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अब अपनी जमीन पर चलेंगे आयुर्वेद अस्पताल

Mon, 01 Aug 2022 11:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 01 Aug 2022 11:12 PM IST
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Now Ayurveda Hospital will run on its own land
चिरैयाकोट के ग्राम औसतपुर में बन रहा आयुर्वेद चिकित्सालय।संवाद - फोटो : MAU
मऊ। नगर सहित जिले के नौ ब्लाकों में राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय किराए के भवन में संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन अब यह खुद के भवन में संचालित हो सकेंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन से जमीन मांगी है। खुद का भवन हो जाने से स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ेंगी और मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में कई अस्पतालों का निर्माण शुरू हो गया है। संक्रमणकाल के बाद से आयुर्वेद पद्धति का महत्व बढ़ा है, लेकिन जिले में आयुर्वेद चिकित्सा की दशा दयनीय है। कहने को तो 25 लाख की आबादी वाले जिले में 29 आयुर्वेदिक एवं छह यूनानी अस्पताल हैं लेकिन सुविधाएं न होने से मरीजों को इसका पूरा-पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। हालत यह है कि आयुर्वेद के 11 अस्पतालों को छोड़कर सभी अस्पताल गुमनामी के बीच किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं। इतना ही नहीं जिला मुख्यालय पर भी खुद के भवन के बजाए नगर के पुरानी तहसील स्थित किराए के भवन में संचालित 30 बेड का आयुर्वेद अस्पताल है। अस्पताल संचालन के लिए यहां जगह का अभाव तो बना ही है बल्कि यहां न तो पर्याप्त चिकित्सक है न ही पर्याप्त संसाधन। सकारात्मक बात है कि शासन ने आयुर्वेदिक अस्पतालों का भवन निर्माण कराने के लिए विभाग को भूमि तलाश करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद आयुर्वेद विभाग द्वारा नगर सहित दूसरे जगहों पर किराए पर संचालित अस्पताल के लिए भूमि तलाशने को लेकर जिला प्रशासन तथा संबंधित तहसील प्रशासन को पत्र लिखा है। जिले में आयुर्वेद के अस्पतालों में अभी केवल दस ही अपने भवन में संचालित हो रहे है। दस दूसरे सरकारी भवन तो नौ किराए के भवन में संचालित हो रहे है। इसमें 19 अस्पतालों में अधिकांश में भवनों में कहीं एक कमरा है तो कहीं दो कमरा। इसलिए वहां पर्याप्त दवाएं भी नहीं रखी जा सकतीं। अब इन अस्पतालों के भवन बन जाने से पर्याप्त जगह मिल जाएगी। साथ ही अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ेगी। आयुर्वेद अस्पताल के लिए बेलौली में जमीन विभाग को मिल चुकी है। जबकि चिरैयाकोट में मिली जमीन पर काम भी शुरू करा दिया गया है। जिला मुख्यालय पर 15 बेड के अस्पताल के लिए जमीन की तलाश जारी है। वहीं कसारा, मझवारा, अमिला, गोकुलपूरा, करमी में नए भवन का कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. जयराम यादव ने बताया कि शासन के मंशानुसार खुद के भवन में आयुर्वेद अस्पताल का संचालन होगा। इसके लिए जिला मुख्यालय सहित दूसरे जगहों पर जमीन चिह्नित करने की कवायद की जा रही है। वहीं चिरैयाकोट में काम शुरू करा दिया गया है।
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