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धान खरीद शुरु होने के छह दिन बाद भी किसी केंद्र पर नहीं हो सकी बोहनी

Wed, 21 Oct 2020 10:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2020 10:54 PM IST
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No center could be found even after six days of paddy purchase
मऊ। धान खरीद शुरू हुए एक सप्ताह बीत गया, अभी तक जिले के किसी भी क्रय केंद्र पर बोहनी नहीं हो सकी है। जबकि विभाग की वेबसाइट पर 2225 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। विभाग की तरफ से 45 धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक धान क्रय केंद्र पर एक-एक हजार बोरा भेज दिया गया है। सातवें दिन संबंधित धान केंद्रों पर क्रय केंद प्रभारी धान खरीदने के लिए किसानों की राह ताकते नजर आए। किसानों को धान की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रशासन की तरफ से जिले में 45 धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं।
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विभाग की तरफ से इस वर्ष 2020-21 में 50 हजार एमटी धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है। धान खरीदी के सातवें दिन बुधवार को अपराह्न बाद तक किसी भी धान क्रय केंद्र पर किसान धान बेचने नहीं पहुंच सके। जबकि धान बेचने के लिए विभाग के वेबसाइटपर 2225 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। क्रय केंद्र प्रभारियों की मानें तो निचले इलाकों में बाढ़ तथा जलजमाव के चलते फसलों की कटाई धीमी गति से चल रही है। जिन किसानों की फसल कट गई है वह फसल को सूखाने में लगे हैं। विभाग की तरफ से प्रत्येक क्रय केंद्र पर एक-एक हजार बोरा भेज दिया गया है। किसानों के अनुसार विभाग की वेबसाइट हैंग होने या धीमी होने से आनलाइन टोकन जारी करने में समस्या आ रही है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों ने क्रय केंद्रों पर आफलाइन टोकन जारी करने की व्यवस्था कर दिया है।
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इस बाबत जिला खाद्य विपणन अधिकारी वीके सिन्हा का कहना है कि सभी धान क्रय केंद्र सक्रिय हैं। किसान धान को सूखाकर साफ कर क्रय केंद्रों पर ले आएं। बताया कि किसानों को किसी वजह से आनलाइन टोकन जारी करने में तकनीकी वजह से दिक्कत आ रही हो तो क्रय केंद्र पर जाकर आफलाइन टोकन जारी कर सकते हैं। क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा सहयोग न करने की स्थिति में कंट्रोल रुम में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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केस 1
एक छटांक नहीं हो सकी धान खरीद
मधुबन। कस्बा स्थित विपणन विभाग के धान क्रय केंद्र पर एक छटांक खरीद नहीं हो सकी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के चलते खेतों में पानी जमा होने के साथ ही फसल में लेढ़ा रोग लगा है। इस रोग से किसान निजात पाने की कोशिश में लगा है। उधर, क्रय केंद्र प्रभारी अमरदीप दुबे का कहना था कि क्रय केंद्र पर सभी व्यवस्था पूरी है।
केस 2
दुबारी। धान खरीद शुरू होने के छह दिन बाद सातवें दिन धान क्रय केंद्र पर सन्नाटा पसरा रहा। क्रय केंद्र नियमित खुल रहे हैं, लेकिन किसान धान बेचने नहीं जा रहे हैं। किसानों की मानेें तो बरसात के चलते धान के खेतों में पानी भरा है। हार्वेस्टर से कटाई नहीं हो पा रही है। मधुबन तहसील क्षेत्र के दुबारी क्षेत्र में लगभग 75 प्रतिशत किसानों के धान की फसल बाढ़ से नष्ट हो चुकी है। इस संबंध में किसान मुसाफिर प्रसाद यादव, टिंकल तिवारी, संत विजय सिंह, मतई मौर्य, बचन चौहान, शिवमूरत सहानी का कहना है कि हर वर्ष धान क्रय केंद्रों पर हम लोग बेचते थे लेकिन इस वर्ष बाढ़ बरसात और हरदा रोग के कारण फसल नाम मात्र बची है। इस बाबत क्रय केंद्र प्रभारी लल्लन यादव का कहना है कि तैयारी पूरी है।

केस 3
मझवारा/रानीपुर। धान खरीद शुरू होने के सातवें दिन क्षेत्र के धर्मसीपुर तथा साधन सहकारी समिति मझवारा पर बने धान क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। क्षेत्र के अधिकांश इलाकों में कटाई चल रही है। किसान फसल को सहेजने में जुटे दिखे।
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