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Mau News: हादसों से नहीं, सीएम के दौरे से पहले टूटी विभाग की नींद, मानक कुचल कर पटरी की चौड़ी
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नगर के भीटी में चौड़ीकरण के तहत बनाई गई सड़क।संवाद
लोग बोले, शाम तक गायब थी पटरी, सुबह उठते ही बनी दिखी, इसमें भी मानक का ख्याल नहीं रखा गया
शहर के भीटी चौराहे पर जाम और सड़क हादसों को रोकने के लिए लोक निर्माण विभाग ने चौराहे के चारों मार्गों पर 100 मीटर का डिवाइडर मार्च में बनाया था लेकिन सड़क के दोनों तरफ की पटरियां छोड़ दी थीं। पटरियों की चौड़ाई कम होने से हादसे हो रहे थे। अब मुख्यमंत्री का दौरा तय हुआ तो अधिकारियों ने नियम-मानक दरकिनार करते हुए सड़क की पटरी चौड़ी कर दी।
29 मई को मधुबन और जिला मुख्यालय पर मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले ही मंगलवार की देर रात लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदारों ने पटरी चौड़ी कर दी। वार्ड के लोगों का आरोप है कि चौड़ीकरण में मानकों का ध्यान नहीं रखा गया। गिट्टी न बिछाने से मोटाई मानक से कम है।
भीटी चौराहे पर डेढ़ करोड़ के इस प्रस्ताव में डिवाइडर बनाने के बाद भी स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं की गई। बीते अप्रैल माह में दो हादसों के बाद भी जिम्मेदारों की चेतना नहीं टूटी थी। अब आनन-फानन में काम कराया गया है।
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शहर के सड़क हादसों के ब्लैक स्पॉट में चिह्नित भीटी चौराहे पर जाम और सड़क हादसों को रोकने के लिए लोक निर्माण विभाग ने चौराहे के चारों मार्गों पर 100 मीटर का डिवाइडर बनाया है। इस पर एक करोड़ से ज्यादा का बजट खर्च हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग के बीचोबीच बने डिवाइडर के दोनों ओर सड़क चौड़ी होने से कोई समस्या नहीं है, लेकिन बहादुरगंज रोड और अंधा मोड़ जाने वाले मार्ग पर सड़क संकरी होने तथा बीच में डिवाइडर बनने के बाद दोनों ओर गैप होने से हादसे का डर बना हुआ था।
इस मार्ग पर बने दो सीधे डिवाइडर, भीटी से बालनिकेतन और भीटी से बहादुरगंज जाने वाले मार्गों पर परेशानी का कारण बन रहे हैं।
सड़क और पटरी के बीच आठ से 10 इंच का गैप होने के कारण कई वाहन चालक फिसलकर गिर चुके हैं और घायल हुए हैं। वहीं, इससे जाम की समस्या भी जस की तस बनी हुई थी।
इसे लेकर कई शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार इस गैप को भरना भूल गए थे। मंगलवार रात दोनों ओर मिट्टी पर बिना गिट्टी बिछाए ही डामर कर दिया गया।
समस्या को देखते हुए 15 अप्रैल को प्रकाशित किया गया था समाचार
भीटी चौराहा ब्लैक स्पॉट में चिह्नित है। इसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने बीते माह एक करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग पर शिव मंदिर के सामने और भीमराव आंबेडकर प्रतिमा के सामने 100-100 मीटर डिवाइडर बनाया है। साथ ही शिव मंदिर की तरफ से बहादुरगंज मोड़ और भीटी से अंधा मोड़ जाने वाले मार्ग पर भी 100-100 मीटर तक डिवाइडर बनाया गया है। डिवाइडर निर्माण के दौरान भीटी से अंधा मोड़ और बहादुरगंज मोड़ जाने वाले मार्गों का चौड़ीकरण नहीं किया गया, जबकि यह सड़क हाईवे की तुलना में काफी संकरी है। दोनों ओर अस्थायी अतिक्रमण की समस्या के चलते आए दिन हादसे होते रहते हैं। इसे देखते हुए अमर उजाला ने 15 अप्रैल को ‘भीटी चौराहे पर डिवाइडर बनाया, चौड़ीकरण भूल गए’ शीर्षक से प्रमुखता के साथ समाचार प्रकाशित किया था।
प्रतिक्रियाएं-- -- -- -
लगातार हादसों के बाद भी चेतना नहीं आई, लेकिन एक रात में कैसे सुध ली गई, यह बड़ा सवाल है। दो माह पहले इस डिवाइडर से एक कार टकरा गई थी। हादसे में चालक घायल हो गया था। शिकायत के बाद भी सड़क चौड़ीकरण जिम्मेदारों को याद नहीं रहा। -अविनाश सिंह, नामित सभासद, भीटी
जाम की समस्या दूर करने के लिए डिवाइडर बनाया गया था, लेकिन अब आनन-फानन में किया गया यह कार्य भी मानकविहीन है। इससे जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। -व्यापारी आनंद गुप्ता
भीटी से बालनिकेतन जाने वाले मार्ग पर डिवाइडर बनने के बाद चौड़ीकरण के अभाव में आए दिन बाइक चालक गिरकर घायल हो रहे थे। देर से ही सही, लेकिन यह चौड़ीकरण सराहनीय कार्य है। हालांकि इसमें भी मानकों का ध्यान न रखना खामियों को छिपाने की कोशिश को दिखाता है। शैलेश कुमार अनोखे, भीटी व्यापार मंडल अध्यक्ष
ब्लैक स्पॉट को देखते हुए डिवाइडर का कार्य सराहनीय है, लेकिन बीच में प्रकाश की व्यवस्था न होने से कई हादसे हुए हैं। मंगलवार शाम तक जिस गैप को भरने की मांग की जा रही थी, उसे मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए सही कराया गया। - सतीश गुप्ता, व्यापारी
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शहर के भीटी चौराहे पर जाम और सड़क हादसों को रोकने के लिए लोक निर्माण विभाग ने चौराहे के चारों मार्गों पर 100 मीटर का डिवाइडर मार्च में बनाया था लेकिन सड़क के दोनों तरफ की पटरियां छोड़ दी थीं। पटरियों की चौड़ाई कम होने से हादसे हो रहे थे। अब मुख्यमंत्री का दौरा तय हुआ तो अधिकारियों ने नियम-मानक दरकिनार करते हुए सड़क की पटरी चौड़ी कर दी।
29 मई को मधुबन और जिला मुख्यालय पर मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले ही मंगलवार की देर रात लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदारों ने पटरी चौड़ी कर दी। वार्ड के लोगों का आरोप है कि चौड़ीकरण में मानकों का ध्यान नहीं रखा गया। गिट्टी न बिछाने से मोटाई मानक से कम है।
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भीटी चौराहे पर डेढ़ करोड़ के इस प्रस्ताव में डिवाइडर बनाने के बाद भी स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं की गई। बीते अप्रैल माह में दो हादसों के बाद भी जिम्मेदारों की चेतना नहीं टूटी थी। अब आनन-फानन में काम कराया गया है।
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शहर के सड़क हादसों के ब्लैक स्पॉट में चिह्नित भीटी चौराहे पर जाम और सड़क हादसों को रोकने के लिए लोक निर्माण विभाग ने चौराहे के चारों मार्गों पर 100 मीटर का डिवाइडर बनाया है। इस पर एक करोड़ से ज्यादा का बजट खर्च हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग के बीचोबीच बने डिवाइडर के दोनों ओर सड़क चौड़ी होने से कोई समस्या नहीं है, लेकिन बहादुरगंज रोड और अंधा मोड़ जाने वाले मार्ग पर सड़क संकरी होने तथा बीच में डिवाइडर बनने के बाद दोनों ओर गैप होने से हादसे का डर बना हुआ था।
इस मार्ग पर बने दो सीधे डिवाइडर, भीटी से बालनिकेतन और भीटी से बहादुरगंज जाने वाले मार्गों पर परेशानी का कारण बन रहे हैं।
सड़क और पटरी के बीच आठ से 10 इंच का गैप होने के कारण कई वाहन चालक फिसलकर गिर चुके हैं और घायल हुए हैं। वहीं, इससे जाम की समस्या भी जस की तस बनी हुई थी।
इसे लेकर कई शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार इस गैप को भरना भूल गए थे। मंगलवार रात दोनों ओर मिट्टी पर बिना गिट्टी बिछाए ही डामर कर दिया गया।
समस्या को देखते हुए 15 अप्रैल को प्रकाशित किया गया था समाचार
भीटी चौराहा ब्लैक स्पॉट में चिह्नित है। इसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने बीते माह एक करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग पर शिव मंदिर के सामने और भीमराव आंबेडकर प्रतिमा के सामने 100-100 मीटर डिवाइडर बनाया है। साथ ही शिव मंदिर की तरफ से बहादुरगंज मोड़ और भीटी से अंधा मोड़ जाने वाले मार्ग पर भी 100-100 मीटर तक डिवाइडर बनाया गया है। डिवाइडर निर्माण के दौरान भीटी से अंधा मोड़ और बहादुरगंज मोड़ जाने वाले मार्गों का चौड़ीकरण नहीं किया गया, जबकि यह सड़क हाईवे की तुलना में काफी संकरी है। दोनों ओर अस्थायी अतिक्रमण की समस्या के चलते आए दिन हादसे होते रहते हैं। इसे देखते हुए अमर उजाला ने 15 अप्रैल को ‘भीटी चौराहे पर डिवाइडर बनाया, चौड़ीकरण भूल गए’ शीर्षक से प्रमुखता के साथ समाचार प्रकाशित किया था।
प्रतिक्रियाएं
लगातार हादसों के बाद भी चेतना नहीं आई, लेकिन एक रात में कैसे सुध ली गई, यह बड़ा सवाल है। दो माह पहले इस डिवाइडर से एक कार टकरा गई थी। हादसे में चालक घायल हो गया था। शिकायत के बाद भी सड़क चौड़ीकरण जिम्मेदारों को याद नहीं रहा। -अविनाश सिंह, नामित सभासद, भीटी
जाम की समस्या दूर करने के लिए डिवाइडर बनाया गया था, लेकिन अब आनन-फानन में किया गया यह कार्य भी मानकविहीन है। इससे जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। -व्यापारी आनंद गुप्ता
भीटी से बालनिकेतन जाने वाले मार्ग पर डिवाइडर बनने के बाद चौड़ीकरण के अभाव में आए दिन बाइक चालक गिरकर घायल हो रहे थे। देर से ही सही, लेकिन यह चौड़ीकरण सराहनीय कार्य है। हालांकि इसमें भी मानकों का ध्यान न रखना खामियों को छिपाने की कोशिश को दिखाता है। शैलेश कुमार अनोखे, भीटी व्यापार मंडल अध्यक्ष
ब्लैक स्पॉट को देखते हुए डिवाइडर का कार्य सराहनीय है, लेकिन बीच में प्रकाश की व्यवस्था न होने से कई हादसे हुए हैं। मंगलवार शाम तक जिस गैप को भरने की मांग की जा रही थी, उसे मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए सही कराया गया। - सतीश गुप्ता, व्यापारी

नगर के भीटी में चौड़ीकरण के तहत बनाई गई सड़क।संवाद

नगर के भीटी में चौड़ीकरण के तहत बनाई गई सड़क।संवाद