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अब गांव में ही होगा बीजों का शोधन
ब्यूरो, अमर उजाला/ मऊ
Updated Thu, 20 Oct 2016 11:20 PM IST
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तिल
- फोटो : getty images
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रबी के बेहतर उत्पादन के लिए कृषि विभाग बीज-भूमि शोधन योजना के तहत जागरूकता अभियान चलाने जा रहा है। यह एक महीने तक चलेगा। इसके लिए ब्लाक के पांच गांवों को चयनित किया जायेगा। इन गांवों में शत प्रतिशत बीज व भूमि शोधन किया जाएगा। अन्य गांवों में इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाया जायेगा।
कृषि रक्षा इकाई की स्थानीय केन्द्र से मिली जानकारी के अनुसार कृषि रक्षा विभाग आयोजित इस कार्यक्रम में विकास खंड के विभिन्न गांवों में कृषि वैज्ञानिकों के माध्यम से चौपाल लगाकर किसानों को कृषि रक्षा संबंधित जानकारियों का आदान -प्रदान किया जाऐगा।
इस योजना के तहत चयनित गांवों में बीज - शोधन व भूमि परीक्षण के कार्य किये जाएंगे। बीज शोधन से किसानों को बीज अंकुरण न होने की समस्या से निजात मिलेगी। साथ ही भूमि शोधन से इस बात की जानकारी मिलेगी कि खेत में किस प्रकार के कीट पतंगों का प्रकोप है और इसके बचाव के लिए क्या करना चाहिए। चयनित गांवों के 50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में यह कार्यक्रम चलाया जाएगा। उपनिदेशक कृषि डा. आशुतोष मिश्रा कहते हैं कि किसानों को अच्छी प्रजातियों के संशोधित बीजों के बारे में अच्छी तकनीक की जनाकरी देने के लिए यह योजना संचालित की जा रही है।
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कृषि रक्षा इकाई की स्थानीय केन्द्र से मिली जानकारी के अनुसार कृषि रक्षा विभाग आयोजित इस कार्यक्रम में विकास खंड के विभिन्न गांवों में कृषि वैज्ञानिकों के माध्यम से चौपाल लगाकर किसानों को कृषि रक्षा संबंधित जानकारियों का आदान -प्रदान किया जाऐगा।
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इस योजना के तहत चयनित गांवों में बीज - शोधन व भूमि परीक्षण के कार्य किये जाएंगे। बीज शोधन से किसानों को बीज अंकुरण न होने की समस्या से निजात मिलेगी। साथ ही भूमि शोधन से इस बात की जानकारी मिलेगी कि खेत में किस प्रकार के कीट पतंगों का प्रकोप है और इसके बचाव के लिए क्या करना चाहिए। चयनित गांवों के 50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में यह कार्यक्रम चलाया जाएगा। उपनिदेशक कृषि डा. आशुतोष मिश्रा कहते हैं कि किसानों को अच्छी प्रजातियों के संशोधित बीजों के बारे में अच्छी तकनीक की जनाकरी देने के लिए यह योजना संचालित की जा रही है।
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