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शिक्षा के अधिकार पार्टल पर पंजीकरण न कराने वाले स्कूलों को नोटिस
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मऊ। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत गरीब बच्चों को दाखिला देने से निजी स्कूल कतरा रहे हैं। नया शिक्षा सत्र शुरू होने में महज 13 दिन है, लेकिन अभी तक केवल 141 स्कूलों ने ही आरटीई के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है। जबकि जिले में 1305 मान्यता प्राप्त स्कूल हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने लापरवाही बरतने वाले 1164 स्कूलों के संचालकों के विरुद्ध मान्यता प्रत्याहरण की नोटिस जारी किया है।
जिले में 1305 मान्यता प्राप्त स्कूल संचालित हैं। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के मुताबिक निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब बच्चों के दाखिले का प्रावधान है। 2021-22 का नया शिक्षा सत्र के लिए स्कूलों का आरटीई पोर्टल पर पंजीकरण न कराने का एक बड़ा कारण खुद बेसिक शिक्षा विभाग भी है, क्योंकि विभाग की तरफ से स्कूलों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के बजाय चेतावनी देकर ही इतिश्री कर दी जाती है। गत वर्ष आरटीई के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के दाखिला की प्रक्रिया आनलाइन और आफलाइन चल रही थी। लेकिन इस वर्ष शासन की तरफ से व्यवस्था को पारदर्शी करते हुए आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दी गई है। अभिभावकों की मानें तो पोर्टल की लिस्ट में पसंदीदा स्कूलों का नाम न होने से अभिभावक आवेदन नहीं करा पा रहे हैं। परेशान लोग विभाग के कार्यालय का चक्कर काटने को विवश हैं।
इस संबंध में परदहां ब्लाक क्षेत्र के बढुआगोदाम क्षेत्र के श्रीकांत यादव, रतनपुरा क्षेत्र के मंगल सिंह, जयनारायण शर्मा का कहना है कि आरटीई लिस्ट में सभी विद्यालयों का नाम न होने से ऑनलाइन आवेदन नहीं हो पा रहा है। शिकायत के बाद भी समस्या का निस्तारण नहीं हो सका है।
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आरटीई पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले लापरवाह स्कूल संचालकों के खिलाफ नोटिस जारी की गई है। अविलंब रजिस्ट्रेशन न कराने की स्थिति में मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी।
अशोक गौतम, प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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जिले में 1305 मान्यता प्राप्त स्कूल संचालित हैं। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के मुताबिक निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब बच्चों के दाखिले का प्रावधान है। 2021-22 का नया शिक्षा सत्र के लिए स्कूलों का आरटीई पोर्टल पर पंजीकरण न कराने का एक बड़ा कारण खुद बेसिक शिक्षा विभाग भी है, क्योंकि विभाग की तरफ से स्कूलों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के बजाय चेतावनी देकर ही इतिश्री कर दी जाती है। गत वर्ष आरटीई के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के दाखिला की प्रक्रिया आनलाइन और आफलाइन चल रही थी। लेकिन इस वर्ष शासन की तरफ से व्यवस्था को पारदर्शी करते हुए आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दी गई है। अभिभावकों की मानें तो पोर्टल की लिस्ट में पसंदीदा स्कूलों का नाम न होने से अभिभावक आवेदन नहीं करा पा रहे हैं। परेशान लोग विभाग के कार्यालय का चक्कर काटने को विवश हैं।
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इस संबंध में परदहां ब्लाक क्षेत्र के बढुआगोदाम क्षेत्र के श्रीकांत यादव, रतनपुरा क्षेत्र के मंगल सिंह, जयनारायण शर्मा का कहना है कि आरटीई लिस्ट में सभी विद्यालयों का नाम न होने से ऑनलाइन आवेदन नहीं हो पा रहा है। शिकायत के बाद भी समस्या का निस्तारण नहीं हो सका है।
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आरटीई पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले लापरवाह स्कूल संचालकों के खिलाफ नोटिस जारी की गई है। अविलंब रजिस्ट्रेशन न कराने की स्थिति में मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी।
अशोक गौतम, प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी