 2025 08:47 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Tue, 03 Jun 2025 08:47 PM IST
सार
भानुप्रताप के आईडी पर फर्जी फोटो लगाकर सिम लेने के मामले में एक को 4 वर्ष की सजा,14 हजार रुपए अर्थदंड लगा। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जालसाजी के मामले में पूर्व प्रमुख रमेश सिंह काका कोर्ट में पेश नहीं हुए।
विज्ञापन
कोर्ट का आदेश।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने जालसाजी कर दूसरे के आईडी पर फर्जी फोटो लगाकर सिम लेने के मामले में सोमवार को दोषी पाए गए जावेद आजमी को मंगलवार को सजा के बिन्दू पर सुनवाई के बाद
4 वर्ष की सजा के साथ ही 14 हजार रुपए अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर 2 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वही दोषी पाए गए परदहां ब्लॉक के पूर्व प्रमुख रमेश सिंह काका के गैरजमानती वारंट को पुलिस ने अपनी रिपोर्ट के साथ न्यायालय में दाखिल किया कि वह काफी दिनों से घर पर नहीं रह रहे है। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार सहादतपुर निवासी सूर्यनाथ यादव की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। वादी का कथन था कि उसके रिश्तेदार भानु प्रताप पुत्र रामसकल यादव निवासी कोटिया, मठिया थाना मुहम्मदाबाद गोहना जो कोई वर्षों से मुंबई में रहकर नौकरी करते हैं।
विज्ञापन
9 जून 2010 को उसे पता चला है कि उसके रिश्तेदार भानु प्रताप के रिवाल्वर लाइसेंस का आईडी लगाकर प्रार्थना पत्र पर फर्जी फोटो लगाकर बदमाशों द्वारा सिम प्राप्त कर दुरुपयोग किया जा रहा है। इस दौरान उसे पता चला कि पीसीओ संचालक द्वारा सिम कार्ड एक अजनबी व्यक्ति को प्रार्थी के रिश्तेदार भानु प्रताप के नाम से बेचा है जिस पर रिवाल्वर लाइसेंस के फोटो में काफी भिन्नता है।
वादी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्जकर बाद विवेचना सरायलखंसी थाना क्षेत्र के कैथवली गांव निवासी परदहां ब्लॉक के पूर्व ब्लाक प्रमुख रमेश सिंह काका और जावेद आजमी के विरुद्ध आरोप पत्र सीजेएम न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए अभियोजन अधिकारी हरेंद्र सिंह ने कुल 7 गवाहो को पेशकर अभियोजन का पक्ष रखा।
बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सोमवार को रमेश सिंह काका और जावेद आजमी को धारा 419, 420, 468, 471 भादवि के तहत दोषी पाया था। दोषी पाए जाने के बाद जावेद आजमी को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेज दिया था।
मंगलवार को जावेद आजमी को जिला जेल से लाकर सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान उनकी ओर से उनके अधिवक्ता ने सजा के बिंदु पर अपना पक्ष रखते हुए कम से कम सजा दिए जाने की अपील किया। वही अभियोजन अधिकारी हरेंद्र सिंह ने अधिक से अधिक सजा दिए जाने का अनुरोध किया।
सुनवाई के बाद सीजेएम ने उन्हें प्रतिरूपण द्बारा छल के लिए 1 वर्ष की सजा के साथ ही तीन हजार रुपए अर्थदंड, छल करने के लिए 4 वर्ष की सजा के साथ ही 5 हजार रुपए अर्थदंड, कूटरचना के लिए तीन वर्ष की सजा के साथ ही 4 हजार रुपए अर्थदंड और कूटरचित दस्तावेज को असली के रूप मे प्रयोग करने के मामले में एक वर्ष की सजा के साथ ही एक हजार रुपए अर्थदंड लगाया।
अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
4 वर्ष की सजा के साथ ही 14 हजार रुपए अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर 2 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वही दोषी पाए गए परदहां ब्लॉक के पूर्व प्रमुख रमेश सिंह काका के गैरजमानती वारंट को पुलिस ने अपनी रिपोर्ट के साथ न्यायालय में दाखिल किया कि वह काफी दिनों से घर पर नहीं रह रहे है। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है।
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार सहादतपुर निवासी सूर्यनाथ यादव की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। वादी का कथन था कि उसके रिश्तेदार भानु प्रताप पुत्र रामसकल यादव निवासी कोटिया, मठिया थाना मुहम्मदाबाद गोहना जो कोई वर्षों से मुंबई में रहकर नौकरी करते हैं।
विज्ञापन
9 जून 2010 को उसे पता चला है कि उसके रिश्तेदार भानु प्रताप के रिवाल्वर लाइसेंस का आईडी लगाकर प्रार्थना पत्र पर फर्जी फोटो लगाकर बदमाशों द्वारा सिम प्राप्त कर दुरुपयोग किया जा रहा है। इस दौरान उसे पता चला कि पीसीओ संचालक द्वारा सिम कार्ड एक अजनबी व्यक्ति को प्रार्थी के रिश्तेदार भानु प्रताप के नाम से बेचा है जिस पर रिवाल्वर लाइसेंस के फोटो में काफी भिन्नता है।
वादी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्जकर बाद विवेचना सरायलखंसी थाना क्षेत्र के कैथवली गांव निवासी परदहां ब्लॉक के पूर्व ब्लाक प्रमुख रमेश सिंह काका और जावेद आजमी के विरुद्ध आरोप पत्र सीजेएम न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए अभियोजन अधिकारी हरेंद्र सिंह ने कुल 7 गवाहो को पेशकर अभियोजन का पक्ष रखा।
बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सोमवार को रमेश सिंह काका और जावेद आजमी को धारा 419, 420, 468, 471 भादवि के तहत दोषी पाया था। दोषी पाए जाने के बाद जावेद आजमी को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेज दिया था।
मंगलवार को जावेद आजमी को जिला जेल से लाकर सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान उनकी ओर से उनके अधिवक्ता ने सजा के बिंदु पर अपना पक्ष रखते हुए कम से कम सजा दिए जाने की अपील किया। वही अभियोजन अधिकारी हरेंद्र सिंह ने अधिक से अधिक सजा दिए जाने का अनुरोध किया।
सुनवाई के बाद सीजेएम ने उन्हें प्रतिरूपण द्बारा छल के लिए 1 वर्ष की सजा के साथ ही तीन हजार रुपए अर्थदंड, छल करने के लिए 4 वर्ष की सजा के साथ ही 5 हजार रुपए अर्थदंड, कूटरचना के लिए तीन वर्ष की सजा के साथ ही 4 हजार रुपए अर्थदंड और कूटरचित दस्तावेज को असली के रूप मे प्रयोग करने के मामले में एक वर्ष की सजा के साथ ही एक हजार रुपए अर्थदंड लगाया।
अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।