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प्रधानाध्यापिका की हत्या का शक किसी करीबी पर
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 06 Aug 2015 11:49 PM IST
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शहर कोतवाली क्षेत्र के सहादतपुरा नई बस्ती में रिटायर्ड प्रधानाध्यापिका की हत्या मामले में पुलिस किसी करीबी का हाथ होने की आशंका जता रही है। पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह का कहना है कि मौके पर मिले साक्ष्य और परिस्थितियों को देखते हुए भी यही प्रतीत हो रहा है कि घटना को इत्मिनान से अंजाम दिया गया है।
घटना स्थल पर मिली परिस्थितियों पर नजर डाले तो लंबे चौडे़ मकान में मुख्य गेट लोहे का है। इसके खुलने के बाद फिर मकान में लकड़ी का मुख्य दरवाजा है, इसी दरवाजे से घर के अंदर प्रवेश किया जाता है।
लेकिन पुलिस को घर में कहीं भी सेंध लगा नहीं दिखा। पुलिस मान रही है कि इस वारदात के पीछे किसी करीबी व्यक्ति का हाथ हो सकता है जो पहले भी यहां आता जाता या रुकता रहा हो।
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वही व्यक्ति घटना वाले दिन आया हो और मौका पाकर प्रधानाध्यापिका की हत्या कर दी हो और जेवरात आदि लूटकर चला गया हो। ऐसी संभावना इसलिए भी लगाई जा रही है कि प्रधानाध्यापिका इस घर में अकेेली ही रहती थीं।
रात में अगर कोई आता तो पहले वह कमरे से बाहर निकलकर मुख्य लोहे का दरवाजा खोलतीं, लेकिन पुलिस को दरवाजे बंद मिले थे। पुलिस को साक्ष्य जुटाने के दौरान दूसरे कमरे में कूलर भी चलता मिला साथ ही बेसिन में गुटके के पीक भी मिले हैं। पुलिस क्राइम ब्रांच ने मोबाइल टावर यानी बीटीएस के अंतर्गत प्रयोग होने वाले सभी नंबरों को भी खंगालना शुरू कर दिया है।
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घटना स्थल पर मिली परिस्थितियों पर नजर डाले तो लंबे चौडे़ मकान में मुख्य गेट लोहे का है। इसके खुलने के बाद फिर मकान में लकड़ी का मुख्य दरवाजा है, इसी दरवाजे से घर के अंदर प्रवेश किया जाता है।
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लेकिन पुलिस को घर में कहीं भी सेंध लगा नहीं दिखा। पुलिस मान रही है कि इस वारदात के पीछे किसी करीबी व्यक्ति का हाथ हो सकता है जो पहले भी यहां आता जाता या रुकता रहा हो।
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वही व्यक्ति घटना वाले दिन आया हो और मौका पाकर प्रधानाध्यापिका की हत्या कर दी हो और जेवरात आदि लूटकर चला गया हो। ऐसी संभावना इसलिए भी लगाई जा रही है कि प्रधानाध्यापिका इस घर में अकेेली ही रहती थीं।
रात में अगर कोई आता तो पहले वह कमरे से बाहर निकलकर मुख्य लोहे का दरवाजा खोलतीं, लेकिन पुलिस को दरवाजे बंद मिले थे। पुलिस को साक्ष्य जुटाने के दौरान दूसरे कमरे में कूलर भी चलता मिला साथ ही बेसिन में गुटके के पीक भी मिले हैं। पुलिस क्राइम ब्रांच ने मोबाइल टावर यानी बीटीएस के अंतर्गत प्रयोग होने वाले सभी नंबरों को भी खंगालना शुरू कर दिया है।