फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Occupy the bank on land

भूमि पर बैंक को कब्जा दिलाएं

Wed, 29 Mar 2017 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ Updated Wed, 29 Mar 2017 11:12 PM IST
विज्ञापन
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रमोद कुमार सिंह ने काशी गोमती संयुक्त क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक की तरफ से सिक्योरिटीएशन एंड रिकांसट्क्शन आफ फाइनेंन्सियल एसेट्स ऑफ सिक्योरिटी इंटरेस्ट एक्ट के तहत दाखिल अर्जी पर बैंक के अधिवक्ता गुरुनरायन पांडेय के तर्कों को सुनने  के बाद चार मामलों में बैंक ऋण के एवज में रखी गई संपत्ति पर बैंक को कब्जा दिलाए जाने का आदेश, थाना प्रभारियों  दिया है।
विज्ञापन



पहले मामले में काशी गोमती संयुक्त क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक चंद्रप्रकाश राम ने कोर्ट में अर्जी दी। प्रबंधक का कथन है कि काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक की शाखा विकास भवन से विपक्षी तहसील सदर क्षेत्र के परदहां गांव निवासी माया सिंह पत्नी ब्रम्हप्रकाश सिंह और ब्रम्ह प्रकाश सिंह पुत्र पतिराम सिंह ने भवन निर्माण के लिए तीन लाख रुपये का ऋण लिया। इसके एवज में अपनी आवासीय भूमि बैंक के पक्ष में बंधक रखा। सूचना के बावजूद वह ऋण अदा नहीं किए। प्रबंधक ने बंधक रखी गई आवासीय भूमि पर कब्जा दिलाए जाने का अनुरोध किया। सुनवाई के बाद सीजेएम ने थानाध्यक्ष सरायलखंसी को आदेश दिया कि वह बंधक रखी गई भूमि व मकान पर बैंक को कब्जा दिलाएं।
विज्ञापन

 दूसरा मामला तहसील सदर क्षेत्र के बेलचौरा गांव निवासी शैल कुमारी पत्नी विरेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह पुत्र शमशेर सिंह द्वारा काशी गोमती संयुक्त क्षेत्रिय ग्रामीण बैंक की शाखा मिर्जाहादीपुरा से भवन निर्माण के लिए तीन लाख 80 हजार रुपया ऋण लिया गया। इसके एवज में विपक्षीगण ने अपनी आवासीय भूमि व मकान बैंक के पक्ष में बंधक रखा था। ऋण की अदायगी न किए जाने पर बैंक ने नोटिस जारी किया। बावजूद इसके कोई प्रतिक्रिया विपक्षीगण की ओर से नहीं की गई। जिस पर बंधक रखी गई भूमि और मकान पर बैंक का कब्जा दिलाए जाने का अनुरोध किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन



सीजेएम  ने सुनवाई के बाद थानाध्यक्ष दक्षिणटोला को आदेश दिया कि वह बंधक रखी गई, भूमि और मकान पर बैंक का कब्जा दिलावे। तीसरा मामला तहसील घोसी क्षेत्र के  ग्राम सरहरा जमीन सरहरा में स्थित मेसर्स नटराज राइस मिल के प्रोपराइटर अब्दुल लतीफ और कमरुनिशा पत्नी अब्दुल लतीफ की बंधक रखी गई, भूमि पर कब्जा दिलाए जाने का अनुरोध किया गया। कहा गया कि विपक्षी राइस मिल के लिए काशी गोमती क्षेत्रिय ग्रामीण बैंक की शाखा सुल्तानपुर से पांच लाख रुपये का  ऋण लिया। इसके एवज में अपना भूमि और मकान को बैंक के पक्ष में बंधक रखा गया। ऋण की अदायगी न किए जाने पर बंधक रखी गई भूमि और मकान पर बैंक को कब्जा दिलाए जाने का अनुरोध किया गया। सुनवाई के बाद सीजेएम ने कोलवाल घोसी को आदेश दिया कि वह बंधक रखी गई भूमि और मकान पर बैंक को कब्जा दिलाए।  



चौथा मामला तहसील मुहम्मदाबादगोहना क्षेत्र के जमीन बरामदपुर गांव निवासी  मेसर्स किसान ट्रैक्टर के प्रोपराइटर हरिराम यादव पुत्र बेचई यादव ने  ट्रैक्टर के व्यवसाय के लिए तीन लाख रुपया मुहम्मदाबादगोहना  की शाखा से ऋण लिया। इसके एवज में अपना आवासीय भूमि और मकान को बैंक के  पक्ष में बंधक रखा। ऋण की अदायगी न किए जाने पर बैंक ने कोर्ट में अर्जी  देकर बंधक रखी गई भूमि पर कब्जा दिलाए जाने का अनुरोध किया। सुनवाई के  बाद सीजेएम ने कोतवाल मुहम्मदाबादगोहना को आदेश दिया कि वह बंधक रखी गई भूमि पर बैंक को कब्जा दिलाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed