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नेक पहल: युवक को 22 दिन बाद मिला पिता का अस्थिकलश
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मऊ। देवाश्रम की नियमावली से 22 दिन पूर्व मरे व्यक्ति का अस्थि कलश शनिवार को उसके पुत्र को मिला। पिता का अस्थि कलश पाकर युवक की आंखें नम हो गई। इस दौरान युवक ने देवाश्रम और उसकी व्यवस्था को सराहा। जिस समय पिता की मौत हुई युवक घर पर नहीं था। जहां देवाश्रम संस्था के सदस्यों ने शव की शिनाख्त न होने की स्थिति में पुलिस द्वारा सौंपने के बाद अंतिम संस्कार करने की बात कही गई। साथ ही युवक को उसके पिता के अंतिम संस्कार के बाद अस्थि कलश दिया गया।
पिता की मौत से युवक पहले तो आहत दिखा, लेकिन कुछ देर बाद पिता की अस्थि कलश पाने के बाद अपने पिता के पूरे रीति रिवाज से अंतिम संस्कार होने पर संतोष जताया। साथ ही देवाश्रम संस्था का आभार जताते हुए संस्था के इस प्रयास की सराहना किया। देवाश्रम के प्रबंध निदेशक पीएन सिंह ने बताया कि बीते 15 मई को सरायलखंसी पुलिस ने 55 वर्षीय अधेड़ की मौत के बाद शव की शिनाख्त न होने पर उसका अंतिम संस्कार देवाश्रम द्वारा कराया गया था। बताया कि देवाश्रम के नियमानुसार लावारिस शव का अंतिम संस्कार के बाद उसका अस्थि कलश संरक्षित कर लिया गया था।
शनिवार को समाचार पत्र और सोशल मीडिया के माध्यम से मिली जानकारी पर रतनपुरा ब्लाक के धर्मागतपुर गांव निवासी मिथलेश यादव देवाश्रम के शव घर पहुंचे। यहां उन्होंने अपने पिता स्व. भीमल यादव का फोटो तथा नोटरी शपथ पत्र तथा ग्राम प्रधान द्वारा प्रदत पहचान प्रमाण पत्र देवाश्रम को दिखाया । जिसके बाद देवाश्रम के जिला संरक्षक डॉ. ओपी सिंह, जिला सलाहकार डॉ. आशुतोष राय, नमो नारायण सिंह की उपस्थिति में देवाश्रम के प्रबंध निदेशक पीएन सिंह ने दिवंगत भीमल का अस्थि कलश दिया। उधर युवक अपने पिता का अंतिम संस्कार पूरे हिंदू रीति रिवाज के साथ अस्थि कलश मिलने पर देवाश्रम के सभी सदस्यों का आभार जताया।
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पिता की मौत से युवक पहले तो आहत दिखा, लेकिन कुछ देर बाद पिता की अस्थि कलश पाने के बाद अपने पिता के पूरे रीति रिवाज से अंतिम संस्कार होने पर संतोष जताया। साथ ही देवाश्रम संस्था का आभार जताते हुए संस्था के इस प्रयास की सराहना किया। देवाश्रम के प्रबंध निदेशक पीएन सिंह ने बताया कि बीते 15 मई को सरायलखंसी पुलिस ने 55 वर्षीय अधेड़ की मौत के बाद शव की शिनाख्त न होने पर उसका अंतिम संस्कार देवाश्रम द्वारा कराया गया था। बताया कि देवाश्रम के नियमानुसार लावारिस शव का अंतिम संस्कार के बाद उसका अस्थि कलश संरक्षित कर लिया गया था।
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शनिवार को समाचार पत्र और सोशल मीडिया के माध्यम से मिली जानकारी पर रतनपुरा ब्लाक के धर्मागतपुर गांव निवासी मिथलेश यादव देवाश्रम के शव घर पहुंचे। यहां उन्होंने अपने पिता स्व. भीमल यादव का फोटो तथा नोटरी शपथ पत्र तथा ग्राम प्रधान द्वारा प्रदत पहचान प्रमाण पत्र देवाश्रम को दिखाया । जिसके बाद देवाश्रम के जिला संरक्षक डॉ. ओपी सिंह, जिला सलाहकार डॉ. आशुतोष राय, नमो नारायण सिंह की उपस्थिति में देवाश्रम के प्रबंध निदेशक पीएन सिंह ने दिवंगत भीमल का अस्थि कलश दिया। उधर युवक अपने पिता का अंतिम संस्कार पूरे हिंदू रीति रिवाज के साथ अस्थि कलश मिलने पर देवाश्रम के सभी सदस्यों का आभार जताया।
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